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Mahoba News: कहकशां की मेहनत चढ़ी परवान, महिलाओं को मिल रहा मुकाम

Wed, 07 Feb 2024 11:37 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Wed, 07 Feb 2024 11:37 PM IST
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Hard work has paid off, women are getting success
महोबा। आर्थिक रूप से कमजोर युवतियों और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का बीड़ा उठाने वाली कहकशां जलाल की मेहनत अब परवान चढ़ गई है। वर्ष 2016 में तीन छात्राओं के समूह से शुरू किए गए मुफ्त सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण से अब तक 300 महिलाओं को हुनरमंद बना चुकी हैं। 30 युवतियां व महिलाएं मुफ्त में प्रशिक्षण लेने के बाद स्वयं का कारोबार कर रही हैं।
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शहर के लवकुशनगर तिराहा निवासी कहकशां जलाल किराये के मकान में रहती हैं। सिलाई-कढ़ाई के साथ ब्यूटी पार्लर, मेंहदी और लिफाफे का हुनर सीख कहकशां ने वर्ष 2016 में मुफ्त प्रशिक्षण देना शुरू किया। आर्थिक रूप से कमजोर व फीस अदा करने में अक्षम महिलाओं व युवतियों को सिलाई-कढ़ाई सिखाई। वर्तमान में 20 महिलाएं सिलाई-कढ़ाई व ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण ले रही हैं।
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कहकशां बताती हैं कि आर्थिक रूप से कमजोर और बेसहारा महिलाएं प्रशिक्षण लेकर खुद का कारोबार शुरू करती हैं तो उन्हें खुशी मिलती है। वह प्रतिदिन तीन से चार घंटे प्रशिक्षण देतीं हैं। शेष समय में वह स्वयं कपड़ों की सिलाई का काम करती हैं। इससे खर्च निकल आता है।
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इंसेट
महिला का दर्द सुन उठाया हुनरमंद बनाने का बीड़ा


वर्ष 2015 में कहकशां जलाल एक स्वयंसेवी संस्था में काम करती थीं। इस दौरान उनकी मुलाकात ब्लॉक जैतपुर के ठठेवरा निवासी विनीता से हुई। आर्थिक रूप से परेशान विनीता आत्महत्या करने खेतों की ओर जा रही थी। महिला का दर्द सुनकर कहकशां ने ढांढ़स बंधाया और सिलाई का प्रशिक्षण देकर स्वयं का कारोबार करने को प्रेरित किया। तब से कहकशां ने स्वयंसेवी संस्था से काम छोड़कर स्वयं समाजसेवा व महिलाओं को हुनरमंद बनाने का बीड़ा उठाया।


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इंसेट
यह महिलाएं कर रहीं स्वयं का काम



मुफ्त सिलाई-कढ़ाई व प्रशिक्षण लेने के बाद कई महिलाओं ने घर पर ही खुद का कारोबार शुरू कर दिया है। वर्तमान में रानी, रजनी, ज्योति प्रजापति, ममता, अफसाना, किरण, राधा, रिंकी, मोहिनी, खुशी, शाहीन, रोशनी, हिमांशी, पूजा समेत 30 महिलाएं सिलाई कढ़ाई व ब्यूटी पॉर्लर सेंटर चला स्वरोजगार कर रहीं हैं। जिससे उन्हें प्रतिदिन 300 से 500 रुपये की आमदनी हो रही है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों यह प्रशिक्षण चल रहा था। अब जिला स्तर पर निशुल्क प्रशिक्षण चलाया जा रहा है।
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