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ऊंचाई वाले इलाकों में पानी के लिए हाय-तौबा
ब्यूरो/ अमर उजाला, महोबा
Updated Fri, 22 May 2015 11:21 PM IST
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शहर में पिछले चार दिनों से पानी को लेकर हाय-तौबा मची हुई है। वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में पानी न पहुंचने से लोगों का गुस्सा आसमान पर है। जबकि तीन दिन से पानी की आपूर्ति न होने से लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
मालूम हो कि शहर में जल निगम और जल संस्थान द्वारा समूचे शहर में पाइप लाइन बिछाकर पानी की आपूर्ति की जाती है। जल निगम जहां उर्मिल बांध से तो जल संस्थान चंदेल कालीन मदन सागर से पानी की आपूर्ति करता है। दो-दो महकमों द्वारा पानी की आपूर्ति किए जाने के बाद भी शहरियों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। जिससे गर्मी के दिनों में पानी को लेकर भारी दिक्कत होती है। पानी के लिए लोग सुबह चार बजे से ही नलों पर बर्तन रखकर पानी आने का इंतजार करते रहते है। वहीं पहले पानी भरने के चक्कर में लड़ाई भी हो रही है। गौरतलब है कि शहर के मोहल्ला मकनियांपुरा, भटीपुरा, बड़ीहाट, समदनगर, ढपलानापुरा, नयापुरा नैकाना, नैकानापुरा सहित तमाम ऊंचाई के इलाकों में पानी का संकट बना हुआ है। जिससे भीषण गर्मी में लोगों की पानी के लिए हैंडपंपों और कुओं में भारी भीड़ जुट रही है। जलनिगम के अधिशाषी अभियंता बिजली न आने का रोना रहे है। जबकि जल संस्थान के अवर अभियंता एसके वर्मा का कहना है कि ठेकेदार द्वारा मना करने के बाद भी चैंबर के ऊपर बालू डाल दी गई। जिससे पानी की आपूर्ति प्रभावित रही। शनिवार से लोगों को भरपूर पानी मिलने लगेगा।
पुनर्गठन पेयजल योजना भी फेल
शहर और श्रीनगर के बाशिंदों की प्यास बुझाने के लिए बनाई गई महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना भी कारगर साबित नहीं हो रही है। हालात यह है कि इस योजना के तहत बिछाई गई पाइप लाइन आए दिन टूट जाती है। जिससे पानी का संकट बढ़ जाता है। इसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
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हैंडओवर न होना बनी मुसीबत
चार साल पहले महोबा पुनर्गठन योजना तैयार हो गई थी, लेकिन योजना के हैंडओवर न होना, लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। कारण, जल निगम के पास पाइप लाइन खराब होने पर उसके पास लाइन ठीक करने वाले कर्मचारी नहीं हैं। जिससे पाइप लाइन खराब होने पर समय से लीकेज व पाइप लाइन ठीक नहीं हो पाती है।
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मालूम हो कि शहर में जल निगम और जल संस्थान द्वारा समूचे शहर में पाइप लाइन बिछाकर पानी की आपूर्ति की जाती है। जल निगम जहां उर्मिल बांध से तो जल संस्थान चंदेल कालीन मदन सागर से पानी की आपूर्ति करता है। दो-दो महकमों द्वारा पानी की आपूर्ति किए जाने के बाद भी शहरियों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। जिससे गर्मी के दिनों में पानी को लेकर भारी दिक्कत होती है। पानी के लिए लोग सुबह चार बजे से ही नलों पर बर्तन रखकर पानी आने का इंतजार करते रहते है। वहीं पहले पानी भरने के चक्कर में लड़ाई भी हो रही है। गौरतलब है कि शहर के मोहल्ला मकनियांपुरा, भटीपुरा, बड़ीहाट, समदनगर, ढपलानापुरा, नयापुरा नैकाना, नैकानापुरा सहित तमाम ऊंचाई के इलाकों में पानी का संकट बना हुआ है। जिससे भीषण गर्मी में लोगों की पानी के लिए हैंडपंपों और कुओं में भारी भीड़ जुट रही है। जलनिगम के अधिशाषी अभियंता बिजली न आने का रोना रहे है। जबकि जल संस्थान के अवर अभियंता एसके वर्मा का कहना है कि ठेकेदार द्वारा मना करने के बाद भी चैंबर के ऊपर बालू डाल दी गई। जिससे पानी की आपूर्ति प्रभावित रही। शनिवार से लोगों को भरपूर पानी मिलने लगेगा।
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पुनर्गठन पेयजल योजना भी फेल
शहर और श्रीनगर के बाशिंदों की प्यास बुझाने के लिए बनाई गई महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना भी कारगर साबित नहीं हो रही है। हालात यह है कि इस योजना के तहत बिछाई गई पाइप लाइन आए दिन टूट जाती है। जिससे पानी का संकट बढ़ जाता है। इसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
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हैंडओवर न होना बनी मुसीबत
चार साल पहले महोबा पुनर्गठन योजना तैयार हो गई थी, लेकिन योजना के हैंडओवर न होना, लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। कारण, जल निगम के पास पाइप लाइन खराब होने पर उसके पास लाइन ठीक करने वाले कर्मचारी नहीं हैं। जिससे पाइप लाइन खराब होने पर समय से लीकेज व पाइप लाइन ठीक नहीं हो पाती है।