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महोबा : खाद बिक्री का जीएसटी देना भूल गईं 11 समितियां
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महोबा। जिले में किसानों को खाद-बीज वितरण करने वाली साधन सहकारी समितियां मुनाफा में लगने वाली जीएसटी अदा करना भूल गईं। चार साल से पंजीकृत समितियों के जीएसटी नंबर खारिज होने और जीएसटी जमा न करने पर 11 समितियों के पंजीयन निरस्त कर दिए गए हैं। साथ ही खाद्य की उठान पर रोक लगा दी गई है। जिससे रबी फसल की तैयारियों को लेकर जुटे किसान खाद के लिए परेशान है।
किसानों को खाद-बीज की आपूर्ति करने के लिए जिले में 17 समितियां पंजीकृत हैं। जिसमें से तहसील चरखारी की ऐंचाना, खरेला, बमरारा, रिवई, गुढ़ा, धनुषधारी व तहसील कुलपहाड़ की खमा, खैरोकलां, कनकुआं, महोबकंठ और रूरीकलां समेत 11 समितियों ने वर्ष 2017 से जीएसटी जमा नहीं किया। जीएसटी जमा और रिफंड दाखिल न होने पर समितियों का पंजीयन खारिज हो गया है। जिससे खाद की आपूर्ति करने पर रोक लगा दी गई है।
खरीफ की फसल अतिवृष्टि से बर्बाद होने के बाद किसान रवि फसल की तैयारियों में जुटें है। ज्यादातर समितियों में खाद न होने से किसान परेशान हैं। इसके पीछे सहकारी विभाग की लापरवाही उजागर हो रही है। सहायक निबंधक सहकारिता आरपी गुप्ता का कहना है कि रिफंड दाखिल न करने से पंजीयन खारिज हुआ है।
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छह समितियों ने समय पर रिफंड जमा किया, उनके पंजीयन चल रहे हैं। शेष 11 समितियों के पंजीयन नए सिरे से कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पिछले सालों का जीएसटी जमा कराने को लेकर डीएम और संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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किसानों को खाद-बीज की आपूर्ति करने के लिए जिले में 17 समितियां पंजीकृत हैं। जिसमें से तहसील चरखारी की ऐंचाना, खरेला, बमरारा, रिवई, गुढ़ा, धनुषधारी व तहसील कुलपहाड़ की खमा, खैरोकलां, कनकुआं, महोबकंठ और रूरीकलां समेत 11 समितियों ने वर्ष 2017 से जीएसटी जमा नहीं किया। जीएसटी जमा और रिफंड दाखिल न होने पर समितियों का पंजीयन खारिज हो गया है। जिससे खाद की आपूर्ति करने पर रोक लगा दी गई है।
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खरीफ की फसल अतिवृष्टि से बर्बाद होने के बाद किसान रवि फसल की तैयारियों में जुटें है। ज्यादातर समितियों में खाद न होने से किसान परेशान हैं। इसके पीछे सहकारी विभाग की लापरवाही उजागर हो रही है। सहायक निबंधक सहकारिता आरपी गुप्ता का कहना है कि रिफंड दाखिल न करने से पंजीयन खारिज हुआ है।
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छह समितियों ने समय पर रिफंड जमा किया, उनके पंजीयन चल रहे हैं। शेष 11 समितियों के पंजीयन नए सिरे से कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पिछले सालों का जीएसटी जमा कराने को लेकर डीएम और संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।