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बुंदेली लोक उत्सव से हुआ महोत्सव नगर का स्वागत

Fri, 01 Jan 2021 11:38 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jan 2021 11:38 PM IST
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Lokkala Bundeli
महोबा। वर्ष 2021 के आगाज पर कीरत सागर के तट पर यहां के इतिहास का नया अध्याय शुरु हो गया। पहली बार कीरत सागर तट पर नए साल के मौके पर बुंदेली लोक संस्कृति की धूम रही। भीषण सर्दी के बीच आल्हा गायन सुन लोगों की भुजाएं फड़क उठीं। आल्हा गायन में यहां के वीरों की वीरता का बखान किया गया। वही, बुंदेली लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने लोगों का दिल जीत लिया। इस दौरान कीरत सागर तट को दुल्हन की तरह सजाया गया। रंग-बिरगी लाइटें यहां आकर्षण में और इजाफा करती रहीं।
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कीरत सागर तट के दूसरे गेट पर बनाए ओपेन थियेटर में सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने डीएम सत्येंद्र कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष दिलासा सौरभ तिवारी और भाजपा नेता सौरभ तिवारी के साथ समां रोशन कर कार्यक्रम का आगाज किया। गणेश वंदना से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इसके बाद बुंदेली लोककला के कलाकारों ने मंच संभाला, तो माहौल में यहां संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत की तस्वीर झलक उठी। सुर, लय का वाद्य यंत्रों के साथ तालमेल ने महफिल में चार चांद लगा दिए। इस दौरान उत्तर प्रदेश में आल्हा गायन में प्रथम स्थान पाने वाली नवरस म्यूजिकल ग्रुप के जितेंद्र, शरद, बलवीर, अमित विश्वकर्मा की आल्हा गायन की टोली ने महोबा की लड़ाई का संक्षिप्त वर्णन किया। उन्होंने खटखट तेगा बाजे छापर-छापर चले तलवार, बड़े लड़ईया गढ़ महोबे के जिनसे हार गई तलवार, आल्हा गायन पेश किया, तो यहां मौजूद लोगों को अपने पूर्वजों की वीरता का महत्व समझ में आया। इस दौरान कार्यक्रम में लोग खुद को ताली बजाने और झूमने से नहीं रोक सके। कलाकारों ने तलवारबाजी से काल्पिनिक तरीके के युद्ध की प्रदर्शन किया। इसके बाद संस्कार भारती के जिला संयोजक पंडित जग प्रसाद तिवारी ने लोक ध्वनि पर आधारित 2021 में महोबा को क्या प्राप्त होने वाला है उसे गीत के माध्यम से बताया।
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जिला कारागार व मेडिकल मिलो है, रामकुंड में देखों फिर से कमल खिलो है, नेहरू उद्यान की तो शुभ घड़ी आई, नूतन वर्ष की बधाई हो बधाई पेश की तो कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद वीणापाणि संगीत स्कूल की बालिकाओं ने रघु कुल रीत सदा चली आई प्राण जाएं पर वचन न जाएं गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बुंदेली लोक नृत्य राई, सोहर गीत, दिवारी नृत्य, बुंदेलखंड की महिमा लोकगीत, ढिमरयाई नृत्य की प्रस्तुतियां अपने आप में यादगार रहीं। इस दौरान एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव, एडीएम राम सुरेश वर्मा, एसडीएम राजेश यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर, डीएवी इंटर कालेज के संगीत प्रवक्ता अबोध सोनी, समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी समेत तमा लोग मौजूद रहे।
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