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बरसे फूल, गूंजे मंगल गीत
अमर उजाला ब्यूरो महाोबा
Updated Mon, 16 Nov 2015 11:43 PM IST
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मां सिद्धिदात्री चंद्रिका देवी मंदिर में सोमवार को श्री शिव महापुराण एवं श्री शतचंडी महायज्ञ शुरू हुआ। कथा व महायज्ञ के शुभारंभ के पहले भव्य कलश यात्रा निकाली गई। गाजे बाजे के साथ निकली कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश रखकर मंगल गीत गाते हुए चल रही थीं।
इस दौरान समूचा माहौल भक्तिमय नजर आ रहा था। उधर, कबरई कस्बे में श्रीमद्भागवत कथा शुरू होने पर गाजे बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सराफा बाजार स्थित मां शारदा देवी मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा आल्हा चौक, कोतवाली रोड, मुख्य बाजार सहित मुख्य मार्गों से होकर निकली।
सिर पर कलश धारण कर महिलाएं मंगल गीत गाते हुए चल रही थीं, बीच-बीच में भक्त जय श्रीराम के जयकारे भी लगा रहे थे। इससे समूचा माहौल भक्तिमय नजर आ रहा था। इस दौरान जगह-जगह फूल बरसा कर कलश यात्रा की आरती उतारी गई।
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प्रमुख मार्गों से होती हुई कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई। इसके बाद पहले दिन की कथा में कथावाचक पं. कमलाकांत अडजरिया ने श्री शिव महापुराण के महात्म्य पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण करने मात्र से प्राणी का कल्याण हो जाता है। हर व्यक्ति को जीवन में एक बार कथा अवश्य सुननी चाहिए।
उधर, कबरई कस्बे के विवेक नगर में श्रीमद्भागवत के शुभारंभ पर शोभायात्रा व कलश यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बच्चे तरह-तरह का वेश धारण कर चल रहे थे। कलश यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश रखकर भजन-कीर्तन करते हुए चल रही थीं।
शोभायात्रा का जगह-जगह आरती उतार कर स्वागत किया गया। इस दौरान रामसनेही सोनी, पुरुषोत्तम, बाल किशोर, इंद्रकांत, मनीष त्रिपाठी, राजेश सोनी, कैलाश, शंकरलाल व शिवपाल तिवारी आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान समूचा माहौल भक्तिमय नजर आ रहा था। उधर, कबरई कस्बे में श्रीमद्भागवत कथा शुरू होने पर गाजे बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सराफा बाजार स्थित मां शारदा देवी मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा आल्हा चौक, कोतवाली रोड, मुख्य बाजार सहित मुख्य मार्गों से होकर निकली।
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सिर पर कलश धारण कर महिलाएं मंगल गीत गाते हुए चल रही थीं, बीच-बीच में भक्त जय श्रीराम के जयकारे भी लगा रहे थे। इससे समूचा माहौल भक्तिमय नजर आ रहा था। इस दौरान जगह-जगह फूल बरसा कर कलश यात्रा की आरती उतारी गई।
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प्रमुख मार्गों से होती हुई कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई। इसके बाद पहले दिन की कथा में कथावाचक पं. कमलाकांत अडजरिया ने श्री शिव महापुराण के महात्म्य पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण करने मात्र से प्राणी का कल्याण हो जाता है। हर व्यक्ति को जीवन में एक बार कथा अवश्य सुननी चाहिए।
उधर, कबरई कस्बे के विवेक नगर में श्रीमद्भागवत के शुभारंभ पर शोभायात्रा व कलश यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बच्चे तरह-तरह का वेश धारण कर चल रहे थे। कलश यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश रखकर भजन-कीर्तन करते हुए चल रही थीं।
शोभायात्रा का जगह-जगह आरती उतार कर स्वागत किया गया। इस दौरान रामसनेही सोनी, पुरुषोत्तम, बाल किशोर, इंद्रकांत, मनीष त्रिपाठी, राजेश सोनी, कैलाश, शंकरलाल व शिवपाल तिवारी आदि मौजूद रहे।