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भव्य शोभायात्रा के साथ कजली मेले का आगाज, उमड़ा जनसैलाब
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महोबा। ऐतिहासिक कजली मेले का भव्य शोभायात्रा के साथ आगाज हो गया। हाथी, घोड़े, ऊंट के साथ आधा सैकड़ा से अधिक झांकियों ने लोगों का मन मोहा। हर सड़क, गली और सार्वजनिक स्थल पर लोगों की भीड़ नजर आई। कीरत सागर तट पर आठ दिन तक मेला लगेगा और दिन व रात के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम चलेंगे।
शहर के हवेली दरवाजा स्थित शहीद स्थल से दोपहर साढ़े तीन बजे कजली मेले की वर्षगांठ पर भव्य शोभायात्रा को शुभारंभ हमीरपुर-महोबा सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, सदर विधायक राकेश गोस्वामी, जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी, डीएम मनोज कुमार, एसपी सुधा सिंह, चेयरमैन दिलाशा सौरभ तिवारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
शोभायात्रा में हाथी पर सवार आल्हा, घोड़े पर सवार ऊदल व ब्रह्मा और अन्य वीर योद्धाओं के प्रतिरूप चलते रहे। जगह-जगह अश्वनृत्य के साथ कलाकारों ने विभिन्न करतब दिखाकर लोगों का दिल जीता। सबसे आगे सिर पर कलश धारण कर महिलाएं शोभायात्रा में चलतीं रहीं।
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शोभायात्रा में आल्हा-ऊदल के अलावा कुमारी चंद्रावल का डोला, भगवान श्रीकृष्ण को राखी बांधती द्रौपदी की झांकी, राजा परमाल के दरबार में बैठे आल्हा-ऊदल की झांकी, शहीद हुए 16 क्रांतिकारियों की झांकी, बेसिक शिक्षा विभाग की निपुण भारत कार्यक्रम की झांकी, स्वच्छ भारत अभियान की झांकी, इंदल व मल्खान की झांकी शामिल रहीं।
मथुरा-वृंदावन से आए कलाकारों ने राधा-कृष्ण व शिव-पार्वती की वेशभूषा में शानदार प्रस्तुतियों से सभी का मनमोह लिया।
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शहर के हवेली दरवाजा स्थित शहीद स्थल से दोपहर साढ़े तीन बजे कजली मेले की वर्षगांठ पर भव्य शोभायात्रा को शुभारंभ हमीरपुर-महोबा सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, सदर विधायक राकेश गोस्वामी, जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी, डीएम मनोज कुमार, एसपी सुधा सिंह, चेयरमैन दिलाशा सौरभ तिवारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
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शोभायात्रा में हाथी पर सवार आल्हा, घोड़े पर सवार ऊदल व ब्रह्मा और अन्य वीर योद्धाओं के प्रतिरूप चलते रहे। जगह-जगह अश्वनृत्य के साथ कलाकारों ने विभिन्न करतब दिखाकर लोगों का दिल जीता। सबसे आगे सिर पर कलश धारण कर महिलाएं शोभायात्रा में चलतीं रहीं।
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शोभायात्रा में आल्हा-ऊदल के अलावा कुमारी चंद्रावल का डोला, भगवान श्रीकृष्ण को राखी बांधती द्रौपदी की झांकी, राजा परमाल के दरबार में बैठे आल्हा-ऊदल की झांकी, शहीद हुए 16 क्रांतिकारियों की झांकी, बेसिक शिक्षा विभाग की निपुण भारत कार्यक्रम की झांकी, स्वच्छ भारत अभियान की झांकी, इंदल व मल्खान की झांकी शामिल रहीं।
मथुरा-वृंदावन से आए कलाकारों ने राधा-कृष्ण व शिव-पार्वती की वेशभूषा में शानदार प्रस्तुतियों से सभी का मनमोह लिया।