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Mahoba News: 21 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलीं गर्म हवा ने किया बेहाल
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महोबा। बुंदेलखंड की पठारी धरती पर बुधवार को भीषण गर्मी का असर पूरे दिन बना रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर के समय 21 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह और दोपहर में कुछ समय के लिए हल्के बादल छाए लेकिन इससे राहत नहीं मिल सकी।
बुधवार की भोर आसमान में हल्के बादल रहे लेकिन आठ बजे के बाद धूप तेज हो गई। जैसे-जैसे दिन चढ़ा गर्मी और तीखी होती गई। दोपहर 12 बजे के बाद हालात और खराब हो गए। गर्मी के कारण शहर के बाजारों और मुख्य मार्गों पर सन्नाटा पसर गया। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले और वह भी सिर ढककर या गमछा लेकर। नौतपा के तीसरे दिन गर्मी का असर और अधिक बढ़ गया। न्यूनतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस, आर्द्रता 14 प्रतिशत दर्ज की गई।
कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक रजनीश मिश्रा ने बताया कि नौतपा के दौरान तापमान में वृद्धि सामान्य है लेकिन बृहस्पतिवार को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
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डिहाइड्रेशन, डायरिया और बुखार के मरीज बढ़े
भीषण गर्मी का असर स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल में डिहाइड्रेशन, डायरिया और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार रोजाना 10 से 15 मरीज डिहाइड्रेशन के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार भट्ट ने बताया कि ओपीडी में आने वाले लगभग 40 प्रतिशत मरीज मौसमी बीमारियों से प्रभावित हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान
-घर से निकलने से पहले नाश्ता जरूर करें।
-सूती और ढीले कपड़े पहनें।
-हर एक घंटे में पानी पीएं, सिर को सीधे धूप से बचाएं।
-तले-भुने, मैदे से बने भोजन व फास्टफूड से बचें।
-तरबूज, खरबूज, संतरा, अंगूर आदि रसदार फल अधिक खाएं।
-खीरा, ककड़ी, दही खाएं। छाछ, लस्सी, आम पना, नींबू पानी खूब पीएं।
-बच्चों को सूरज ढलने के बाद ही बाहर खेलने दें।
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बुधवार की भोर आसमान में हल्के बादल रहे लेकिन आठ बजे के बाद धूप तेज हो गई। जैसे-जैसे दिन चढ़ा गर्मी और तीखी होती गई। दोपहर 12 बजे के बाद हालात और खराब हो गए। गर्मी के कारण शहर के बाजारों और मुख्य मार्गों पर सन्नाटा पसर गया। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले और वह भी सिर ढककर या गमछा लेकर। नौतपा के तीसरे दिन गर्मी का असर और अधिक बढ़ गया। न्यूनतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस, आर्द्रता 14 प्रतिशत दर्ज की गई।
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कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक रजनीश मिश्रा ने बताया कि नौतपा के दौरान तापमान में वृद्धि सामान्य है लेकिन बृहस्पतिवार को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
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डिहाइड्रेशन, डायरिया और बुखार के मरीज बढ़े
भीषण गर्मी का असर स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल में डिहाइड्रेशन, डायरिया और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार रोजाना 10 से 15 मरीज डिहाइड्रेशन के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार भट्ट ने बताया कि ओपीडी में आने वाले लगभग 40 प्रतिशत मरीज मौसमी बीमारियों से प्रभावित हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान
-घर से निकलने से पहले नाश्ता जरूर करें।
-सूती और ढीले कपड़े पहनें।
-हर एक घंटे में पानी पीएं, सिर को सीधे धूप से बचाएं।
-तले-भुने, मैदे से बने भोजन व फास्टफूड से बचें।
-तरबूज, खरबूज, संतरा, अंगूर आदि रसदार फल अधिक खाएं।
-खीरा, ककड़ी, दही खाएं। छाछ, लस्सी, आम पना, नींबू पानी खूब पीएं।
-बच्चों को सूरज ढलने के बाद ही बाहर खेलने दें।