{"_id":"58221a0a4f1c1bfb02b38f66","slug":"meat-shops-remove-hunger-strike","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांस की दुकानें हटाने के लिए भूख हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांस की दुकानें हटाने के लिए भूख हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Wed, 09 Nov 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
आल्हा चौक पर भूख हड़ताल पर बैठे अनशनकारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मांस की दुकानें शहर से बाहर स्थानांतरित कराए जाने की मांग के लिए शहर के आल्हा चौक में 25 दिन से चल रहा क्रमिक अनशन मंगलवार को भूख हड़ताल में तब्दील हो गया। ऐलान किया गया है कि जब तक मांस की दुकानें नहीं हटाई जाती भूख हड़ताल जारी रहेगी। ग्रीन महोबा क्लीन महोबा के
संयोजक नीरज रावत के नेतृत्व में 13 अक्टूबर से क्रमिक अनशन शुरू किया गया था। इस दौरान विभिन्न हिंदू संगठनों ने अनशन में सहयोग करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपे लेकिन, प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। इससे नाराज हिंदू संगठनों ने मंगलवार से भूख हड़ताल शुरू की। भूख हड़ताल पर बैठे
नीरज रावत, तेजेंद्र पाटकार, विनोद त्रिवेदी व मिथलेश द्विवेदी को नरसिंह कुटी मंदिर के महंत विशम्भरदास ने माला पहनाकर भूख हड़ताल शुरू कराई। अनशनकारियों का कहना है कि पालिका प्रशासन द्वारा शहर के बाहर दुकानों का निर्माण कराया गया है लेकिन मांस की दुकानें स्थानांतरित नहीं की जा रही है। अनशनकारियों के साथ हरीसिंह वर्मा, माधुरी श्रीवास, जितेंद्र कुमार बुधौलिया, अवधेष श्रीवास आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संयोजक नीरज रावत के नेतृत्व में 13 अक्टूबर से क्रमिक अनशन शुरू किया गया था। इस दौरान विभिन्न हिंदू संगठनों ने अनशन में सहयोग करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपे लेकिन, प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। इससे नाराज हिंदू संगठनों ने मंगलवार से भूख हड़ताल शुरू की। भूख हड़ताल पर बैठे
विज्ञापन
नीरज रावत, तेजेंद्र पाटकार, विनोद त्रिवेदी व मिथलेश द्विवेदी को नरसिंह कुटी मंदिर के महंत विशम्भरदास ने माला पहनाकर भूख हड़ताल शुरू कराई। अनशनकारियों का कहना है कि पालिका प्रशासन द्वारा शहर के बाहर दुकानों का निर्माण कराया गया है लेकिन मांस की दुकानें स्थानांतरित नहीं की जा रही है। अनशनकारियों के साथ हरीसिंह वर्मा, माधुरी श्रीवास, जितेंद्र कुमार बुधौलिया, अवधेष श्रीवास आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन