फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Mahoba: Seeing the Scheduled Caste youth sitting on the chair, Dabang threatened, the victim's family reached the DM's doorstep

महोबा: पिछड़ी जाति के युवक को कुर्सी पर बैठा देख दंबग ने दी धमकी, पीड़ित परिवार डीएम की चौखट पर पहुंचा

Thu, 21 Oct 2021 07:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 21 Oct 2021 07:40 PM IST
सार

लोधी जाति के पीड़ित रतनलाल ने बताया कि वह अपने घर के बाहर कुर्सी डालकर बैठते हैं। जिससे गांव के ही राजकुमार अवस्थी को ऐतराज है। पीड़ित की माने बीते रोज वह कुर्सी पर बैठा हुआ था तभी दबंग दरवाजे पर पहुंचा और कहा कि मेरे यहां से निकलते ही कुर्सी से उठ जाया करो।

विज्ञापन
Mahoba: Seeing the Scheduled Caste youth sitting on the chair, Dabang threatened, the victim's family reached the DM's doorstep
पीड़ित युवक - फोटो : amar ujala

विस्तार

महोबा में पिछड़ी जाति के एक युवक को दंबगों ने कुर्सी पर बैठा देखकर धमकी दी तो पीड़ित युवक न्याय की गुहार लगाते हुए डीएम की चौखट कर पहुंच गया। कभी अनुसूचति जाति के दूल्हे को घोड़ी पर बैठने की पाबंदी तो कभी अनुसूचति जाति के ग्राम प्रधान को हाथ से पकड़ कर कुर्सी से नीचे उतार दिया जाता है।
विज्ञापन


बुंदेलखंड के महोबा में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के बरात पहाड़ी इलाके का है। यहां रहने वाला एक परिवार जिलाधिकारी की चौखट पर अपने साथ हो रहे भेदभाव की शिकायत करने पहुंचा।
विज्ञापन

 

जिलाधिकारी के पास पहुंचकर लोधी जाति के पीड़ित रतनलाल ने बताया कि वह अपने घर के बाहर कुर्सी डालकर बैठते हैं। जिससे गांव के ही राजकुमार अवस्थी को ऐतराज है। पीड़ित की माने बीते रोज वह कुर्सी पर बैठा हुआ था तभी दबंग दरवाजे पर पहुंचा और कहा कि मेरे यहां से निकलते ही कुर्सी से उठ जाया करो, या कुर्सी लेकर अंदर चले जाया करो।

दबंग के धमकाए जाने के बाद स्नातक तक पढ़े पीड़ित के पुत्र रक्षपाल व हरनाम ने इसका विरोध किया तो दबंग लड़ने पर आमादा हो गया और धमकाते हुए बोला कि तुम अन्य जाति से बड़े नहीं हो। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई। पीड़ित रतनलाल के पुत्र रक्षपाल का कहना है कि हम पढ़े लिखे हैं हमने संविधान पढ़ा है और हम शान से जीना चाहते हैं लेकिन आज भी सामंतवादी सोच के लोग हमें नीचा मानते हैं।

हमें छोटी जाति का समझकर हमारे साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है। पीड़ित ने कहा कि हमें डर है कि कहीं कोई अनहोनी ना हो जाए। परिवार भी डरा हुआ है। पीड़ित ने डीएम को प्रार्थना पत्र देते हुए मांग की है कि या तो उन्हें जेल में बंद कर दिया जाए या आरोपी पर कार्रवाई की जाए। मामले में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सीओ को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed