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गरीबों, असहायों को बेघर करने वाली बनी पीएम आवास योजना
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कुलपहाड़ (महोबा)। पीएम आवास योजना गरीबों, असहायों व बेसहारा लोगों के लिए गले की फांस बन गई है। पक्की छत का सपना संजोए गरीब पात्रता की श्रेणी में आने के बाद बेघर हो गए हैं। झुग्गी-झोपड़ी गिराकर योजना के तहत मिली पहली किस्त से फाउंडेशन तो बनवा लिया, लेकिन दूसरी और तीसरी किस्त न आने से वह खुले आसमान के नीचे जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। कुलपहाड़ में कई ऐसे पात्र लाभार्थी हैं, जिनको 4 से 8 माह पूर्व 50 हजार रुपये के रूप में पहली किस्त मिली थी, तब उन्होंने कच्चा आशियाना तोड़कर पीएम आवास का निर्माण शुरू दिया था, अब परेशान हैं।
कस्बा कुलपहाड़ के वार्ड नं. सात गोविंद नगर निवासी जय देेवी पत्नी जयपाल ने बताया कि आठ माह पहले प्रधानमंत्री आवास के लिए मकान स्वीकृत हुआ और पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये दिए गए। किस्त आने पर मकान तोड़कर नींव बनवा ली, लेकिन अभी तक दूसरी किस्त खाते में नहीं भेजी गई। तहसील व विभागीय स्तर पर कई बार शिकायत करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। अब तीन लड़की और तीन लड़कों के साथ पन्नी तानकर रह रहे हैं।
गोविंद नगर निवासी राजू पुत्र इकबाल कहते हैं कि चार महीने पहले पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये की पहली किस्त दी गई। खाते से रुपये निकालकर और मकान को तोड़कर नींव भरवा दी, लेकिन उसके बाद में दूसरी किस्त के नाम पर एक धेला तक नहीं मिला और शिकायत करने पर सिर्फ आश्वासन देकर टहला दिया गया। वह परिवार सहित खुले में रहने को मजबूर हैं।
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कुलपहाड़ के दीपक पुत्र प्रमोद का कहना है कि पहली किस्त जारी होने के बाद उन्हें जल्द ही पक्की छत मिलने की उम्मीद जगी, लेकिन इसके बाद दो किस्तों में मिलने वाला दो लाख रुपये खाते में नहीं आया। जिससे मकान अधूरा पड़ा है। कुछ दिन पहले बहू रागिनी ने बच्चे को जन्म दिया लेकिन मकान न होने से उसे दूसरे के मकान में ठहराया।
प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा लाभार्थियों के खातों में भेजा गया, लेकिन किसी का आधार व अन्य गड़बड़ी के चलते खातों में पैसा नहीं पहुंच सका। ऐसे 5,150 लाभार्थी थे, जिनके खातों में पैसा नहीं पहुंचा। इनमें से पांच हजार लाभार्थियों की खामियों को दूर करा दिया गया है। शेष लाभार्थियों का भी डाटा फीड कराया जा रहा है। जल्द ही उनके खातों में आवास की दूसरी व तीसरी किस्त पहुंच जाएगी।
- शरदजीत, तकनीकी अधिकारी, डूडा विभाग
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कस्बा कुलपहाड़ के वार्ड नं. सात गोविंद नगर निवासी जय देेवी पत्नी जयपाल ने बताया कि आठ माह पहले प्रधानमंत्री आवास के लिए मकान स्वीकृत हुआ और पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये दिए गए। किस्त आने पर मकान तोड़कर नींव बनवा ली, लेकिन अभी तक दूसरी किस्त खाते में नहीं भेजी गई। तहसील व विभागीय स्तर पर कई बार शिकायत करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। अब तीन लड़की और तीन लड़कों के साथ पन्नी तानकर रह रहे हैं।
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गोविंद नगर निवासी राजू पुत्र इकबाल कहते हैं कि चार महीने पहले पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये की पहली किस्त दी गई। खाते से रुपये निकालकर और मकान को तोड़कर नींव भरवा दी, लेकिन उसके बाद में दूसरी किस्त के नाम पर एक धेला तक नहीं मिला और शिकायत करने पर सिर्फ आश्वासन देकर टहला दिया गया। वह परिवार सहित खुले में रहने को मजबूर हैं।
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कुलपहाड़ के दीपक पुत्र प्रमोद का कहना है कि पहली किस्त जारी होने के बाद उन्हें जल्द ही पक्की छत मिलने की उम्मीद जगी, लेकिन इसके बाद दो किस्तों में मिलने वाला दो लाख रुपये खाते में नहीं आया। जिससे मकान अधूरा पड़ा है। कुछ दिन पहले बहू रागिनी ने बच्चे को जन्म दिया लेकिन मकान न होने से उसे दूसरे के मकान में ठहराया।
प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा लाभार्थियों के खातों में भेजा गया, लेकिन किसी का आधार व अन्य गड़बड़ी के चलते खातों में पैसा नहीं पहुंच सका। ऐसे 5,150 लाभार्थी थे, जिनके खातों में पैसा नहीं पहुंचा। इनमें से पांच हजार लाभार्थियों की खामियों को दूर करा दिया गया है। शेष लाभार्थियों का भी डाटा फीड कराया जा रहा है। जल्द ही उनके खातों में आवास की दूसरी व तीसरी किस्त पहुंच जाएगी।
- शरदजीत, तकनीकी अधिकारी, डूडा विभाग