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मकल गाड़ी आने से पहले ही सब कुछ हो जाता बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो महोबा
Updated Sun, 03 Jan 2016 12:12 AM IST
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जिले में आग लगने पर दमकल गाड़ी पहुंचने से पहले ही सब कुछ जलकर बर्बाद हो जाता है। हालत यह है कि जिले की तीन तहसीलों में मात्र जिला मुख्यालय में ही दो अग्निशमन की गाड़ियां हैं। तहसील चरखारी और कुलपहाड़ में दमकल विभाग का न तो कार्यालय है और न ही आग बुझाने के लिए दमकल गाड़ी है। ऐसी स्थिति में आग लगने की सूचना देने के बाद दमकल गाड़ी तब पहुंचती है, जब तक सबकुछ जलकर राख हो जाता है।
जिले में महोबा, चरखारी और कुलपहाड़ सहित तीन तहसीलें हैं, जबकि जिला गठन से पहले ही महोबा में दमकल गाड़ी थी, लेकिन जिला गठन से बाद से आज तक तहसीलों को न तो को गाड़ियां मिलीं और न ही दमकल विभाग के लिए भूमि स्वीकृत की गई, जिससे इन तहसीलों में कार्यालय नहीं खुल सका। यही वजह है कि दमकल विभाग सीमित संसाधनों के तहत काम कर रहा है। कभी कभार एक साथ दो गांवों में अग्निकांड की घटनाएं घट जाती हैं और उन गांव की दूरी जिला मुख्यालय से 55 से 60 किमी. होने पर सूचना मिलने के बाद मौके पर दमकल विभाग की गाड़ी पहुंचने से पहले ही या तो ग्रामीण आग पर काबू पा लेते या मकान और गृहस्थी जल जाती है। ग्रामीणों ने तहसील कुलपहाड़ और चरखारी में अग्निशमन कार्यालय खोले जाने की मांग की है, जिससे जिला मुख्यालय से गांव की दूरी काफी कम हो जाएगी और आग की घटनाओं से होने वाले लाखों रुपये की नुकसान को बचाया जा सके।
हाईडेंट में बन गई सड़कें और इमारतें
फायर ब्रिगेड की गाड़ियों में पानी भरने के लिए शहर के मुख्य मार्गों में जगह जगह बनाए गए हाईडेंट जमीदोज हो गए है। हालत यह है कि अब हाईडेेंटों के ऊपर से सड़क निकल गई है और कहीं इमारतें बन गई, जिससे हाईडेंटों का नामोनिशान खत्म हो गया है। पांच दशक पहले पुलिस चौकी के पास मनियादेव रोड पर हाईडेंट बनाए गए थे, जहां पर दमकल विभाग के जवान गाड़ियों में पानी भरकर आग बुझाते थे, लेकिन आबादी बढ़ने के साथ ही हाईडेंटों पर सड़के और इमारतें बन गई।
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दमकल विभाग में मैन पावर की कमी
फायर ब्रिगेड विभाग में मैन पावर की भारी कमी है। जिसके चलते कर्मचारियों को अक्सर 18-18 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है। हालत यह है कि 21 दमकल जवानों के सापेक्ष मात्र 12 जवान ही कार्यालय में तैनात हैं, दस पद खाली हैं। चार गाड़ियों के सापेक्ष मात्र दो दमकल गाड़ियों से आग बुझाई जा रही है। उच्चाधिकारियों को लिखा पढ़ी करने के बाद भी कर्मचारियों की कमी पूरी नहीं हो रही है। सीमित संसाधनों में काम करना पड़ रहा है।
कुलपहाड़ तहसील में दमकल कार्यालय के लिए ग्राम सामाज की जमीन मिल गई है, लेकिन बिल्डिंग का पैसा, स्टाफ और दमकल गाड़ियों की कोई मंजूरी नहीं मिली है। पैसा न मिलने के कारण दमकल कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा सका। प्रदेश में हुई पुलिस भर्ती से 1138 कर्मचारी दमकल विभाग को मिले हैं, इन जवानों से दमकल विभाग महोबा के रिक्त पदों को भरने के साथ एक दमकल गाड़ी मिलने की उम्मीद है।
बाबूलाल यादव
फायर स्टेशन प्रभारी महोबा
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जिले में महोबा, चरखारी और कुलपहाड़ सहित तीन तहसीलें हैं, जबकि जिला गठन से पहले ही महोबा में दमकल गाड़ी थी, लेकिन जिला गठन से बाद से आज तक तहसीलों को न तो को गाड़ियां मिलीं और न ही दमकल विभाग के लिए भूमि स्वीकृत की गई, जिससे इन तहसीलों में कार्यालय नहीं खुल सका। यही वजह है कि दमकल विभाग सीमित संसाधनों के तहत काम कर रहा है। कभी कभार एक साथ दो गांवों में अग्निकांड की घटनाएं घट जाती हैं और उन गांव की दूरी जिला मुख्यालय से 55 से 60 किमी. होने पर सूचना मिलने के बाद मौके पर दमकल विभाग की गाड़ी पहुंचने से पहले ही या तो ग्रामीण आग पर काबू पा लेते या मकान और गृहस्थी जल जाती है। ग्रामीणों ने तहसील कुलपहाड़ और चरखारी में अग्निशमन कार्यालय खोले जाने की मांग की है, जिससे जिला मुख्यालय से गांव की दूरी काफी कम हो जाएगी और आग की घटनाओं से होने वाले लाखों रुपये की नुकसान को बचाया जा सके।
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हाईडेंट में बन गई सड़कें और इमारतें
फायर ब्रिगेड की गाड़ियों में पानी भरने के लिए शहर के मुख्य मार्गों में जगह जगह बनाए गए हाईडेंट जमीदोज हो गए है। हालत यह है कि अब हाईडेेंटों के ऊपर से सड़क निकल गई है और कहीं इमारतें बन गई, जिससे हाईडेंटों का नामोनिशान खत्म हो गया है। पांच दशक पहले पुलिस चौकी के पास मनियादेव रोड पर हाईडेंट बनाए गए थे, जहां पर दमकल विभाग के जवान गाड़ियों में पानी भरकर आग बुझाते थे, लेकिन आबादी बढ़ने के साथ ही हाईडेंटों पर सड़के और इमारतें बन गई।
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दमकल विभाग में मैन पावर की कमी
फायर ब्रिगेड विभाग में मैन पावर की भारी कमी है। जिसके चलते कर्मचारियों को अक्सर 18-18 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है। हालत यह है कि 21 दमकल जवानों के सापेक्ष मात्र 12 जवान ही कार्यालय में तैनात हैं, दस पद खाली हैं। चार गाड़ियों के सापेक्ष मात्र दो दमकल गाड़ियों से आग बुझाई जा रही है। उच्चाधिकारियों को लिखा पढ़ी करने के बाद भी कर्मचारियों की कमी पूरी नहीं हो रही है। सीमित संसाधनों में काम करना पड़ रहा है।
कुलपहाड़ तहसील में दमकल कार्यालय के लिए ग्राम सामाज की जमीन मिल गई है, लेकिन बिल्डिंग का पैसा, स्टाफ और दमकल गाड़ियों की कोई मंजूरी नहीं मिली है। पैसा न मिलने के कारण दमकल कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा सका। प्रदेश में हुई पुलिस भर्ती से 1138 कर्मचारी दमकल विभाग को मिले हैं, इन जवानों से दमकल विभाग महोबा के रिक्त पदों को भरने के साथ एक दमकल गाड़ी मिलने की उम्मीद है।
बाबूलाल यादव
फायर स्टेशन प्रभारी महोबा