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दहेज हत्या के मामले में पति को दस साल की सजा
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महोबा। बहू की जहर खिलाकर हत्या करने के मामले में अदालत ने मृतका के पति को दस साल और सास-ससुर को सात-सात साल की सजा सुनाई। साथ ही, पति पर दस हजार और सास-सुसर पर आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। तीनों अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया है जबकि तीन-तीन देवरों पर दोषसिद्ध न होने पर न्यायालय में उन्हें बरी कर दिया।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम किड़ारी निवासी मनमोहन ने अपने बेटी कौशल्या का विवाह दो मई 2014 को थाना श्रीनगर के ग्राम पवा निवासी कमलेश पुत्र टीकाराम यादव के साथ किया था। विवाह में दान-दहेज भी दिया गया था। मृतका के पिता ने बताया कि विवाह के समय ही ससुरालीजन दहेज में पल्सर गाड़ी और दो तौला जंजीर की मांग करने लगे। न देने पर ससुरालीजनों ने विदा करने से इंकार कर दिया था। युवती के पिता ने हाथ जोड़कर किसी तरह ससुरालीजनों को मनाकर बेटी की विदा की थी, लेकिन 24 नवंबर 2017 को ससुरालीजनों ने कौशल्या की जहर खिलाकर हत्या कर दी थी। जिसकी रिपोर्ट मृतका के पिता मनमोहन ने थाना श्रीनगर में पति कमलेश, ससुर टीकाराम, सास रामश्री, देवर राजेंद्र, छत्रपाल और बाबूलाल के खिलाफ दर्ज कराई थी।
शनिवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार राय ने दहेज हत्या में पति को दस साल की सजा, छह हजार रुपये जुर्माना, दहेज के लिए परेशान करने पर तीन साल की सजा और चार हजार रुपये जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। ससुर टीकाराम को दहेज हत्या में सात साल की सजा और आठ हजार रुपये का जुर्माना ठोंका, न देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा होगी। सास रामश्री को सात साल की सजा और आठ हजार रुपये जुर्माना ठोंका। इस मुकदमे की पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने बताया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।
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कोतवाली क्षेत्र के ग्राम किड़ारी निवासी मनमोहन ने अपने बेटी कौशल्या का विवाह दो मई 2014 को थाना श्रीनगर के ग्राम पवा निवासी कमलेश पुत्र टीकाराम यादव के साथ किया था। विवाह में दान-दहेज भी दिया गया था। मृतका के पिता ने बताया कि विवाह के समय ही ससुरालीजन दहेज में पल्सर गाड़ी और दो तौला जंजीर की मांग करने लगे। न देने पर ससुरालीजनों ने विदा करने से इंकार कर दिया था। युवती के पिता ने हाथ जोड़कर किसी तरह ससुरालीजनों को मनाकर बेटी की विदा की थी, लेकिन 24 नवंबर 2017 को ससुरालीजनों ने कौशल्या की जहर खिलाकर हत्या कर दी थी। जिसकी रिपोर्ट मृतका के पिता मनमोहन ने थाना श्रीनगर में पति कमलेश, ससुर टीकाराम, सास रामश्री, देवर राजेंद्र, छत्रपाल और बाबूलाल के खिलाफ दर्ज कराई थी।
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शनिवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार राय ने दहेज हत्या में पति को दस साल की सजा, छह हजार रुपये जुर्माना, दहेज के लिए परेशान करने पर तीन साल की सजा और चार हजार रुपये जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। ससुर टीकाराम को दहेज हत्या में सात साल की सजा और आठ हजार रुपये का जुर्माना ठोंका, न देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा होगी। सास रामश्री को सात साल की सजा और आठ हजार रुपये जुर्माना ठोंका। इस मुकदमे की पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने बताया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।
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