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Mahoba News: बिना टेस्टिंग हो गया भुगतान, अब झांक रहे भ्रष्टाचार के छेद
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-जल जीवन मिशन योजना के तहत बनाई गई हैं 132 टंकियां
-1,100 करोड़ से जिले में संचालित हैं पांच पेयजल परियोजनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिले में जल जीवन मिशन के तहत 1,100 करोड़ से पांच पेयजल परियोजनाएं संचालित हैं। इन परियोजनाओं में जिले में 132 टंकियों का निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्थाओं का भुगतान तो हो गया लेकिन अब भ्रष्टाचार की परतें खुल रही हैं। ब्लॉक जैतपुर के नगाराडांग में टंकी लीकेज होने का मामला पहला नहीं है। इससे पहले श्रीनगर और सिजवाहा में भी टंकी के क्षतिग्रस्त होने व लीकेज होने के मामले सामने आ चुके हैं।
30 जनवरी को जिले के दौरे पर आए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने प्रधानों के साथ रोक लिया था। इस दौरान जल जीवन मिशन के तहत गांव में खोदी गईं सड़कों को दुरुस्त न कराने और अधिकांश गांवों में पानी न पहुंचने की समस्या बताई गई थी। विधायक ने योजनाओं में अनियमितता का आरोप भी लगाया था। इसके बाद मामला शासन स्तर तक पहुंच गया और जलशक्ति मंत्री ने अफसरों के साथ बैठक कर 30 दिन में सभी परियोजनाओं का काम पूरा कर हर घर पानी पहुंचाने के निर्देश दिए थे लेकिन जिले में योजना के तहत कराए गए काम की कलई खुल रही है। टेस्टिंग में ही टंकियों के लीकेज होने, खोदी सड़कें दुरुस्त न होने व गांवोंं में अधिकांश लोगों को अभी तक पानी न मिलने के मामले उजागर हो रहे हैं।
ब्लॉक जैतपुर के नगाराडांग गांव में 65 लाख की लागत से टंकी का निर्माण कराया गया। पानी भरते ही टंकी में लीकेज हो गया। प्रधान गायत्री ने डीएम को शिकायत कर बताया कि पानी भरने के दूसरे दिन ही टंकी में दरारें आईं और पानी नीचे गिरने लगा। यह तो महज बानगी है। गांव-गांव में लीकेज पाइपलाइन गुणवत्ता की पोल खोल रहीं हैं। जिले में बनाई गईं 132 पानी की टंकियों में से अधिकांश की टेस्टिंग की जा चुकी है। कुछ टंकियों की टेस्टिंग अभी भी चल रही है लेकिन संस्थाओं का भुगतान हो जाने के बाद अब घटिया निर्माण की पोल खुल रही है। जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता संदेश सिंह तोमर का कहना है कि सभी टंकियों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। पानी ओवरफ्लो होने से नगाराडांग की टंकी उफनाई थी। टंकी में दरारें व लीकेज होने जैसी कोई समस्या नहीं है।
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केस-एक
फोटो 16 एमएएचपी 07 परिचय-डेढ़ साल पहले ढिकवाहा गांव की यह टंकी हुई थी लीकेज। आर्काइव
जल जीवन मिशन के तहत ढिकवाहा गांव में तीन लाख लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक बनाया गया है। डेढ़ साल पहले टेस्टिंग के दौरान टंकी से पानी का रिसाव शुरू हो गया था। तब टंकी के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। साथ ही टंकी का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद दोबारा मरम्मत कराई गई।
केस-दो
फोटो 16 एमएएचपी 08 परिचय-श्रीनगर में टेस्टिंग के दौरान 14 जून 2025 को इस टंकी में हुआ था लीकेज। आर्काइव
