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जय अंबे गौरी मां, अगले बरस तू जल्दी आ
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Mon, 10 Oct 2016 10:40 PM IST
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विर्सजन को ले जाते प्रतिमा
- फोटो : अमर उजाला
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शारदीय नवरात्र पर शहर में आधा सैकड़ा से अधिक स्थानों पर पंडालों में विराजमान दुर्गा प्रतिमाएं सोमवार को विसर्जित की गईं। सुबह 11 बजे से शुरू हुए विसर्जन का सिलसिला शाम तक चलता रहा। विसर्जन जुलूस में ढोल नगाड़ों की धुन पर युवा जमकर थिरके और अबीर गुलाल उड़ाया। इस दौरान सुरक्षा
व्यवस्था मुस्तैद रही। शहर के समदनगर, हवेली दरवाजा, बजरंग चौक, परमानंद चौराहा, बंधानवार्ड, राठचुंगी, सुभाष चौक, ऊदल चौक, छजमनपुरा, भटीपुरा, हमीरपुर चुंगी सहित विभिन्न स्थानों पर रखी गईं प्रतिमाओं को ऐतिहासिक कीरत सागर में विसर्जित किया गया। विर्सजन जुलूस में युवा ढोल
नगाड़ों की धुन पर थिरकते रहे। भक्तों ने मां के जयकारों के साथ जमकर अबीर गुलाल उड़ाया। कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे में 22 स्थानों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं को गाजे-बाजे के साथ बड़ा तालाब में विसर्जित किया गया। डीजे पर रोक होने के चलते बैंडबाजों के साथ विसर्जन जुलूस निकाला गया। एसएसआई ध्यानसिंह चौहान पुलिस फोर्स के साथ लगातार गश्त करते रहे। विर्सजन के दौरान दुर्घटना न हो इसके लिए नाव पर पुलिस तैनात रही।
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दुर्गा पूजा कमेटियों को दिए प्रमाण पत्र
एसडीएम प्रबुद्ध सिंह ने ऐतिहासिक कीरत सागर में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद दुर्गा कमेटियों के अध्यक्षों को प्रमाण पत्र दिए। इससे पहले डीएम वीरेश्वर सिंह व पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कीरत सागर पहुंच प्रतिमाओं के विसर्जन का जायजा लिया। इस दौरान समाजसेवी दाऊ तिवारी, रामजी गुप्ता, नेहा चंसौरिया सहित तमाम लोग शामिल रहे।
नवरात्र पर देवी के रूप में जन्मी बेटियां
महोबा। नवरात्र पर्व पर जन्मी कन्याओं को उनके परिजन देवी का रूप मान रहे हैं। कन्याओं के जन्म के बाद से परिजनों के मन में किसी भी प्रकार का मलाल नहीं है कि उन्हें बेटा चाहिए था बल्कि उनमें दोगुनी खुशी नजर आई। महिला जिला अस्पताल में एक अक्टूबर से 9 अक्टूबर की रात 12 बजे तक
118 शिशुओं का जन्म हुआ जिनमें 63 लड़के व 55 लड़कियां शामिल है। कस्बा कुलपहाड़ के मोहल्ला किशोरगंज निवासी नफीसा पत्नी इस्लाम ने रविवार की रात 9.15 बजे बेटी को जन्म दिया। नफीसा ने बताया कि नवरात्र पर बेटी के जन्म से बेहद खुश हैं। कोतवाली कुलपहाड़ के ग्राम लाडपुर निवासी प्रभा पत्नी रूपसिंह ने महिला अस्पताल में शनिवार की शाम बेटी को जन्म दिया। कमलेश पहली संतान के रूप में बेटी पाकर खुश हैं। बेटी को जन्म देने वाली
अहिल्या पत्नी दीपक निवासर महोबा, राशि पत्नी नरेन्द्र निवासी बारी के परिजन भी बेटी के जन्म से गदगद हैं। वहीं, थाना खरेला के ग्राम बपरेथा निवासी कमलेश पत्नी द्रगभान ने कहा कि नवरात्र पर बच्ची ने साक्षात देवी के रूप में जन्म लिया है। पहली संतान बेटी होने पर परिवार में कभी दुख दर्द व कष्ट नहीं आते बल्कि बिगड़े काम सहज ही बनने लगते हैं।
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व्यवस्था मुस्तैद रही। शहर के समदनगर, हवेली दरवाजा, बजरंग चौक, परमानंद चौराहा, बंधानवार्ड, राठचुंगी, सुभाष चौक, ऊदल चौक, छजमनपुरा, भटीपुरा, हमीरपुर चुंगी सहित विभिन्न स्थानों पर रखी गईं प्रतिमाओं को ऐतिहासिक कीरत सागर में विसर्जित किया गया। विर्सजन जुलूस में युवा ढोल
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नगाड़ों की धुन पर थिरकते रहे। भक्तों ने मां के जयकारों के साथ जमकर अबीर गुलाल उड़ाया। कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे में 22 स्थानों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं को गाजे-बाजे के साथ बड़ा तालाब में विसर्जित किया गया। डीजे पर रोक होने के चलते बैंडबाजों के साथ विसर्जन जुलूस निकाला गया। एसएसआई ध्यानसिंह चौहान पुलिस फोर्स के साथ लगातार गश्त करते रहे। विर्सजन के दौरान दुर्घटना न हो इसके लिए नाव पर पुलिस तैनात रही।
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दुर्गा पूजा कमेटियों को दिए प्रमाण पत्र
एसडीएम प्रबुद्ध सिंह ने ऐतिहासिक कीरत सागर में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद दुर्गा कमेटियों के अध्यक्षों को प्रमाण पत्र दिए। इससे पहले डीएम वीरेश्वर सिंह व पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कीरत सागर पहुंच प्रतिमाओं के विसर्जन का जायजा लिया। इस दौरान समाजसेवी दाऊ तिवारी, रामजी गुप्ता, नेहा चंसौरिया सहित तमाम लोग शामिल रहे।
नवरात्र पर देवी के रूप में जन्मी बेटियां
महोबा। नवरात्र पर्व पर जन्मी कन्याओं को उनके परिजन देवी का रूप मान रहे हैं। कन्याओं के जन्म के बाद से परिजनों के मन में किसी भी प्रकार का मलाल नहीं है कि उन्हें बेटा चाहिए था बल्कि उनमें दोगुनी खुशी नजर आई। महिला जिला अस्पताल में एक अक्टूबर से 9 अक्टूबर की रात 12 बजे तक
118 शिशुओं का जन्म हुआ जिनमें 63 लड़के व 55 लड़कियां शामिल है। कस्बा कुलपहाड़ के मोहल्ला किशोरगंज निवासी नफीसा पत्नी इस्लाम ने रविवार की रात 9.15 बजे बेटी को जन्म दिया। नफीसा ने बताया कि नवरात्र पर बेटी के जन्म से बेहद खुश हैं। कोतवाली कुलपहाड़ के ग्राम लाडपुर निवासी प्रभा पत्नी रूपसिंह ने महिला अस्पताल में शनिवार की शाम बेटी को जन्म दिया। कमलेश पहली संतान के रूप में बेटी पाकर खुश हैं। बेटी को जन्म देने वाली
अहिल्या पत्नी दीपक निवासर महोबा, राशि पत्नी नरेन्द्र निवासी बारी के परिजन भी बेटी के जन्म से गदगद हैं। वहीं, थाना खरेला के ग्राम बपरेथा निवासी कमलेश पत्नी द्रगभान ने कहा कि नवरात्र पर बच्ची ने साक्षात देवी के रूप में जन्म लिया है। पहली संतान बेटी होने पर परिवार में कभी दुख दर्द व कष्ट नहीं आते बल्कि बिगड़े काम सहज ही बनने लगते हैं।