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Mahoba News: कोई परेशान करे तो झिझके नहीं, पुलिस से करें शिकायत
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संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा/चरखारी। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चरखारी में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। सीओ उमेशचंद्र ने कहा कि पुलिस हर समय छात्र-छात्राओं के साथ खड़ी है। यदि कोई परेशान करे तो झिझके नहीं, बल्कि तत्काल पुलिस से शिकायत करें।
इससे दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने छात्र-छात्राओं को कानून की जानकारी दी। इस दौरान बच्चों ने सीओ से कई सवाल किए। जिनके जवाब देते हुए उन्होंने छात्र-छात्राओं की जिज्ञासा को दूर किया।
सीओ ने बताया कि बीट स्तर पर बीट कांस्टेबल की व्यवस्था होती है। तीन से चार ग्राम पंचायतों के बीच हल्का होता है। हल्का प्रभारी एसआई को बनाया जाता है। इसके बार कस्बा स्तर पर थाना और तीन से चार थानों के बीच सर्किल होता है। पुलिस आपकी सेवा में तत्पर है। स्कूल आते-जाते समय यदि कोई परेशान करता है तो डायल-112 पर कॉल करें। पुलिस मौके पर पहुंचकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
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इसकी जानकारी माता-पिता को भी दें। छात्र-छात्राओं को झिझकना नहीं चाहिए। किसी के प्रलोभन में नहीं आएं। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पुलिस और कानूनी मदद के संबंध में सवाल किए। इसका सीओ ने बिंदुवार जवाब दिया। कोतवाली प्रभारी गणेश गुप्ता ने पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने तहरीर, एफआईआर विवेचना आदि के बारे भी बताया। कहा कि पुलिस आपके बीच एक वातावरण की तरह है।
पुलिस सुरक्षा बेहद जरूरी है ताकि घटनाओं पर अंकुश लगा रहे। उन्होंने साइबर अपराध से बचने के लिए भी जागरूक किया। कहा कि मोबाइल पर आने वाले लिंक पर क्लिक न करें। परिजनों को भी सतर्क होकर मोबाइल चलाने के लिए प्रेरित करें। जागरूकता बरतने पर ही साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। यातायात प्रभारी सुनील कुमार ने छात्र-छात्राओं को ट्राफिक नियमों के प्रति जागरूक किया।
कहा कि 18 साल से कम उम्र के नाबालिगों के लिए बाइक चलाना नियमों के खिलाफ है। यदि कोई नाबालिग बाइक चलाते पकड़ा जाता है तो उसके अभिभावक को 25 हजार का जुर्माना व तीन साल की सजा हो सकती है। इस मौके पर प्रधानाचार्य नवीन कुमार अवस्थी, शिक्षक योगेंद्र चौबे आदि मौजूद रहे।
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सवाल-क्या पुलिस कभी-कभी दबाव में काम करती है।- प्रशांत यादव, कक्षा 11वीं
फोटो 02 एमएएचपी 03 परिचय-प्रशांत यादव।
जवाब- नहीं ऐसा नहीं है। छोटे-छोटे मामलों में आपसी सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का निपटाने का प्रयास किया जाता है जबकि बढ़े मामलों में तहरीर मिलते ही एफआईआर दर्ज की जाती है और आरोपियों को पकड़ कर जेल भेजा जाता है।
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सवाल-एसएचओ कैसे बनते हैं, इसकी ट्रेनिंग कैसे होती है।
- नेहा यादव, कक्षा आठवीं
फोटो 02 एमएएचपी 04 परिचय-नेहा यादव।
जवाब- समय-समय पर भर्ती निकलती रहती है। भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए स्नातक पास होना जरूरी है। बेहतर तरीके से पढाई करें। तैयारी अच्छी होगी तो परीक्षा में सफल होने की संभावना बढ़ जाती है। चयन के बाद पुलिस विभाग की ओर से अभ्यर्थी को ट्रेनिंग दी जाती है।
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सवाल- आरोपी के परिजनों को भी पुलिस क्यों पकड़ ले जाती है।
- साहिबा, कक्षा 11वीं
फोटो 02 एमएएचपी 05 परिचय-साहिबा।
जवाब-आरोपी के फरार होने पर उसका पता लगाने के लिए कभी-कभी परिजनों को पूछताछ के लिए लाया जाता है ताकि आरोपी के बारे में जानकारी हासिल हो सके।
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सवाल-पीसीएस अफसर बनने के लिए तैयारी कैसे करते हैं।
- आयुष कुमार, कक्षा नौवीं
फोटो 02 एमएएचपी 06 परिचय-आयुष कुमार।
जवाब- इसके लिए स्नातक पास होना जरूरी है। सिलेबस के हिसाब से इसकी तैयारी करें। ख्वाब ऊंचे होना चाहिए। मंजिल पाने के लिए पूरे मनोयोग से कोशिश करें।
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महोबा/चरखारी। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चरखारी में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। सीओ उमेशचंद्र ने कहा कि पुलिस हर समय छात्र-छात्राओं के साथ खड़ी है। यदि कोई परेशान करे तो झिझके नहीं, बल्कि तत्काल पुलिस से शिकायत करें।
इससे दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने छात्र-छात्राओं को कानून की जानकारी दी। इस दौरान बच्चों ने सीओ से कई सवाल किए। जिनके जवाब देते हुए उन्होंने छात्र-छात्राओं की जिज्ञासा को दूर किया।
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सीओ ने बताया कि बीट स्तर पर बीट कांस्टेबल की व्यवस्था होती है। तीन से चार ग्राम पंचायतों के बीच हल्का होता है। हल्का प्रभारी एसआई को बनाया जाता है। इसके बार कस्बा स्तर पर थाना और तीन से चार थानों के बीच सर्किल होता है। पुलिस आपकी सेवा में तत्पर है। स्कूल आते-जाते समय यदि कोई परेशान करता है तो डायल-112 पर कॉल करें। पुलिस मौके पर पहुंचकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
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इसकी जानकारी माता-पिता को भी दें। छात्र-छात्राओं को झिझकना नहीं चाहिए। किसी के प्रलोभन में नहीं आएं। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पुलिस और कानूनी मदद के संबंध में सवाल किए। इसका सीओ ने बिंदुवार जवाब दिया। कोतवाली प्रभारी गणेश गुप्ता ने पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने तहरीर, एफआईआर विवेचना आदि के बारे भी बताया। कहा कि पुलिस आपके बीच एक वातावरण की तरह है।
पुलिस सुरक्षा बेहद जरूरी है ताकि घटनाओं पर अंकुश लगा रहे। उन्होंने साइबर अपराध से बचने के लिए भी जागरूक किया। कहा कि मोबाइल पर आने वाले लिंक पर क्लिक न करें। परिजनों को भी सतर्क होकर मोबाइल चलाने के लिए प्रेरित करें। जागरूकता बरतने पर ही साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। यातायात प्रभारी सुनील कुमार ने छात्र-छात्राओं को ट्राफिक नियमों के प्रति जागरूक किया।
कहा कि 18 साल से कम उम्र के नाबालिगों के लिए बाइक चलाना नियमों के खिलाफ है। यदि कोई नाबालिग बाइक चलाते पकड़ा जाता है तो उसके अभिभावक को 25 हजार का जुर्माना व तीन साल की सजा हो सकती है। इस मौके पर प्रधानाचार्य नवीन कुमार अवस्थी, शिक्षक योगेंद्र चौबे आदि मौजूद रहे।
सवाल-क्या पुलिस कभी-कभी दबाव में काम करती है।- प्रशांत यादव, कक्षा 11वीं
फोटो 02 एमएएचपी 03 परिचय-प्रशांत यादव।
जवाब- नहीं ऐसा नहीं है। छोटे-छोटे मामलों में आपसी सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का निपटाने का प्रयास किया जाता है जबकि बढ़े मामलों में तहरीर मिलते ही एफआईआर दर्ज की जाती है और आरोपियों को पकड़ कर जेल भेजा जाता है।
सवाल-एसएचओ कैसे बनते हैं, इसकी ट्रेनिंग कैसे होती है।
- नेहा यादव, कक्षा आठवीं
फोटो 02 एमएएचपी 04 परिचय-नेहा यादव।
जवाब- समय-समय पर भर्ती निकलती रहती है। भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए स्नातक पास होना जरूरी है। बेहतर तरीके से पढाई करें। तैयारी अच्छी होगी तो परीक्षा में सफल होने की संभावना बढ़ जाती है। चयन के बाद पुलिस विभाग की ओर से अभ्यर्थी को ट्रेनिंग दी जाती है।
सवाल- आरोपी के परिजनों को भी पुलिस क्यों पकड़ ले जाती है।
- साहिबा, कक्षा 11वीं
फोटो 02 एमएएचपी 05 परिचय-साहिबा।
जवाब-आरोपी के फरार होने पर उसका पता लगाने के लिए कभी-कभी परिजनों को पूछताछ के लिए लाया जाता है ताकि आरोपी के बारे में जानकारी हासिल हो सके।
सवाल-पीसीएस अफसर बनने के लिए तैयारी कैसे करते हैं।
- आयुष कुमार, कक्षा नौवीं
फोटो 02 एमएएचपी 06 परिचय-आयुष कुमार।
जवाब- इसके लिए स्नातक पास होना जरूरी है। सिलेबस के हिसाब से इसकी तैयारी करें। ख्वाब ऊंचे होना चाहिए। मंजिल पाने के लिए पूरे मनोयोग से कोशिश करें।