धवर्रा-सिजवाहा ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत कस्बा श्रीनगर में टंकी का निर्माण हुआ था। 14 जून 2025 को टेस्टिंग के दौरान टंकी लीकेज हो गई थी। बड़ी मात्रा में पानी का रिसाव होने पर लोगों ने घटिया निर्माण के आरोप लगाए थे और जांच की मांग की थी लेकिन कार्यदायी संस्थाओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में दोबारा टंकियों को दुरुस्त करा दिया गया।
डीएम ने जांच के लिए गठित की तीन सदस्यीय समिति
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम गजल भारद्वाज ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। डीएम ने बताया कि एडीएम नमामि गंगे, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड प्रथम व अधिशासी अभियंता मौदहा बांध की तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। जो पूरे मामले की तकनीकी और स्थलीय जांच कर शीघ्र आख्या प्रस्तुत करेगी।
दावे पर सवाल, जब टंकी ओवरफ्लो हुई तो क्यों कराई जा रही दुरुस्त
-गांव की खोदी गई सड़कें भी नहीं हुई दुरुस्त, बिना टोटियाें के दरवाजे पर लटके हैं पाइप
फोटो 16 एमएएचपी 09 परिचय-नगाराडांग गांव में टंकी लीकेज होने पर दुरुस्त करते मिस्त्री व श्रमिक। संवाद
फोटो 16 एमएएचपी 10 परिचय-टंकी को दुरुस्त करने के लिए बालू-सीमेंट का मसाला तैयार करता श्रमिक। संवाद
फोटो 16 एमएएचपी 11 परिचय-नगाराडांग गांव में पाइपलाइन बिछाने के बाद नहीं दुरुस्त हुई क्षतिग्रस्त सड़क। संवाद
फोटो 16 एमएएचपी 12 परिचय-कनेक्शन देने के बाद बिना टोटियां के इस तरह दरवाजों पर लटका दिए गए पाइप। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा/अजनर। ब्लॉक जैतपुर के नगाराडांग गांव में नवनिर्मित पानी की टंकी लीकेज होने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद विभाग ने ओवरफ्लो होने से पानी गिरने का दावा किया है। जिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोमवार को पूरे दिन श्रमिक बालू-सीमेंट का मसाला टंकी पर चढ़ाकर उसे दुरुस्त करते नजर आए। इस पर ग्रामीणों ने विभाग के दावे पर कटाक्ष किया। कहा कि जब टंकी ओवरफ्लो हुई तो इसे दुरुस्त क्यों कराया जा रहा है।
जल जीवन मिशन के तहत कराए गए कार्यों की गुणवत्ता की पोल खुलने के बाद भी जिम्मेदार परदा डालने की कोशिश कर रहे हैं। नगाराडांग गांव में टंकी में लीकेज होने का मामला उजागर होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने इसे ओवरफ्लो से पानी बहने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया लेकिन संवाद न्यूज एजेंसी की टीम गांव पहुंची तो हकीकत अलग नजर आई। टंकी को दुरुस्त करने का काम चल रहा था। तीन श्रमिक टंकी के ऊपर चढ़े थे जबकि नीचे खड़े श्रमिक बालू-सीमेंट का मसाला बनाकर ऊपर पहुंचा रहे थे। इससे स्पष्ट है कि टंकी लीकेज हुई और उसी से पानी बहकर बर्बाद हुआ। यदि पानी ओवरफ्लो होता तो टंकी को दुरुस्त कराने की जरूरत ही नहीं थी। इसके अलावा गांव में जल जीवन मिशन के तहत कराए गए कार्य अधूरे नजर आए। पाइपलाइन डालने के लिए गांव की खोदी गईं अधिकांश सड़कें अभी भी क्षतिग्रस्त हैं। 40 फीसदी घरों में ही पानी पहुंचा जबकि विभाग दस माह से पूरे गांव में आपूर्ति का दाव कर रहा है। अधिकांश ग्रामीणों के घरों के बाहर कनेक्शन के पाइप लटके मिले। इनमें आज तक न तो टोटियां मिलीं और न ही एक बूंद पानी आया।
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बातचीत
लाइन चालू करते ही बढ़ा टंकी का लीकेज
फोटो 16 एमएएचपी 13 परिचय-वीरेंद्र खरे। संवाद
नगाराडांग के पूर्व प्रधान वीरेंद्र खरे का कहना है कि पानी की टंकी चालू हुई थी। 15 दिन पहले तक 20 घरों में ही पानी पहुंचता था। उस दौरान लीकेज कम था। दस दिन पहले आधे गांव की लाइन चालू की गई। इससे टंकी में लीकेज बढ़ गया। इससे पानी बर्बाद हुआ। अभी भी पूरे गांव में पानी नहीं पहुंच रहा है।
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फोटो 16 एमएएचपी 14 परिचय-रामकुमार। संवाद
गांव के रामकुमार बताते हैं कि उनके मोहल्ले में आज तक पाइपलाइन में पानी नहीं आया। पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गईं सड़कें भी अभी तक दुरुस्त नहीं हुईं। इससे आवाजाही में दिक्कत हो रही है। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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फोटो 16 एमएएचपी 15 परिचय-देवेंद्र राजपूत। संवाद
गांव के देवेंद्र राजपूत बताते हैं कि आधे मोहल्ले में आपूर्ति हो रही है लेकिन आधे में आज तक पानी नहीं आया। टंकी भी लीकेज हो गई है। पूरे गांव को पानी कब मिलेगा, यह कोई नहीं बता रहा है। कुछ घरों में नए कनेक्शन दिए गए हैं। जिनके पाइप दरवाजों पर लटका दिए गए और टोटिंयां भी नहीं लगाई गईं।
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विभाग का दावा, ओवरफ्लो होने से बहा टंकी का पानी
महोबा। अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति मोईनुल इस्लाम का कहना है कि नगाराडांग में निर्मित टंकी के ऊपरी हिस्से से पानी गिरने के वीडियो की जांच कराई गई है। इस टंकी का निर्माण धवर्रा-सिजवाहा ग्राम समूह पेयजल परियोजना के तहत वर्ष 2025 में पूर्ण कराया गया है। मामले की जांच अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण संदेश सिंह तोमर से कराई गई। उन्होंंने स्थलीय जांच कर अवगत कराया कि नगाराडांग समेत अन्य गांवोंं में दस माह से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जांच में टंकी में कोई स्ट्रक्चरल क्षति नहीं पाई गई। वायरल वीडियो में ओवरफ्लो के चलते टंकी के ऊपरी हिस्से से पानी बहता प्रतीत हो रहा है। टंकी की गुणवत्ता की जांच पूर्व में थर्ड पार्टी इस्पेक्शन एजेंसी सेन्सिस की ओर से भी गई है। धवर्रा-सिजवाहा पेयजल योजना वर्तमान में ट्रायल एंड रन के अंतर्गत संचालित हैं।
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एक नजर में पेयजल परियोजनाएं व लागत
-धवर्रा-सिजवाहा पेयजल परियोजना-295.53 करोड़
-शिवहार पेयजल परियोजना-252.49 करोड़
-सलइया पेयजल परियोजना-223.14 करोड़
-लहचूरा पेयजल परियोजना-203.03 करोड़
-कबरई पेयजल परियोजना-128.58 करोड़
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अखिलेश बोले, ये जल मिशन नहीं कमीशन मिशन है
फोटो 16 एमएएचपी 16 परिचय-सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से फेसबुक पर की गई पोस्ट। स्रोत: फेसबुक
महोबा। जल जीवन मिशन योजना के तहत पानी की टंकी लीकेज होने पर सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फेसबुक पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि महोबा में भाजपा के भ्रष्टाचार के बोझ को न उठा पाई पानी की टंकी। यहां बुलडोजर नहीं चलेगा, क्योंंकि भ्रष्टाचार की पाइप लाइन महोबा से लखनऊ तक जलापूर्ति की जगह धनापूर्ति कर रही है। ये जल मिशन नहीं कमीशन मिशन है।
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-1,100 करोड़ से जिले में संचालित हैं पांच पेयजल परियोजनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिले में जल जीवन मिशन के तहत 1,100 करोड़ से पांच पेयजल परियोजनाएं संचालित हैं। इन परियोजनाओं में जिले में 132 टंकियों का निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्थाओं का भुगतान तो हो गया लेकिन अब भ्रष्टाचार की परतें खुल रही हैं। ब्लॉक जैतपुर के नगाराडांग में टंकी लीकेज होने का मामला पहला नहीं है। इससे पहले श्रीनगर और सिजवाहा में भी टंकी के क्षतिग्रस्त होने व लीकेज होने के मामले सामने आ चुके हैं।
30 जनवरी को जिले के दौरे पर आए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने प्रधानों के साथ रोक लिया था। इस दौरान जल जीवन मिशन के तहत गांव में खोदी गईं सड़कों को दुरुस्त न कराने और अधिकांश गांवों में पानी न पहुंचने की समस्या बताई गई थी। विधायक ने योजनाओं में अनियमितता का आरोप भी लगाया था। इसके बाद मामला शासन स्तर तक पहुंच गया और जलशक्ति मंत्री ने अफसरों के साथ बैठक कर 30 दिन में सभी परियोजनाओं का काम पूरा कर हर घर पानी पहुंचाने के निर्देश दिए थे लेकिन जिले में योजना के तहत कराए गए काम की कलई खुल रही है। टेस्टिंग में ही टंकियों के लीकेज होने, खोदी सड़कें दुरुस्त न होने व गांवोंं में अधिकांश लोगों को अभी तक पानी न मिलने के मामले उजागर हो रहे हैं।
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ब्लॉक जैतपुर के नगाराडांग गांव में 65 लाख की लागत से टंकी का निर्माण कराया गया। पानी भरते ही टंकी में लीकेज हो गया। प्रधान गायत्री ने डीएम को शिकायत कर बताया कि पानी भरने के दूसरे दिन ही टंकी में दरारें आईं और पानी नीचे गिरने लगा। यह तो महज बानगी है। गांव-गांव में लीकेज पाइपलाइन गुणवत्ता की पोल खोल रहीं हैं। जिले में बनाई गईं 132 पानी की टंकियों में से अधिकांश की टेस्टिंग की जा चुकी है। कुछ टंकियों की टेस्टिंग अभी भी चल रही है लेकिन संस्थाओं का भुगतान हो जाने के बाद अब घटिया निर्माण की पोल खुल रही है। जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता संदेश सिंह तोमर का कहना है कि सभी टंकियों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। पानी ओवरफ्लो होने से नगाराडांग की टंकी उफनाई थी। टंकी में दरारें व लीकेज होने जैसी कोई समस्या नहीं है।
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जल जीवन मिशन के तहत ढिकवाहा गांव में तीन लाख लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक बनाया गया है। डेढ़ साल पहले टेस्टिंग के दौरान टंकी से पानी का रिसाव शुरू हो गया था। तब टंकी के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। साथ ही टंकी का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद दोबारा मरम्मत कराई गई।
केस-दो
फोटो 16 एमएएचपी 08 परिचय-श्रीनगर में टेस्टिंग के दौरान 14 जून 2025 को इस टंकी में हुआ था लीकेज। आर्काइव
धवर्रा-सिजवाहा ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत कस्बा श्रीनगर में टंकी का निर्माण हुआ था। 14 जून 2025 को टेस्टिंग के दौरान टंकी लीकेज हो गई थी। बड़ी मात्रा में पानी का रिसाव होने पर लोगों ने घटिया निर्माण के आरोप लगाए थे और जांच की मांग की थी लेकिन कार्यदायी संस्थाओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में दोबारा टंकियों को दुरुस्त करा दिया गया।
डीएम ने जांच के लिए गठित की तीन सदस्यीय समिति
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम गजल भारद्वाज ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। डीएम ने बताया कि एडीएम नमामि गंगे, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड प्रथम व अधिशासी अभियंता मौदहा बांध की तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। जो पूरे मामले की तकनीकी और स्थलीय जांच कर शीघ्र आख्या प्रस्तुत करेगी।
दावे पर सवाल, जब टंकी ओवरफ्लो हुई तो क्यों कराई जा रही दुरुस्त
-गांव की खोदी गई सड़कें भी नहीं हुई दुरुस्त, बिना टोटियाें के दरवाजे पर लटके हैं पाइप
फोटो 16 एमएएचपी 09 परिचय-नगाराडांग गांव में टंकी लीकेज होने पर दुरुस्त करते मिस्त्री व श्रमिक। संवाद
फोटो 16 एमएएचपी 10 परिचय-टंकी को दुरुस्त करने के लिए बालू-सीमेंट का मसाला तैयार करता श्रमिक। संवाद
फोटो 16 एमएएचपी 11 परिचय-नगाराडांग गांव में पाइपलाइन बिछाने के बाद नहीं दुरुस्त हुई क्षतिग्रस्त सड़क। संवाद
फोटो 16 एमएएचपी 12 परिचय-कनेक्शन देने के बाद बिना टोटियां के इस तरह दरवाजों पर लटका दिए गए पाइप। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा/अजनर। ब्लॉक जैतपुर के नगाराडांग गांव में नवनिर्मित पानी की टंकी लीकेज होने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद विभाग ने ओवरफ्लो होने से पानी गिरने का दावा किया है। जिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोमवार को पूरे दिन श्रमिक बालू-सीमेंट का मसाला टंकी पर चढ़ाकर उसे दुरुस्त करते नजर आए। इस पर ग्रामीणों ने विभाग के दावे पर कटाक्ष किया। कहा कि जब टंकी ओवरफ्लो हुई तो इसे दुरुस्त क्यों कराया जा रहा है।
जल जीवन मिशन के तहत कराए गए कार्यों की गुणवत्ता की पोल खुलने के बाद भी जिम्मेदार परदा डालने की कोशिश कर रहे हैं। नगाराडांग गांव में टंकी में लीकेज होने का मामला उजागर होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने इसे ओवरफ्लो से पानी बहने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया लेकिन संवाद न्यूज एजेंसी की टीम गांव पहुंची तो हकीकत अलग नजर आई। टंकी को दुरुस्त करने का काम चल रहा था। तीन श्रमिक टंकी के ऊपर चढ़े थे जबकि नीचे खड़े श्रमिक बालू-सीमेंट का मसाला बनाकर ऊपर पहुंचा रहे थे। इससे स्पष्ट है कि टंकी लीकेज हुई और उसी से पानी बहकर बर्बाद हुआ। यदि पानी ओवरफ्लो होता तो टंकी को दुरुस्त कराने की जरूरत ही नहीं थी। इसके अलावा गांव में जल जीवन मिशन के तहत कराए गए कार्य अधूरे नजर आए। पाइपलाइन डालने के लिए गांव की खोदी गईं अधिकांश सड़कें अभी भी क्षतिग्रस्त हैं। 40 फीसदी घरों में ही पानी पहुंचा जबकि विभाग दस माह से पूरे गांव में आपूर्ति का दाव कर रहा है। अधिकांश ग्रामीणों के घरों के बाहर कनेक्शन के पाइप लटके मिले। इनमें आज तक न तो टोटियां मिलीं और न ही एक बूंद पानी आया।
बातचीत
लाइन चालू करते ही बढ़ा टंकी का लीकेज
फोटो 16 एमएएचपी 13 परिचय-वीरेंद्र खरे। संवाद
नगाराडांग के पूर्व प्रधान वीरेंद्र खरे का कहना है कि पानी की टंकी चालू हुई थी। 15 दिन पहले तक 20 घरों में ही पानी पहुंचता था। उस दौरान लीकेज कम था। दस दिन पहले आधे गांव की लाइन चालू की गई। इससे टंकी में लीकेज बढ़ गया। इससे पानी बर्बाद हुआ। अभी भी पूरे गांव में पानी नहीं पहुंच रहा है।
फोटो 16 एमएएचपी 14 परिचय-रामकुमार। संवाद
गांव के रामकुमार बताते हैं कि उनके मोहल्ले में आज तक पाइपलाइन में पानी नहीं आया। पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गईं सड़कें भी अभी तक दुरुस्त नहीं हुईं। इससे आवाजाही में दिक्कत हो रही है। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
फोटो 16 एमएएचपी 15 परिचय-देवेंद्र राजपूत। संवाद
गांव के देवेंद्र राजपूत बताते हैं कि आधे मोहल्ले में आपूर्ति हो रही है लेकिन आधे में आज तक पानी नहीं आया। टंकी भी लीकेज हो गई है। पूरे गांव को पानी कब मिलेगा, यह कोई नहीं बता रहा है। कुछ घरों में नए कनेक्शन दिए गए हैं। जिनके पाइप दरवाजों पर लटका दिए गए और टोटिंयां भी नहीं लगाई गईं।
विभाग का दावा, ओवरफ्लो होने से बहा टंकी का पानी
महोबा। अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति मोईनुल इस्लाम का कहना है कि नगाराडांग में निर्मित टंकी के ऊपरी हिस्से से पानी गिरने के वीडियो की जांच कराई गई है। इस टंकी का निर्माण धवर्रा-सिजवाहा ग्राम समूह पेयजल परियोजना के तहत वर्ष 2025 में पूर्ण कराया गया है। मामले की जांच अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण संदेश सिंह तोमर से कराई गई। उन्होंंने स्थलीय जांच कर अवगत कराया कि नगाराडांग समेत अन्य गांवोंं में दस माह से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जांच में टंकी में कोई स्ट्रक्चरल क्षति नहीं पाई गई। वायरल वीडियो में ओवरफ्लो के चलते टंकी के ऊपरी हिस्से से पानी बहता प्रतीत हो रहा है। टंकी की गुणवत्ता की जांच पूर्व में थर्ड पार्टी इस्पेक्शन एजेंसी सेन्सिस की ओर से भी गई है। धवर्रा-सिजवाहा पेयजल योजना वर्तमान में ट्रायल एंड रन के अंतर्गत संचालित हैं।
एक नजर में पेयजल परियोजनाएं व लागत
-धवर्रा-सिजवाहा पेयजल परियोजना-295.53 करोड़
-शिवहार पेयजल परियोजना-252.49 करोड़
-सलइया पेयजल परियोजना-223.14 करोड़
-लहचूरा पेयजल परियोजना-203.03 करोड़
-कबरई पेयजल परियोजना-128.58 करोड़
अखिलेश बोले, ये जल मिशन नहीं कमीशन मिशन है
फोटो 16 एमएएचपी 16 परिचय-सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से फेसबुक पर की गई पोस्ट। स्रोत: फेसबुक
महोबा। जल जीवन मिशन योजना के तहत पानी की टंकी लीकेज होने पर सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फेसबुक पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि महोबा में भाजपा के भ्रष्टाचार के बोझ को न उठा पाई पानी की टंकी। यहां बुलडोजर नहीं चलेगा, क्योंंकि भ्रष्टाचार की पाइप लाइन महोबा से लखनऊ तक जलापूर्ति की जगह धनापूर्ति कर रही है। ये जल मिशन नहीं कमीशन मिशन है।