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Mahoba News: ऑनलाइन खतौनी न निकलने से चार हजार किसान केंद्रों पर नहीं बेच पा रहे गेहूं

Sat, 18 Apr 2026 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Sat, 18 Apr 2026 12:34 AM IST
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Four thousand farmers are unable to sell wheat at the centers due to the lack of online Khatauni.
कुलपहाड़ (महोबा)। मौजा कुलपहाड़ के चार हजार किसान कस्बा कुलपहाड़ में सरकारी क्रय केंद्र में अपना गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं। चकबंदी प्रक्रिया के चलते ऑनलाइन खतौनी न निकलने से किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बन पा रही है। इससे किसान परेशान हैं। ऐसे में किसानों को सस्ते दाम पर खुले बाजार में गेहूं बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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कुलपहाड़ नगर में तहसील के सामने किसान संघ में सरकारी गेहूं खरीद केंद्र संचालित है। यहां गेहूं की खरीद एमएसपी पर की जा रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये निर्धारित है लेकिन इसका लाभ कुलपहाड़ मौजे के लगभग चार हजार किसानों को नहीं मिल पा रहा है। खरीद केंद्र के प्रभारी गौस मोहम्मद ने बताया कि जिन किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री कराई है, उन्हीं का ही गेहूं खरीदा जा रहा है। कुलपहाड़ में ऑनलाइन खतौनी नहीं निकल रही है। इस वजह से किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसान खुले बाजार में 2,200 से 2,300 रुपये में गेहूं बेच रहे हैं। रामाधर, पंकज, देवीदीन आदि किसानों का कहना है कि उन्हें रुपयों की जरूरत है। खाद-बीज को लिए गए कर्ज की अदायगी करना है। फार्मर रजिस्ट्री न हो पाने के चलते वह मजबूरी में सस्ते दाम पर गेहूं बेच रहे हैं। उधर, तहसीलदार प्रमित सचान कहना है कि फार्मर रजिस्ट्री कराने का अभियान निरंतर चल रहा है। ऑनलाइन खतौनी न निकलने की समस्या का जल्द ही समाधान कराया जाएगा।
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किसानों ने बयां किया दर्द

कस्बा कुलपहाड़ के किसान राजेश यादव का कहना है कि कई वर्षों से ऑनलाइन खतौनी नहीं निकल रही। ऑनलाइन खतौनी के अभाव में गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें खुले बाजार में सस्ते दर पर गेहूं बेचना मजबूरी है। कई बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है।
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किसान भइयन यादव का कहना है कि इस बार फार्मर रजिस्ट्री के बिना क्रय केंद्र पर गेहूं की खरीद नहीं हो रही है। उनकी ऑनलाइन खतौनी न निकलने से वह फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं। केंद्र में पहुंचने पर प्रभारी फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य बता रहे हैं। ऐसे में वह बाजार में कम दाम पर गेहूं बेच रहे हैं।



गल्ला मंडी से हटाया गया पीसीएफ का क्रय केंद्र



खरेला। कस्बा खरेला की गल्ला मंडी में पहली बार संचालित हुए पीसीएफ के क्रय केंद्र को दस दिन तक गेहूं खरीद के बाद प्रशासन के आदेश पर हटा दिया गया है। अब यह केंद्र को गौरहारी में संचालित होगा। इस दौरान 25 किसानों का खरीदा गया करीब 1,332 क्विंटल गेहूं मंडी के टीन शेड के नीचे एक निजी व्यक्ति की देखरेख में रखा है। केंद्र प्रभारी हरविलास ने बताया कि खरेला गल्ला मंडी से केंद्र हटाने के निर्देश मिलने पर वह तौल कांटा और सामग्री लेकर यहां से रवाना हो गए हैं।
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