फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   political,delhi,river,minister,mahoba news

बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा न भूले हैं और न भूलेंगे

Tue, 19 Jan 2021 11:40 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jan 2021 11:40 PM IST
विज्ञापन
political,delhi,river,minister,mahoba news
जीआईसी में आयोजित कार्यक्रम में बोलते राजा बुंदेला - फोटो : MAHOBA
महोबा। पृथक बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा न भूले हैं और न भूलेंगे। यदि मेरे इस्तीफा देने से राज्य का गठन होता है, तो तैयार हूं। यह बात बुंदेलखंड विकास बोर्ड के अध्यक्ष (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) राजा बुंदेला ने मंगलवार को कही। वह शहर के बिरमा भवन में अमर उजाला से रूबरू थे। राजा बुंदेला ने कहा कि बुंदेलखंड राज्य कब तक बनना है यह यूपी व एमपी की सरकारों पर निर्भर है। मध्य प्रदेश बेहतर स्थिति में नहीं है।
विज्ञापन

यूपी व एमपी क्षेत्र के भूभाग वाले बुंदेलखंड के जिलों के राजस्व का पता लगाया जाए। ताकि यह साफ हो सके कि राज्य बनने पर यहां और कितने धन की जरूरत होगी। बुंदेलखंड, विदर्भ और पूर्वांचल को पृथक राज्य बनाने को लेकर सरकार में मंथन चल रहा है। लड़ाई का स्वरूप बदला है, लड़ाई बंद नहीं हुई है। चुने हुए जनप्रतिनिधि की इच्छा शक्ति व जन भागीदारी में कमी है। उन्होंने सवालियां अंदाज में कहा कि बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर सभी संगठन एक मंच पर क्यों नहीं आते।
विज्ञापन

सभी एक साथ दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करें। यहां की सात नदियों का पानी और बनने वाली बिजली बुंदेलखंड को नहीं मिलती है। कबरई बर्बाद कर दिया गया है। जब तक सांसद व विधायक सदन में आवाज नहीं उठाएंगे। तब तक बुंदेलखंड के हालात नहीं सुधरेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार छोटे राज्यों की पक्षधर है। उम्मीद है कि 2022 तक पृथक राज्य को लेकर कुछ फैसला हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पंजाब के आढ़ती कर रहे आंदोलन
राजा बुंदेला ने कहा कि दिल्ली की सीमा पर कृषि कानूनों को लेकर जो आंदोलन चल रहा है वह किसान नहीं बल्कि की पंजाब के आढ़ती कर रहे हैं। यह आंदोलन नहीं अराजकता है। केंद्र सरकार किसानों की कुछ मांगों को मनाने और बातचीत को राजी है। बावजूद इसके आंदोलनकारी सरकार से बातचीत को तैयार नहीं है।
जंगल में गोवन आश्रम
कहा कि अन्ना प्रथा से मुक्ति के लिए गोवन आश्रम बनाने के लिए उन्होंने सीएम योगी आदित्य नाथ से बात की है। जंगल में गोवन आश्रम बनने से जंगलों का संतुलन भी बेहतर होगा। बुंदेलखंड में अन्ना मवेशियों की समस्या अधिक है। इससे किसान परेशान हैं। इससे मुक्ति के लिए सरकार कदम उठाने की योजना तैयार कर रही है।

----
फोटो 19 एमएएचपी 11 परिचय-जीआईसी में आयोजित कार्यक्रम में बोलते राजा बुंदेला। संवाद
बुंदेली समाज के संयोजक ने बुंदेला से मांगा इस्तीफा
महोबा। नगर के राजकीय इंटर कालेज में पानी, जवानी, किसानी संवाद यात्रा लेकर पहुंचे बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजा बुंदेला ने कहा कि बुंदलेखंड राज्य की लड़ाई लंबे समय से चल रही है। बिना अलग राज्य के विकास की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। अलग बुंदेलखंड राज्य बनने से न केवल विकास तेजी से होगा। बल्कि रोजगार के दरवाजे भी खुलेंगे। इस दौरान बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बुंदेलखंड राज्य न बनने पर राजा बुंदेला से इस्तीफा देने की मांग की। राजा बुंदेला की बात सुनने के बाद तारा पाटकर बीच में कार्यक्रम छोड़कर चले गए। इस मौके पर राजा बुंदेला ने छात्रों से संवाद भी किया। इस मौके पर बुंदेलखंड विकास बोर्ड के सदस्य रामस्वरूप श्रीवास, मुकेश गुप्ता, रामजी गुप्ता समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed