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Mahoba News: बुखार और खांसी के डेढ़ गुना बढ़े मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। गलन भरी ठंड से सांस रोगियों के साथ ही जुकाम, खांसी व बुखार के मरीजों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले 65 फीसदी मरीज जुकाम, बुखार व खांसी से ग्रसित हैं। चिकित्सक सर्दी में लापरवाही न बरतने की सलाह दे रहे हैं। वहीं निजी क्लीनिकों में भी बुखार और खांसी के मरीजों में इजाफा हुआ है।
शुक्रवार को जिला अस्पताल खुलते ही पर्चा काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की भीड़ जुट गई। ओपीडी में 594 मरीज उपचार कराने पहुंचे। जिनमें से सबसे ज्यादा मरीज जुकाम, बुखार और खांसी के रहे। डॉ. नरेंद्र राजपूत ने बताया कि ओपीडी में बुखार व खांसी के मरीजों की संख्या अधिक हो गई है। पहले जहां 40 फीसदी मरीज आ रहे थे जो अब बढ़कर 65 फीसदी हो गई है। वहीं 90 बच्चे उपचार को पहुंचे। जिनमें से 40 से 50 बच्चे खांसी, जुकाम और बुखार के रहे। उन्होंने कहा कि गलन भरी सर्दी पड़ रही है। ऐसे में सर्दी से बचाव करें। ऊनी कपड़े पहनें। ठंड पदार्थों को खाने से बचाव करें।
इंसेट
रुई में 30 रुपये तो कोयले में 20 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी
फोटो 05 एमएएचपी 02 परिचय-पुराने प्राइवेट बस स्टैंड के पास रजाई तांगते कल्लू खां।
महोबा। कड़कड़ाती ठंड से कोयले और रजाई के दाम में वृद्धि हो गई है। रजाई की रुई 30 रुपये किलो तो कोयले में 20 रुपये प्रतिकिलो की बढ़ोतरी हुई है। सर्दी में अलाव ही लोगों के लिए सहारा है। इसके साथ ही ऊनी कपड़ों की मांग भी बढ़ी है। बाजार में कोयले की बिक्री भी खूब हो रही है। सर्दी के पहले रोजाना एक क्विंटल की बिक्री होती थी जो डेढ़ क्विंटल तक पहुंच गई है। कल्लू खां ने बताया कि ठंड बढ़ने से ग्राहकों की आमद बढ़ी है। बाजार में कंबल अधिक बिकने से रुई का कारोबार प्रभावित हुआ है। महिला कमला ने बताया कि अधिकांश लोग मोटी रजाई भरवा रहे हैं। प्रतिदिन 500 से 600 किलो रुई खपत हो रही है। रुई के दाम 80 रुपये से बढ़कर 110 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। इसी तरह कोयले के दाम पहले 40 रुपये थे, जो अब 60 रुपये प्रति किलो हो गया है।
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महोबा। गलन भरी ठंड से सांस रोगियों के साथ ही जुकाम, खांसी व बुखार के मरीजों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले 65 फीसदी मरीज जुकाम, बुखार व खांसी से ग्रसित हैं। चिकित्सक सर्दी में लापरवाही न बरतने की सलाह दे रहे हैं। वहीं निजी क्लीनिकों में भी बुखार और खांसी के मरीजों में इजाफा हुआ है।
शुक्रवार को जिला अस्पताल खुलते ही पर्चा काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की भीड़ जुट गई। ओपीडी में 594 मरीज उपचार कराने पहुंचे। जिनमें से सबसे ज्यादा मरीज जुकाम, बुखार और खांसी के रहे। डॉ. नरेंद्र राजपूत ने बताया कि ओपीडी में बुखार व खांसी के मरीजों की संख्या अधिक हो गई है। पहले जहां 40 फीसदी मरीज आ रहे थे जो अब बढ़कर 65 फीसदी हो गई है। वहीं 90 बच्चे उपचार को पहुंचे। जिनमें से 40 से 50 बच्चे खांसी, जुकाम और बुखार के रहे। उन्होंने कहा कि गलन भरी सर्दी पड़ रही है। ऐसे में सर्दी से बचाव करें। ऊनी कपड़े पहनें। ठंड पदार्थों को खाने से बचाव करें।
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रुई में 30 रुपये तो कोयले में 20 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी
फोटो 05 एमएएचपी 02 परिचय-पुराने प्राइवेट बस स्टैंड के पास रजाई तांगते कल्लू खां।
महोबा। कड़कड़ाती ठंड से कोयले और रजाई के दाम में वृद्धि हो गई है। रजाई की रुई 30 रुपये किलो तो कोयले में 20 रुपये प्रतिकिलो की बढ़ोतरी हुई है। सर्दी में अलाव ही लोगों के लिए सहारा है। इसके साथ ही ऊनी कपड़ों की मांग भी बढ़ी है। बाजार में कोयले की बिक्री भी खूब हो रही है। सर्दी के पहले रोजाना एक क्विंटल की बिक्री होती थी जो डेढ़ क्विंटल तक पहुंच गई है। कल्लू खां ने बताया कि ठंड बढ़ने से ग्राहकों की आमद बढ़ी है। बाजार में कंबल अधिक बिकने से रुई का कारोबार प्रभावित हुआ है। महिला कमला ने बताया कि अधिकांश लोग मोटी रजाई भरवा रहे हैं। प्रतिदिन 500 से 600 किलो रुई खपत हो रही है। रुई के दाम 80 रुपये से बढ़कर 110 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। इसी तरह कोयले के दाम पहले 40 रुपये थे, जो अब 60 रुपये प्रति किलो हो गया है।
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