फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Former SP has again applied for anticipatory bail in the High Court

महोबा: पूर्व एसपी ने हाईकोर्ट में फिर दी अग्रिम जमानत अर्जी

Thu, 19 Nov 2020 10:35 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 19 Nov 2020 10:35 PM IST
विज्ञापन
Former SP has again applied for anticipatory bail in the High Court
महोबा। पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार ने अग्रिम जमानत के लिए बृहस्पतिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दी है। इसकी जानकारी मिलने पर एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने सीओ कुलपहाड़ को मामले की फाइल और सुनवाई की तारीख का पता लगाने के लिए हाईकोर्ट भेजा है। पूर्व एसपी पर शहर कोतवाली में भ्रष्टाचार और वसूली का मामला दर्ज हुआ था।
विज्ञापन

क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत मामले व भ्रष्टाचार के मामले में फंसे तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार ने गिरफ्तारी से बचने की फिर कोशिश की है। लखनऊ की निजी कंपनी के निदेशक नीतीश पांडेय ने दस सितंबर को तत्कालीन एसपी पाटीदार समेत तत्कालीन खन्ना थाना प्रभारी राकेश सरोज व खरेला थाना प्रभारी राजू सिंह के खिलाफ शहर कोतवाली में भ्रष्टाचार और जबरदस्ती वसूली की एफआईआर दर्ज कराई थी।
विज्ञापन

पुलिस ने अभी तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है। पुलिस लगातार पूर्व एसपी समेत अन्य पुलिसकर्मियों की तलाश में दबिश दे रही है, लेकिन किसी का सुराग नहीं मिल रहा है। क्रशर कारोबारी की मौत मामले में फंसे आईपीएस मणिलाल पाटीदार व अन्य आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने-अपने स्तर पर कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरोपी आईपीएस अफसर ने क्रशर कारोबारी के मौत के मामले में गिरफ्तारी से बचने को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी, जो खारिज हो गई थी। अब महोबा कोतवाली में दर्ज भ्रष्टाचार व वसूली के मामले में पूर्व एसपी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी है। माना जा रहा कि 8-10 दिनों में इस पर सुनवाई हो सकती है।
ये था मामला ---
कबरई निवासी क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार व कबरई थाना प्रभारी देवेंद्र समेत चार अन्य लोगों पर भ्रष्टाचार और धमकी देने का आरोप लगाया था।

इसमें एसपी और थाना प्रभारी समेत पांच लोगों को नामजद करते हुए कई अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आठ सितंबर को गोली लगने से घायल हो गए थे और 13 सितंबर को कानपुर के रिजेंसी अस्पताल में मौत हो गई थी। मामले में आरोपी सुरेश व ब्रह्मदत्त जेल में बंद हैं और अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed