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अपने संवर-संवर पग धारौ संसार में यारो.....
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मां की आराधना में लीन भक्त
- फोटो : MAHOBA
महोबा। कठकुलवापुरा स्थित कबीर आश्रम में रविवार को अमृतवाणी सत्संग का आयोजन हुआ। शुभारंभ कबीर वंदना से हुआ। राधा-कृष्ण की भक्ति से पूर्ण फाग सुनकर भक्त सराबोर हो गए।
डिग्री कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. एलसी अनुरागी ने सतगुरु ऐसी रंगो चुनरिया, सुर नर मुनि खां भावै, सतगुरु रंग जो चूनर ओढ़े अमृत फल वो पावे फाग सुनाया। इसके बाद ईसुरी की फाग अपने संवर-संवर पग धारौ संसार में यारो, चलबू करे धरम कौ मारग रामैं नई बिसारौ सुनाई।
बुंदेली कवि विदेश विद्यासन ने तन को कौन भरोसो करने आखिर इक दिन मरने, जौ संसार ओस को बूंदा पवन लगे से दुखने फाग गाया। वरिष्ठ कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने आओ को अमरौती खाकें ई दुनियां में आके, नंगे गैल पकर गए धर गए का करतूत कमाकें सुनाकर माहौल भक्तिमय कर दिया।
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पं. जगदीशचंद्र रिछारिया व त्रिलोक ने सुनाया लै लो सीताराम हमारी चलती वेरा प्यारी, ऐसी निगा राखियो हम पै होय नजर नई दुआरी। मौके पर राधेश्याम पुरवार, राजकुमार अनुरागी, नीरज विश्वकर्मा, कमलापत व राजेंद्र राजपूत सहित कई भक्त मौजूद रहे।
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डिग्री कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. एलसी अनुरागी ने सतगुरु ऐसी रंगो चुनरिया, सुर नर मुनि खां भावै, सतगुरु रंग जो चूनर ओढ़े अमृत फल वो पावे फाग सुनाया। इसके बाद ईसुरी की फाग अपने संवर-संवर पग धारौ संसार में यारो, चलबू करे धरम कौ मारग रामैं नई बिसारौ सुनाई।
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बुंदेली कवि विदेश विद्यासन ने तन को कौन भरोसो करने आखिर इक दिन मरने, जौ संसार ओस को बूंदा पवन लगे से दुखने फाग गाया। वरिष्ठ कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने आओ को अमरौती खाकें ई दुनियां में आके, नंगे गैल पकर गए धर गए का करतूत कमाकें सुनाकर माहौल भक्तिमय कर दिया।
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पं. जगदीशचंद्र रिछारिया व त्रिलोक ने सुनाया लै लो सीताराम हमारी चलती वेरा प्यारी, ऐसी निगा राखियो हम पै होय नजर नई दुआरी। मौके पर राधेश्याम पुरवार, राजकुमार अनुरागी, नीरज विश्वकर्मा, कमलापत व राजेंद्र राजपूत सहित कई भक्त मौजूद रहे।