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Mahoba News: 243 कॉन्वेंट स्कूलों की 900 सीटों पर गरीब बच्चों को मिलेगा प्रवेश
Mon, 15 Sep 2025 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 15 Sep 2025 12:07 AM IST
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महोबा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने की व्यवस्था को सशक्त करते हुए अब मजबूत रणनीति अपनाई गई है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इसके लिए माता-पिता व बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य रहेगा।
पूर्व प्राथमिक और कक्षा एक में होने वाली प्रवेश प्रक्रिया पर जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति नजर रखेगी। जिले के 243 कान्वेंट स्कूलों की 900 सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी कॉन्वेंट स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निशुल्क प्रवेश देना अनिवार्य है। इसके तहत सभी निजी स्कूलों को आरटीई पोर्टल व यू-डायस पोर्टल पर अपडेट करते हुए अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पात्रता पूरी करने वाले बच्चों को प्रवेश नहीं देने वाले विद्यालयों की मनमानी की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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यदि कोई भी स्कूल संचालक किसी पात्र छात्र को आरटीई के तहत प्रवेश देने में टालमटोल करता है तो संबंधित विद्यालय की मान्यता तक रद्द की जा सकती है। उधर, आरटीई के जिला समन्वयक शशांक सचान का कहना है कि अब कोई भी गरीब बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। आरटीई के तहत जल्द ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।
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पूर्व प्राथमिक और कक्षा एक में होने वाली प्रवेश प्रक्रिया पर जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति नजर रखेगी। जिले के 243 कान्वेंट स्कूलों की 900 सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी कॉन्वेंट स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निशुल्क प्रवेश देना अनिवार्य है। इसके तहत सभी निजी स्कूलों को आरटीई पोर्टल व यू-डायस पोर्टल पर अपडेट करते हुए अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पात्रता पूरी करने वाले बच्चों को प्रवेश नहीं देने वाले विद्यालयों की मनमानी की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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यदि कोई भी स्कूल संचालक किसी पात्र छात्र को आरटीई के तहत प्रवेश देने में टालमटोल करता है तो संबंधित विद्यालय की मान्यता तक रद्द की जा सकती है। उधर, आरटीई के जिला समन्वयक शशांक सचान का कहना है कि अब कोई भी गरीब बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। आरटीई के तहत जल्द ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।