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राशन की दुकान चयन को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन
अमर उजाला महोबा
Updated Wed, 15 Jun 2016 11:50 PM IST
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प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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विकासखंड कबरई के ग्राम पचपहरा में ग्रामसभा की खुली बैठक में सरकारी राशन की दुकान के प्रस्ताव को लेकर चर्चा होने के बाद दूसरे को कोटा दे दिए जाने से ग्रामीण भड़क उठे। बुधवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंच प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंप मामले की जांच कराकर सही व्यक्ति को कोटा दिए जाने की मांग की है।
ग्राम पंचायत पचपहरा के बृजलाल, दयाराम, प्रागीलाल, रामदास, राम सजीवन, छोटे, बाबूलाल, नरेश कुमार, जलालुद्दीन समेत कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि 18 मार्च को ग्रामसभा में खुली बैठक हुई थी। जिसमें सरकारी राशन की दुकान के प्रस्ताव पर विचार किया गया था और ग्रामीणों ने अपनी सहमति जताई थी। मंगलवार को नायब तहसीलदार जांच के लिए गांव पहुंचे।
उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के जगरूप सिंह ने सूखा राहत की चेक बांटने के बहाने ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी की और उपस्थित लोगों से हस्ताक्षर करा लिए। बाद में ग्रामीणों को पता चला कि राशन की दुकान के लिए उनके हस्ताक्षर कराए गए हैं। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और डीएम से मामले की जांच कराकर सही व्यक्ति को सरकारी राशन की दुकान दिए जाने की मांग की है।
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ग्राम पंचायत पचपहरा के बृजलाल, दयाराम, प्रागीलाल, रामदास, राम सजीवन, छोटे, बाबूलाल, नरेश कुमार, जलालुद्दीन समेत कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि 18 मार्च को ग्रामसभा में खुली बैठक हुई थी। जिसमें सरकारी राशन की दुकान के प्रस्ताव पर विचार किया गया था और ग्रामीणों ने अपनी सहमति जताई थी। मंगलवार को नायब तहसीलदार जांच के लिए गांव पहुंचे।
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उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के जगरूप सिंह ने सूखा राहत की चेक बांटने के बहाने ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी की और उपस्थित लोगों से हस्ताक्षर करा लिए। बाद में ग्रामीणों को पता चला कि राशन की दुकान के लिए उनके हस्ताक्षर कराए गए हैं। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और डीएम से मामले की जांच कराकर सही व्यक्ति को सरकारी राशन की दुकान दिए जाने की मांग की है।
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