महोबा। नगर पालिका परिषद महोबा में आउट सोर्सिंग के जरिए 50 से अधिक कर्मचारियों को डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के काम पर लगाया गया है। चार माह से कर्मचारियों को मानदेय नहीं मिला। नाराज कर्मचारी एक नवंबर से हड़ताल पर हैं। सोमवार को कर्मचारियों ने तहसील गेट पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। बाद में डीएम को पत्र देकर मानदेय दिलाने की मांग की।
नगर पालिका प्रशासन ने सफाई के लिए आधा सैकड़ा कर्मचारियों को लगाया, जो शहर के हर वार्ड में घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करते हैं। जुलाई से उन्हें मानदेय नहीं मिला, इससे आर्थिक संकट पैदा हो गया। नाराज कर्मचारियों ने एक सप्ताह पहले काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी, इससे स्वच्छता व्यवस्था बिगड़ गई। घरों के दरवाजों पर एकत्र कूड़ा की उठान न होने से लोगों में आक्रोश है। मानदेय न मिलने से नाराज गनेश प्रसाद, अरुण, नंदराम, राजाबाबू, अनुराग, मुन्ना, संतोष आकाश समेत 50 से अधिक कर्मचारी तहसील गेट पर एकत्र हुए। नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया। बाद में कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार को समस्या से अवगत कराते हुए मानदेय दिलाने की मांग की। कहा कि दिवाली नजदीक है। आर्थिक संकट आ गया है। अगर मानदेय न मिला वे भूख हड़ताल के लिए मजबूर होंगे। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए समस्या के समाधान का भरोसा दिया है।