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Mahoba News: महोबा में 18 करोड़ का जीएसटी घोटाला
Sun, 09 Feb 2025 11:28 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 09 Feb 2025 11:28 PM IST
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महोबा। जिले में राज्य कर विभाग ने एक बड़े जीएसटी घोटाले का भंडाफोड़ किया है। विभागीय जांच में सामने आया कि चार प्रमुख व्यापारिक फर्मों ने ठेकेदारों के साथ मिलकर बिना किसी सामग्री के लेनदेन के फर्जी बिल बनाकर करीब 18 करोड़ रुपये की कर चोरी की। विभाग ने एक फर्म का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया है जबकि शेष फर्मों की जांच चल रही है।
जांच में सामने आया कि अतुल बाबू समेत चार फर्मों ने कागजों में करोड़ों रुपये फर्जी बिलिंग दिखाई। इन फर्मों ने न तो कोई सामान खरीदा और न ही बेचा लेकिन ठेकेदारों को फर्जी बिल जारी कर दिए। जांच में पता चला कि ठेकेदारों ने इन फर्जी बिलों के आधार पर जीएसटी का लाभ तो लिया लेकिन फर्मों ने यह राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं की। करोड़ों के टैक्स चोरी के इस मामले की परतें जांच में खुल रही हैं। कई अन्य फर्में भी विभाग की जांच पर हैं। करीब 18 करोड़ का घोटाला होने की बात सामने आई है।
उपायुक्त राज्य कर नीरज सेंगर का कहना है कि बिना खरीद-फरोख्त के बिल जारी करना गंभीर मामला है। जिसकी जांच चल रही है। प्रदेश से जुड़ी एक फर्म का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया गया है। साथ ही नोटिस भेजा गया है। केंद्र से जुड़ी दो फर्मों की जांच चल रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। व्यापारी जो माल खरीद रहे हैं, उसी की बिक्री करें। अन्यथा कार्रवाई होगी।
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जांच में सामने आया कि अतुल बाबू समेत चार फर्मों ने कागजों में करोड़ों रुपये फर्जी बिलिंग दिखाई। इन फर्मों ने न तो कोई सामान खरीदा और न ही बेचा लेकिन ठेकेदारों को फर्जी बिल जारी कर दिए। जांच में पता चला कि ठेकेदारों ने इन फर्जी बिलों के आधार पर जीएसटी का लाभ तो लिया लेकिन फर्मों ने यह राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं की। करोड़ों के टैक्स चोरी के इस मामले की परतें जांच में खुल रही हैं। कई अन्य फर्में भी विभाग की जांच पर हैं। करीब 18 करोड़ का घोटाला होने की बात सामने आई है।
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उपायुक्त राज्य कर नीरज सेंगर का कहना है कि बिना खरीद-फरोख्त के बिल जारी करना गंभीर मामला है। जिसकी जांच चल रही है। प्रदेश से जुड़ी एक फर्म का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया गया है। साथ ही नोटिस भेजा गया है। केंद्र से जुड़ी दो फर्मों की जांच चल रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। व्यापारी जो माल खरीद रहे हैं, उसी की बिक्री करें। अन्यथा कार्रवाई होगी।
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