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प्रधानमंत्री की सभा में 60 बसें भेजने से यात्री रहे परेशान
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महोबा। चित्रकूट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में परिवहन विभाग ने महोबा डिपो की 60 बसें भेज दी गई। यह बसें जनसभा में भाजपाइयों को जनसभा में लेकर गईं थीं। इससे जिला मुख्यालय में बसों की कमी हो गई। कानपुर, लखनऊ के लिए दो से तीन घंटे और प्रयागराज के लिए चार घंटे तक बसें न मिलने से यात्रियों को बस अड्डे पर भटकना पड़ा। अन्य जिलों में जाने वाले यात्रियों को भी कमोबेश इसी स्थिति का सामना करना पड़ा।
प्रधानमंत्री को शनिवार को चित्रकूट के भरतकूप क्षेत्र स्थित गोंडा गांव में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करना था। इसके बाद उन्हें जनसभा को संबोधित करना था। प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए परिवहन विभाग ने महोबा डिपो की 90 बसों में से 60 बसें चित्रकूट भेज दी। इससे कई मार्गों पर रोडवेज बसों की कमी हो गई। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। कई-कई घंटे बसों के इंतजार में लोग बैठे रहे। वहीं तमाम यात्री इधर से उधर घूमकर बस आने के इंतजार करते रहे।
शनिवार को सुबह से ही यात्री मुस्करा, राठ, लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, आगरा, मथुरा, प्रयागराज जाने के लिए बस पकड़ने के लिए रोडवेज बस अड्डे पहुंच गए। वहां से बसें प्रधानमंत्री की जनसभा में भेज दिए जाने का पता चला। कई जिलों को जाने वाली बसों की कटौती किए जाने से इक्का-दुक्का बसें चली, जिससे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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प्राइवेट बसों के संचालन से एमपी का आवागमन प्रभावित
महोबा। जिले की सरहद से जुड़े मध्यप्रदेश के जिलों और कस्बों में प्राइवेट बसों का संचालन होता है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के 20 से ज्यादा प्राइवेट बसें भी प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए अधिग्रहीत कर लिए जाने से मध्यप्रदेश का भी आवागमन प्रभावित रहा। जिला मुख्यालय में स्थित प्राइवेट बस स्टैंड से मध्यप्रदेश के छतरपुर, टीकमगढ़, ग्वालियर, पन्ना, सतना, रीवा, खजुराहो, नौगांव, चंदला, सागर समेत कई जिलों और कस्बों में प्राइवेर्ट बसों का संचालन होता है। इन जिलों को जाने वाली बसें भी चित्रकूट भेज दिए जाने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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प्रधानमंत्री को शनिवार को चित्रकूट के भरतकूप क्षेत्र स्थित गोंडा गांव में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करना था। इसके बाद उन्हें जनसभा को संबोधित करना था। प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए परिवहन विभाग ने महोबा डिपो की 90 बसों में से 60 बसें चित्रकूट भेज दी। इससे कई मार्गों पर रोडवेज बसों की कमी हो गई। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। कई-कई घंटे बसों के इंतजार में लोग बैठे रहे। वहीं तमाम यात्री इधर से उधर घूमकर बस आने के इंतजार करते रहे।
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शनिवार को सुबह से ही यात्री मुस्करा, राठ, लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, आगरा, मथुरा, प्रयागराज जाने के लिए बस पकड़ने के लिए रोडवेज बस अड्डे पहुंच गए। वहां से बसें प्रधानमंत्री की जनसभा में भेज दिए जाने का पता चला। कई जिलों को जाने वाली बसों की कटौती किए जाने से इक्का-दुक्का बसें चली, जिससे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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प्राइवेट बसों के संचालन से एमपी का आवागमन प्रभावित
महोबा। जिले की सरहद से जुड़े मध्यप्रदेश के जिलों और कस्बों में प्राइवेट बसों का संचालन होता है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के 20 से ज्यादा प्राइवेट बसें भी प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए अधिग्रहीत कर लिए जाने से मध्यप्रदेश का भी आवागमन प्रभावित रहा। जिला मुख्यालय में स्थित प्राइवेट बस स्टैंड से मध्यप्रदेश के छतरपुर, टीकमगढ़, ग्वालियर, पन्ना, सतना, रीवा, खजुराहो, नौगांव, चंदला, सागर समेत कई जिलों और कस्बों में प्राइवेर्ट बसों का संचालन होता है। इन जिलों को जाने वाली बसें भी चित्रकूट भेज दिए जाने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।