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Mahoba News: किशोरी से छेड़छाड़ में एक भाई को तीन तो दूसरे को दो वर्ष की कैद
Sun, 04 Feb 2024 12:57 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 04 Feb 2024 12:57 AM IST
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महोबा। किशोरी से छेड़छाड़ व मारपीट के चार साल पुराने मामले में अदालत ने शनिवार को दो भाइयों को सजा सुनाई। दोष सिद्ध होने पर एक भाई को तीन वर्ष तो दूसरे को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 29 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
थाना श्रीनगर के एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 16 दिसंबर 2019 की रात करीब 11 बजे उसकी नाबालिग पुत्री को गांव के ही वृंदावन कुशवाहा ने फोन किया। अश्लील बातें करने पर पुत्री ने फोन पिता को दे दिया। पिता के बात करने पर वृंदावन ने अपना नाम बदलकर बताया। युवक की आवाज पहचान कर उसने आरोपी से कहा कि उसकी पुत्री को फोन क्यों करते हो। इस पर आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। कुछ देर बाद आरोपी का भाई हरी आया और पिता-पुत्री से मारपीट करते हुए छेड़खानी की। पिता ने थाने में तहरीर देकर बताया कि वृदांवन उसकी पुत्री को फोन करके अश्लील बातें कर रहा था और उसे मिलने के लिए बुला रहा था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) कु. अलका चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त वृंदावन कुशवाहा को तीन वर्ष के कारावास और 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है जबकि हरी को दो साल के कारावास व 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
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थाना श्रीनगर के एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 16 दिसंबर 2019 की रात करीब 11 बजे उसकी नाबालिग पुत्री को गांव के ही वृंदावन कुशवाहा ने फोन किया। अश्लील बातें करने पर पुत्री ने फोन पिता को दे दिया। पिता के बात करने पर वृंदावन ने अपना नाम बदलकर बताया। युवक की आवाज पहचान कर उसने आरोपी से कहा कि उसकी पुत्री को फोन क्यों करते हो। इस पर आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। कुछ देर बाद आरोपी का भाई हरी आया और पिता-पुत्री से मारपीट करते हुए छेड़खानी की। पिता ने थाने में तहरीर देकर बताया कि वृदांवन उसकी पुत्री को फोन करके अश्लील बातें कर रहा था और उसे मिलने के लिए बुला रहा था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
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अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) कु. अलका चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त वृंदावन कुशवाहा को तीन वर्ष के कारावास और 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है जबकि हरी को दो साल के कारावास व 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
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