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तनावपूर्ण जीवन में ओशो ने दिखाई जीने की नई राह-पाटकर
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महोबा। इस सदी के महान क्रांतिकारी विचारक ओशो का 90वां जन्मदिन बुधवार को धूमधाम से मनाया गया। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने कहा कि ओशो ने लोगों को जीने की नई राह दिखाई। शुरू में उनके विचारों का विरोध किया हुआ, लेकिन अब सारी दुनिया उनके ज्ञान की कायल हो गई है।
पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर शहर के आल्हा चौक में चल रहे ऐतिहासिक अनशन स्थल पर ओशो प्रेमियों ने ओशो का जन्मदिन मनाया। इस मौके पर स्वामी अक्षय तीर्थ ने कहा कि हम तनाव में इसलिए हैं क्योंकि हम जो हैं, उस शख्सियत को पहचानना नहीं चाहते और हम जो नहीं हैं, उस शख्सियत के पीछे पड़े हैं। स्वामी प्रेम सुजान ने कहा कि ओशो कहते हैं कि नियमित ध्यान करने से हम स्वयं को पहचान सकते हैं।
पाटकर खुद ओशो संन्यासी हैं। उन्होंने कहा कि ओशो का जन्म मध्यप्रदेश में रायसेन जिले के कुचवाड़ा में 11 दिसंबर 1931 को जैन परिवार में हुआ और चंद्र मोहन उनका नाम था। सागर विश्वविद्यालय से एमए करने के बाद जबलपुर विश्वविद्यालय में प्रवक्ता हो गए। बाद में नौकरी छोड़कर साधु हो गए। पूना में उनका प्रमुख आश्रम है। इस मौके पर स्वामी केसी राजपूत, रणविजय सक्सेना, देवसिंह, मलखान सिंह, स्वामी प्रेम गीत, देवेंद्र तिवारी, डॉ. अजय बरसैया, अमरचंद विश्वकर्मा, सुरेश सोनी समेत तमाम ओशो भक्त मौजूद रहे।
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पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर शहर के आल्हा चौक में चल रहे ऐतिहासिक अनशन स्थल पर ओशो प्रेमियों ने ओशो का जन्मदिन मनाया। इस मौके पर स्वामी अक्षय तीर्थ ने कहा कि हम तनाव में इसलिए हैं क्योंकि हम जो हैं, उस शख्सियत को पहचानना नहीं चाहते और हम जो नहीं हैं, उस शख्सियत के पीछे पड़े हैं। स्वामी प्रेम सुजान ने कहा कि ओशो कहते हैं कि नियमित ध्यान करने से हम स्वयं को पहचान सकते हैं।
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पाटकर खुद ओशो संन्यासी हैं। उन्होंने कहा कि ओशो का जन्म मध्यप्रदेश में रायसेन जिले के कुचवाड़ा में 11 दिसंबर 1931 को जैन परिवार में हुआ और चंद्र मोहन उनका नाम था। सागर विश्वविद्यालय से एमए करने के बाद जबलपुर विश्वविद्यालय में प्रवक्ता हो गए। बाद में नौकरी छोड़कर साधु हो गए। पूना में उनका प्रमुख आश्रम है। इस मौके पर स्वामी केसी राजपूत, रणविजय सक्सेना, देवसिंह, मलखान सिंह, स्वामी प्रेम गीत, देवेंद्र तिवारी, डॉ. अजय बरसैया, अमरचंद विश्वकर्मा, सुरेश सोनी समेत तमाम ओशो भक्त मौजूद रहे।
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