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होली पर सजा बाजार, बढ़ने लगी रौनक
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Sat, 19 Mar 2016 11:44 PM IST
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बाजार में सजी पिचकारियां
- फोटो : अमर उजाला
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होली को लेकर बाजार गुलजार हो गए हैं। रंगों, पिचकारी, कपड़ों और रेडीमेड चिप्स, पापड़ की खरीद की जा रही है। हुरियारे होली बढ़ाने के साथ ही मटकी फोड़ आयोजनों की तैयारी में जुट गए हैं।
जिले में होली का त्योहार परंपरागत तरीके से मनाया जाता है। त्योहार पर जहां एक ओर रंग बरसते, वहीं लोग एक दूसरे के गले लगकर पुराने शिकवे दूर करते हैं। त्योहार को लेकर घरों में तैयारियां तेज हो गई हैं।
वहीं बाजारों में भी रौनक बनने लगी है। रंग, पिचकारी, मिठाई और खोवा की सुबह से शाम तक खरीदारी हो रही है।22 मार्च को होलिका दहन से त्योहार की शुरुआत हो जाएगी। इसको लेकर बच्चों और युवाओं में खासा जोश है।
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शहर में होली पर मटकी फोड़ने की पंरपरा है। युवाओं की टोलियंा सारी रात जागकर घरों में मटकी तोड़ती हैं। सुबह से होली का रंग चढ़ता है। युवा होली पर जगह जगह डीजे लगाकर फिल्मी गीतों पर थिरकते हैं।
एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली की खुशियां मनाई जाती हैं। शहर में चारों ओर होली गीतों की गूंज सुनाई देती है।
खतरनाक हैं मिलावटी रंग
होली पर मिलावटी रंग खुशियों में विधभन डाल सकते हैं। रंगों में रासायनिक तत्वों की मिलावट आंखों में जलन और एलर्जी की समस्या बढ़ा सकती है। इनके आंखों में पड़ने के बाद रगड़ने से घाव हो जाता है।
वहीं हरे गुलाल में मिलाए जाने वाले कॅापर सल्फेट के कारण अस्थायी तौर पर नेत्रहीनता की शिकायत हो सकती है। अस्थमा के मरीजों के लिए सूखे और गीले दोनों रंग हानिकारक हैं। नीले गुलाल में मिलाया जाने वाला प्रूशियन ब्लू त्वचा में एलर्जी और संक्रमण पैदा कर सकता है। मिलावटी रंग त्वचा के साथ साथ बालों के लिए भी नुकसानदायक होते हैं।
डा ज्ञानेश अवस्थी
थोड़ी सी सावधानी, खुशियां पूरी
. सूखे रंगों का प्रयोग करें।
. रंग खेलने से पहले अपने को सुरक्षित कर लें।
. दूसरों पर रंग की जगह कीचड़ व गोबर न फेंकें।
. हर्बल रंग व गुलाल का प्रयोग कर सुखद होली खेलें।
. आंखों को रंगों से बचाने का पूरा प्रयास करें।
. जलन ज्यादा हो तो नेत्र चिकित्सक को दिखाएं ।
होली पर नशे से बचेें।
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जिले में होली का त्योहार परंपरागत तरीके से मनाया जाता है। त्योहार पर जहां एक ओर रंग बरसते, वहीं लोग एक दूसरे के गले लगकर पुराने शिकवे दूर करते हैं। त्योहार को लेकर घरों में तैयारियां तेज हो गई हैं।
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वहीं बाजारों में भी रौनक बनने लगी है। रंग, पिचकारी, मिठाई और खोवा की सुबह से शाम तक खरीदारी हो रही है।22 मार्च को होलिका दहन से त्योहार की शुरुआत हो जाएगी। इसको लेकर बच्चों और युवाओं में खासा जोश है।
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शहर में होली पर मटकी फोड़ने की पंरपरा है। युवाओं की टोलियंा सारी रात जागकर घरों में मटकी तोड़ती हैं। सुबह से होली का रंग चढ़ता है। युवा होली पर जगह जगह डीजे लगाकर फिल्मी गीतों पर थिरकते हैं।
एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली की खुशियां मनाई जाती हैं। शहर में चारों ओर होली गीतों की गूंज सुनाई देती है।
खतरनाक हैं मिलावटी रंग
होली पर मिलावटी रंग खुशियों में विधभन डाल सकते हैं। रंगों में रासायनिक तत्वों की मिलावट आंखों में जलन और एलर्जी की समस्या बढ़ा सकती है। इनके आंखों में पड़ने के बाद रगड़ने से घाव हो जाता है।
वहीं हरे गुलाल में मिलाए जाने वाले कॅापर सल्फेट के कारण अस्थायी तौर पर नेत्रहीनता की शिकायत हो सकती है। अस्थमा के मरीजों के लिए सूखे और गीले दोनों रंग हानिकारक हैं। नीले गुलाल में मिलाया जाने वाला प्रूशियन ब्लू त्वचा में एलर्जी और संक्रमण पैदा कर सकता है। मिलावटी रंग त्वचा के साथ साथ बालों के लिए भी नुकसानदायक होते हैं।
डा ज्ञानेश अवस्थी
थोड़ी सी सावधानी, खुशियां पूरी
. सूखे रंगों का प्रयोग करें।
. रंग खेलने से पहले अपने को सुरक्षित कर लें।
. दूसरों पर रंग की जगह कीचड़ व गोबर न फेंकें।
. हर्बल रंग व गुलाल का प्रयोग कर सुखद होली खेलें।
. आंखों को रंगों से बचाने का पूरा प्रयास करें।
. जलन ज्यादा हो तो नेत्र चिकित्सक को दिखाएं ।
होली पर नशे से बचेें।