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दैवीय आपदा से बर्बाद किसानों को अब भी है सहायता की दरकार
ब्यूरो/अमर उजाला,महोबा
Updated Sat, 01 Aug 2015 11:17 PM IST
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सूखा दैवीय आपदा तबाही से बर्बाद हुए जिले के किसानों को अभी भी सहायता की दरकार है। अतिवृष्टि और सूखा राहत के लिए शासन से मांग के सापेक्ष करीब 60 फीसदी ही धन मिल पाया है। राजस्व विभाग में कहीं तकनीकी कमियां तो कहीं राजस्व कर्मियों की कमी धनराशि वितरण में आड़े आई है।
जिले में दैवीय आपदा से बर्बाद कृषकों को बांटी जा रही मदद किसानों तक शत प्रतिशत नही पहुंच पाई। दो माह से जहां जिले की तीन तहसीलों के लिए मांग के सापेक्ष 70 फीसदी धनराशि ही मिल पाई। करीब 200 करोड़ से अधिक की मांग के सापेक्ष राजस्व विभाग को शासन से दो किस्तों में 140 करोड़ धनराशि लगभग आवंटित हुई। जिसके सापेक्ष चरखारी, कुलपहाड़ और महोबा तहसील ने करीब 110 करोड़ रुपये ही वितरित हो पाया है। तहसीलों में कहीं बाहरी क्षेत्र से आने वाली सूचियां वितरण में बाधक बनी है। तो कहीं राजस्व लेखपालों की कमी होने की वजह से वितरण कार्य की प्रगति धीमी है। छोटे बड़े कृषकों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह के सख्त निर्देश के तहत तहसील स्तर पर अतिवृष्टि और सूखा राहत राशि वितरण के लिए दिन रात तहसील स्तर पर राजस्व महकमा प्रयासरत है। महोबा तहसील क्षेत्र में सूखा राहत के लिए 83 करोड़ धनराशि की मांग के सापेक्ष 75 करोड़ धनराशि मिल पाई जिसमें से 66 करोड़ से अधिक की धनराशि वितरित हो गई है। इसी तरह अतिवृष्टि सहायता राशि में 90 करोड़ धनराशि के सापेक्ष 56.74 करोड़ रुपया मिला जिस पर 49.30 करोड़ की धनराशि बंट गई। चरखारी तहसील में सूखा राहत के तहत 9 करोड़ की मांग के बाद मिले 6 करोड़ रुपये में से 5.80 लाख रुपया बांट दिया गया। अतिवृष्टि राहत सहायता में 54 करोड़ से अधिक धनराशि मांगी गई थी, जिस पर करीब 28.55 करोड़ रुपया ही मिल पाया। राजस्व विभाग ने प्राप्त धनराशि में से 27.5 करोड़ धनराशि किसानों को बांट दी। कुलपहाड़ तहसील में अतिवृष्टि और सूखा राहत सहायता की मांग पर 104 करोड़ रुपये की जगह 55 करोड़ रुपये शासन द्वारा भेजा गया, जिसमें से 38 करोड़ रुपया वितरित कर दिया गया है। अवशेष धनराशि बांटने की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है। राहत सहायता राशि वितरण मामले पर अपर जिलधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि शासन से उपलब्ध धनराशि अधिकतर वितरित करा दी गई है। अतिवृष्टि और सूखा राहत की धनराशि मांग के अनुसार मिलते ही शत प्रतिशत छोटे बड़े कृषकों को बंटवा दी जाएगी।
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जिले में दैवीय आपदा से बर्बाद कृषकों को बांटी जा रही मदद किसानों तक शत प्रतिशत नही पहुंच पाई। दो माह से जहां जिले की तीन तहसीलों के लिए मांग के सापेक्ष 70 फीसदी धनराशि ही मिल पाई। करीब 200 करोड़ से अधिक की मांग के सापेक्ष राजस्व विभाग को शासन से दो किस्तों में 140 करोड़ धनराशि लगभग आवंटित हुई। जिसके सापेक्ष चरखारी, कुलपहाड़ और महोबा तहसील ने करीब 110 करोड़ रुपये ही वितरित हो पाया है। तहसीलों में कहीं बाहरी क्षेत्र से आने वाली सूचियां वितरण में बाधक बनी है। तो कहीं राजस्व लेखपालों की कमी होने की वजह से वितरण कार्य की प्रगति धीमी है। छोटे बड़े कृषकों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह के सख्त निर्देश के तहत तहसील स्तर पर अतिवृष्टि और सूखा राहत राशि वितरण के लिए दिन रात तहसील स्तर पर राजस्व महकमा प्रयासरत है। महोबा तहसील क्षेत्र में सूखा राहत के लिए 83 करोड़ धनराशि की मांग के सापेक्ष 75 करोड़ धनराशि मिल पाई जिसमें से 66 करोड़ से अधिक की धनराशि वितरित हो गई है। इसी तरह अतिवृष्टि सहायता राशि में 90 करोड़ धनराशि के सापेक्ष 56.74 करोड़ रुपया मिला जिस पर 49.30 करोड़ की धनराशि बंट गई। चरखारी तहसील में सूखा राहत के तहत 9 करोड़ की मांग के बाद मिले 6 करोड़ रुपये में से 5.80 लाख रुपया बांट दिया गया। अतिवृष्टि राहत सहायता में 54 करोड़ से अधिक धनराशि मांगी गई थी, जिस पर करीब 28.55 करोड़ रुपया ही मिल पाया। राजस्व विभाग ने प्राप्त धनराशि में से 27.5 करोड़ धनराशि किसानों को बांट दी। कुलपहाड़ तहसील में अतिवृष्टि और सूखा राहत सहायता की मांग पर 104 करोड़ रुपये की जगह 55 करोड़ रुपये शासन द्वारा भेजा गया, जिसमें से 38 करोड़ रुपया वितरित कर दिया गया है। अवशेष धनराशि बांटने की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है। राहत सहायता राशि वितरण मामले पर अपर जिलधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि शासन से उपलब्ध धनराशि अधिकतर वितरित करा दी गई है। अतिवृष्टि और सूखा राहत की धनराशि मांग के अनुसार मिलते ही शत प्रतिशत छोटे बड़े कृषकों को बंटवा दी जाएगी।
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