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Mahoba News: जंक फूड से बुंदेलखंड के बच्चे हो रहे एनीमिया के शिकार

Tue, 30 Sep 2025 12:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Tue, 30 Sep 2025 12:37 AM IST
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Junk food is making Bundelkhand's children suffer from anemia.
महोबा। जंक फूड के अधिक सेवन व असंतुलित आहार लेने से शहरी बच्चे भी एनीमिया के शिकार हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के 10 से 12 वर्ष के बच्चों में हीमोग्लोबिन आठ ग्राम से कम मिला है। 67 फीसदी बेटियां एनीमिया की चपेट में हैं। यह हकीकत मेडिकल कॉलेज झांसी के बाल रोग विभाग में हुए शोध में सामने आई है। शोध में महोबा समेत बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों के बच्चों को शामिल किया गया।
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यह शोध प्रोफेसर डाॅ. आराधना कनकने व डॉ. नुपुर पांडेय के नेतृत्व में डाॅ. अंशु गौतम ने किया है। जिसमें ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के 10 से 19 साल तक के 100 बच्चों को शामिल किया गया। डॉ. कनकने ने बताया कि 12 माह तक चले शोध में अलग-अलग इलाकों के बच्चों को शामिल किया गया। शोध में स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण क्षेत्र के 55 फीसदी व शहरी इलाके के 45 फीसदी बच्चे व किशोर एनीमिया के शिकार हैं। साथ ही 10 से 12 वर्ष के बच्चों में एनीमिया गंभीर अवस्था में मिला, जिसमें 67 फीसदी लड़कियां हैं। बच्चों व किशोरावस्था में एनीमिया की प्रमुख वजह संतुलित आहार कम व जंक फूड का अत्यधिक सेवन है। इसकी वजह से खेलने-कूदने की उम्र में बच्चे थकान व सांस फूलने की दिक्कत से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनीमिया पीड़ित 30 फीसदी बच्चों में भूख कम लगने की शिकायत मिली है। 15 फीसदी में सांस फूलने, 15 फीसदी में खांसी, 14 फीसदी में उल्टी, दो फीसदी में पेट दर्द, पांच फीसदी में हड्डियों में दर्द की समस्या मिली है।
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जब इनके ब्लड सैंपल की जांच की तो पता चला कि 36 फीसदी बच्चों में आयरन, 24 फीसदी में विटामिन बी-12, आठ फीसदी में आयरन और विटामिन बी-12 दोनों की कमी की वजह से एनीमिया हुआ है। बच्चों के खानपान पर गौर किया तो पता चला कि जंक फूड का अधिक सेवन एनीमिया का कारण है। उन्होंने बताया कि एनीमिया में लाल रक्त कोशिका और हीमोग्लोबिन की कमी होती है, जो ऊतकों तक ऑक्सीजन ले जाने के लिए जरूरी है। हीमोग्लोबिन आठ ग्राम से कम होने का मतलब गंभीर स्थिति है। इससे किशोरों का विकास प्रभावित होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। 10 से 19 वर्ष के बीच बच्चों का शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक विकास होता है। जिसमें संतुलित आहार की कमी एनीमिया का कारण है।
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बच्चों को एनीमिया से ऐसे बचाएं
महोबा। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चों को एनीमिया से बचाने के लिए सब्जी, दाल, अनाज, गुड़, तिल, कद्दू, सूरजमुखी के बीज का सेवन कराएं। दूध व दही नियमित दें। इंडोर के बजाय आउटडोर खेल के लिए बच्चों को प्रेरित करें। इससे मेटाबोलिज्म सक्रिय होता है और भूख भी लगती है।
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