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चैंबर की वॉल खुलने से लाखों लीटर पानी बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:49 PM IST
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वॉल खुलने से खेतों में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी एमपी की सीमा पर स्थापित उर्मिल बांध से निकली पाइप लाइन के चैंबर का वॉल खुलने से लाखों लीटर पानी बह गया। सूचना के बाद भी जल निगम के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। जिससे पानी की बर्बादी जारी है। आसपास के खेतों में पानी भर गया है। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
सूखे से जूझ रहे महोबा जिले में एक ओर जहां बूंद बूंद पानी को लेकर मारामारी मची है। वहीं दूसरी ओर विभाग पानी की बर्बादी रोकने में नाकाम है। उर्मिल बांध से निकली पाइप लाइन से महोबा शहर को पेयजल आपूर्ति की जाती है। इमिलिया गांव के पास बने चैंबर का वॉल तीन दिन पहले खुल गया था। जिससे पानी बर्बाद होता रहा। शनिवार को जब किसानों ने खेतों में पानी भरा देखा तो उन्हें शंका हुई।
चैंबर का वॉल खराब हो जाने की सूचना जल निगम के अधिकारियों को दी गई, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। जिससे लाखों लीटर पानी बहकर बर्बाद हो रहा है। जल निगम के अधिकारी पानी की बर्बादी रोकने में नाकाम है। पाइप लाइन फटने व लीकेज होने पर उन्हें सही नहीं कराया जाता है। जिससे पानी बर्बाद हो रहा है। रामदयाल, नीलम, प्रमोद, पप्पू आदि ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर जल संकट से पूरा जिला कराह रहा है। वहीं दूसरी ओर लाखों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है।
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इमिलिया गांव के पास बने चैंबर का वॉल खुलने की सूचना नहीं है। रबर खराब हुई या किसी ने जानबूझ कर वॉल खोल दिया है। यह उन्हें पता नहीं। कर्मचारियों को भेजकर शीघ्र ही बाल सही कराया जाएगा।-ओमप्रकाश वर्मा, अधिशाषी अभियंता जल निगम सिविल शाखा
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सूखे से जूझ रहे महोबा जिले में एक ओर जहां बूंद बूंद पानी को लेकर मारामारी मची है। वहीं दूसरी ओर विभाग पानी की बर्बादी रोकने में नाकाम है। उर्मिल बांध से निकली पाइप लाइन से महोबा शहर को पेयजल आपूर्ति की जाती है। इमिलिया गांव के पास बने चैंबर का वॉल तीन दिन पहले खुल गया था। जिससे पानी बर्बाद होता रहा। शनिवार को जब किसानों ने खेतों में पानी भरा देखा तो उन्हें शंका हुई।
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चैंबर का वॉल खराब हो जाने की सूचना जल निगम के अधिकारियों को दी गई, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। जिससे लाखों लीटर पानी बहकर बर्बाद हो रहा है। जल निगम के अधिकारी पानी की बर्बादी रोकने में नाकाम है। पाइप लाइन फटने व लीकेज होने पर उन्हें सही नहीं कराया जाता है। जिससे पानी बर्बाद हो रहा है। रामदयाल, नीलम, प्रमोद, पप्पू आदि ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर जल संकट से पूरा जिला कराह रहा है। वहीं दूसरी ओर लाखों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है।
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इमिलिया गांव के पास बने चैंबर का वॉल खुलने की सूचना नहीं है। रबर खराब हुई या किसी ने जानबूझ कर वॉल खोल दिया है। यह उन्हें पता नहीं। कर्मचारियों को भेजकर शीघ्र ही बाल सही कराया जाएगा।-ओमप्रकाश वर्मा, अधिशाषी अभियंता जल निगम सिविल शाखा