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Mahoba News: चार दिन से सीटी स्कैन ठप, परेशान हो रहे मरीज
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फोटो 31 एमएएचपी 20 परिचय-जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में भरे पानी को निकालने के लिए लगा मोट
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-सीटी स्कैन कक्ष व परिसर में जलभराव, मोटर लगाकर खाली कराया जा रहा पानी
फोटो 31 एमएएचपी 20 परिचय-जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में भरे पानी को निकालने के लिए लगा मोटर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिला अस्पताल में संचालित सीटी स्कैन मशीन पिछले चार से बंद पड़ी हैं। चार दिन पहले हुई सात घंटे की लगातार बारिश से सीटी स्कैन कक्ष में पानी भर जाने से मरीजों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। मोटर लगाकर पानी को खाली कराया जा रहा है। ऐसे में मरीजों को दूसरे जनपदों में जाकर सीटी स्कैन कराना मजबूरी बना है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 20 से 25 मरीज सीटी स्कैन के लिए आते हैं। चार दिन पहले हुई झमाझम बारिश से सीटी स्कैन कक्ष और परिसर में पानी भर गया था। इससे सीटी स्कैन कराना तो दूर कक्ष तक पहुंचना ही मुश्किल हो गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से मोटर लगाकर पानी को खाली कराया जा रहा है। सीटी स्कैन सेवा बंद होने से मरीजों को जनपद झांसी, छतरपुर आदि शहरों के निजी जांच केंद्रों में जाना पड़ रहा है। निजी सेंटरों पर सीटी स्कैन कराने में पांच हजार रुपये तक का खर्च आ रहा है। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है जबकि यह सेवा सरकारी अस्पताल में निशुल्क मिलती है। वहीं बारिश होते ही कक्ष में पानी भरने से मशीन बंद करनी पड़ती है। ताकि मशीन खराब न हो। उधर, सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि मोटर लगाकर सीटी स्कैन कक्ष व परिसर से पानी खाली कराया जा रहा है। जल्द ही मरीजों को फिर से जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा मिलने लगेगी।
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मशीन बंद, नहीं हो सकी जांच
फोटो 31 एमएएचपी 21 परिचय-वहीद मोहम्मद। संवाद
तहसील चरखारी के भैंसारी निवासी वहीद मोहम्मद ने बताया कि वह पत्नी सायमा का इलाज कराने जिला अस्पताल आया था। डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराने को लिखा। जब वह सीटी स्कैन कक्ष पहुंचा तो पता चला कि पानी भरा होने से मशीन बंद है। इससे वह वापस लौट रहा है। यदि एक-दो दिन में जांच नहीं तो वह छतरपुर इलाज करान जाएंगे।
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फोटो 31 एमएएचपी 20 परिचय-जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में भरे पानी को निकालने के लिए लगा मोटर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिला अस्पताल में संचालित सीटी स्कैन मशीन पिछले चार से बंद पड़ी हैं। चार दिन पहले हुई सात घंटे की लगातार बारिश से सीटी स्कैन कक्ष में पानी भर जाने से मरीजों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। मोटर लगाकर पानी को खाली कराया जा रहा है। ऐसे में मरीजों को दूसरे जनपदों में जाकर सीटी स्कैन कराना मजबूरी बना है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 20 से 25 मरीज सीटी स्कैन के लिए आते हैं। चार दिन पहले हुई झमाझम बारिश से सीटी स्कैन कक्ष और परिसर में पानी भर गया था। इससे सीटी स्कैन कराना तो दूर कक्ष तक पहुंचना ही मुश्किल हो गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से मोटर लगाकर पानी को खाली कराया जा रहा है। सीटी स्कैन सेवा बंद होने से मरीजों को जनपद झांसी, छतरपुर आदि शहरों के निजी जांच केंद्रों में जाना पड़ रहा है। निजी सेंटरों पर सीटी स्कैन कराने में पांच हजार रुपये तक का खर्च आ रहा है। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है जबकि यह सेवा सरकारी अस्पताल में निशुल्क मिलती है। वहीं बारिश होते ही कक्ष में पानी भरने से मशीन बंद करनी पड़ती है। ताकि मशीन खराब न हो। उधर, सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि मोटर लगाकर सीटी स्कैन कक्ष व परिसर से पानी खाली कराया जा रहा है। जल्द ही मरीजों को फिर से जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा मिलने लगेगी।
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मशीन बंद, नहीं हो सकी जांच
फोटो 31 एमएएचपी 21 परिचय-वहीद मोहम्मद। संवाद
तहसील चरखारी के भैंसारी निवासी वहीद मोहम्मद ने बताया कि वह पत्नी सायमा का इलाज कराने जिला अस्पताल आया था। डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराने को लिखा। जब वह सीटी स्कैन कक्ष पहुंचा तो पता चला कि पानी भरा होने से मशीन बंद है। इससे वह वापस लौट रहा है। यदि एक-दो दिन में जांच नहीं तो वह छतरपुर इलाज करान जाएंगे।

फोटो 31 एमएएचपी 20 परिचय-जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में भरे पानी को निकालने के लिए लगा मोट
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