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Mahoba News: वृंदावनमय हुआ गोवर्द्धन्नाथजू मेला, उमड़ी भीड़
Sun, 02 Nov 2025 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 02 Nov 2025 12:39 AM IST
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फोटो 01 एमएएचपी 10 परिचय-मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाती कार्तिक स्नान करने वाली महिलाएं। संव
चरखारी (महोबा)। कार्तिक मास धरम का महीना, भीड़ लगत इते भारी, वृंदावन मय भई चरखारी की पंक्तियां शनिवार को देवोत्थान एकादशी पर चरितार्थ नजर आईं। भोर से ही हजारों की संख्या में महोबा के अलावा हमीरपुर, बांदा, छतरपुर समेत कई जिलों से कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं के जत्थे गोवर्द्धन्नाथजू मंदिर पहुंचे। जहां 108 कृष्ण मंदिरों के स्थापित विमानों के दर्शन व परिक्रमा कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। कृष्ण गीतों पर थिरकती महिलाओं ने पूरा माहौल भक्तिमय बना दिया।
एक माह तक चलने वाले 142 वर्ष पुराने ऐतिहासिक गोवर्द्धन्नाथजू मेले की शुरूआत दिवाली की परेवा से हुई थी। मेलास्थल गोवर्द्धन्नाथजू मंदिर में सभी 108 कृष्ण मंदिरों के विमान रखे गए हैं। देवोत्थान एकादशी पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटी। कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं ने सूर्य की पहली किरण निकलने के साथ ही सरोवरों में स्नान किया। इसके बाद गोवर्द्धन्नाथजू मंदिर के दर्शन और परिक्रमा शुरू की। जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया, वैसे-वैस मेले में आस्था का हुजूम शुरू हो गया। भक्तों ने मंदिर की परिक्रमा कर माथा टेका और प्रसाद चढ़ाया। इस दौरान कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं ने कृष्ण भक्ति में डूबकर जमकर नृत्य किया। भगवान कृष्ण के भजनों में झूमती महिलाओं से माहौल भक्तिमय बन गया।
वृंदावन से आई रासलीला मंडली ने कृष्ण की लीलाओं का चित्रण किया। मेले में सजी दुकानों से जहां महिलाओं ने घरेलू उपयोग की सामग्री खरीदी, वहीं बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। अधिक भीड़ को देखते हुए सीओ दीपक दुबे, एसडीएम धीरेंद्र कुमार, कोतवाल प्रवीण कुमार स्वयं सुरक्षा की कमान संभाले रहे। पालिकाध्यक्ष मंजू कुशवाहा, उनके प्रतिनिधि रामपाल कुशवाहा, ईओ अमरजीत सिंह, मेला प्रभारी संजीत कुमार, लेखाकार अय्यूब खां, सौरभ सक्सेना, तेज प्रताप सिंह आदि मेले की व्यवस्थाएं देखते रहे।
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एक माह तक चलने वाले 142 वर्ष पुराने ऐतिहासिक गोवर्द्धन्नाथजू मेले की शुरूआत दिवाली की परेवा से हुई थी। मेलास्थल गोवर्द्धन्नाथजू मंदिर में सभी 108 कृष्ण मंदिरों के विमान रखे गए हैं। देवोत्थान एकादशी पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटी। कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं ने सूर्य की पहली किरण निकलने के साथ ही सरोवरों में स्नान किया। इसके बाद गोवर्द्धन्नाथजू मंदिर के दर्शन और परिक्रमा शुरू की। जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया, वैसे-वैस मेले में आस्था का हुजूम शुरू हो गया। भक्तों ने मंदिर की परिक्रमा कर माथा टेका और प्रसाद चढ़ाया। इस दौरान कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं ने कृष्ण भक्ति में डूबकर जमकर नृत्य किया। भगवान कृष्ण के भजनों में झूमती महिलाओं से माहौल भक्तिमय बन गया।
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वृंदावन से आई रासलीला मंडली ने कृष्ण की लीलाओं का चित्रण किया। मेले में सजी दुकानों से जहां महिलाओं ने घरेलू उपयोग की सामग्री खरीदी, वहीं बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। अधिक भीड़ को देखते हुए सीओ दीपक दुबे, एसडीएम धीरेंद्र कुमार, कोतवाल प्रवीण कुमार स्वयं सुरक्षा की कमान संभाले रहे। पालिकाध्यक्ष मंजू कुशवाहा, उनके प्रतिनिधि रामपाल कुशवाहा, ईओ अमरजीत सिंह, मेला प्रभारी संजीत कुमार, लेखाकार अय्यूब खां, सौरभ सक्सेना, तेज प्रताप सिंह आदि मेले की व्यवस्थाएं देखते रहे।

फोटो 01 एमएएचपी 10 परिचय-मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाती कार्तिक स्नान करने वाली महिलाएं। संव

फोटो 01 एमएएचपी 10 परिचय-मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाती कार्तिक स्नान करने वाली महिलाएं। संव

फोटो 01 एमएएचपी 10 परिचय-मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाती कार्तिक स्नान करने वाली महिलाएं। संव

फोटो 01 एमएएचपी 10 परिचय-मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाती कार्तिक स्नान करने वाली महिलाएं। संव
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