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झमाझम बारिश से मकान गिरे
अमर उजाला महोबा
Updated Thu, 07 Jul 2016 11:44 PM IST
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पानी भरने से सड़क बनी तालाब
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में हो रही झमाझम बारिश से जनजीवन बेहाल है। आधा दर्जन से ज्यादा मकान गिर गए हैं। वहीं जिले में रेलवे क्रासिंग पर बने अंडरब्रिज जलमग्न हो गए हैं। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार सुबह छह बजे से शुरू हुई बारिश बंद होने का नाम नहीं ले रही। बारिश से सड़के और कच्चे मार्ग जलमग्न है। कच्चे मकानों की शामत आ गई है। कस्बा खन्ना की हरिजन बस्ती में रामरतन पुत्र मंगी वर्मा का मकान गिरने से उसकी मां निन्नी (70) दब गई। वृद्धा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी तरह मकनियापुरा निवासी जमील, बड़ी हाट निवासी रामेश्वर, शाहपहाड़ी निवासी हल्के, पनवाड़ी में रामदयाल और हरिराम का कच्चा मकान ढह गया। तालाबों को पाटने से पनवाड़ी कस्बे में घरों में पानी घुस गया है।
महोबा। नालों की सफाई के नाम पर लाखों खर्च होने के बाद भी थोड़ी सी बारिश में नाले उफना जाते है। जल निकासी न हो पाने से सड़कें तालाब बन जाती है। इससे राहगीरों को सड़कों पर निकलना मुश्किल हो जाता है। दो दिन से हो रही बारिश के चलते शहर की सड़कें जलमग्न है।
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महोबा। दिन रात हो रही बारिश से किसान काफी खुश है। तीन साल से सूखे पड़े खेतों में अच्छी खासी नमी पहुंच रही है। वहीं शासन की तालाब की खुदाई से अब बुंदेलखंड के धूल उड़ा रहे तालाबों में पानी दिखने लगा है। तीन साल से खरीफ की पैदावार न होने से किसानों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई थी। इस बार अच्छी बारिश से अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है।
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बुधवार सुबह छह बजे से शुरू हुई बारिश बंद होने का नाम नहीं ले रही। बारिश से सड़के और कच्चे मार्ग जलमग्न है। कच्चे मकानों की शामत आ गई है। कस्बा खन्ना की हरिजन बस्ती में रामरतन पुत्र मंगी वर्मा का मकान गिरने से उसकी मां निन्नी (70) दब गई। वृद्धा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी तरह मकनियापुरा निवासी जमील, बड़ी हाट निवासी रामेश्वर, शाहपहाड़ी निवासी हल्के, पनवाड़ी में रामदयाल और हरिराम का कच्चा मकान ढह गया। तालाबों को पाटने से पनवाड़ी कस्बे में घरों में पानी घुस गया है।
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महोबा। नालों की सफाई के नाम पर लाखों खर्च होने के बाद भी थोड़ी सी बारिश में नाले उफना जाते है। जल निकासी न हो पाने से सड़कें तालाब बन जाती है। इससे राहगीरों को सड़कों पर निकलना मुश्किल हो जाता है। दो दिन से हो रही बारिश के चलते शहर की सड़कें जलमग्न है।
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महोबा। दिन रात हो रही बारिश से किसान काफी खुश है। तीन साल से सूखे पड़े खेतों में अच्छी खासी नमी पहुंच रही है। वहीं शासन की तालाब की खुदाई से अब बुंदेलखंड के धूल उड़ा रहे तालाबों में पानी दिखने लगा है। तीन साल से खरीफ की पैदावार न होने से किसानों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई थी। इस बार अच्छी बारिश से अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है।