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Mahoba News: अस्पताल मेंं नवजात की मौत पर परिजनोंं का हंगामा
Mon, 15 Dec 2025 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 15 Dec 2025 12:06 AM IST
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फोटो 14 एमएएचपी 14 परिचय-नवजात की मौत के बाद डॉक्टरों पर रोते-बिलखते हुए लापरवाही का आरोप लगाता
महोबा। जिला महिला अस्पताल में रविवार को नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशाराम ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
कोतवाली कुलपहाड़ के तेलीपहाड़ी गांव निवासी संतराम की पत्नी रानी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में दस दिसंबर को भर्ती कराया गया था। जहां महिला ने नवजात शिशु को जन्म दिया था। जन्म के एक दिन बाद ही नवजात की हालत बिगड़ने पर उसे डॉक्टरों ने एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया था। संतराम का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती के दौरान नवजात को समुचित इलाज और निगरानी नहीं की गई। डॉक्टरों ने जल्दबाजी में बच्चे को वार्ड से डिस्चार्ज कर उन्हें सौंप दिया। बच्चे को गोद में लेते ही उसकी हालत गंभीर हो गई और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
नवजात की मौत के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। रोते-बिलखते संतराम ने डॉक्टरों को पूरे मामले में जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की। कहा कि यदि बेटे को बेहतर इलाज दिया जाता तो उसकी जान बच जाती। सीएमओ का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जांच सीएमएस डॉ. रमाकांत चौरिहा को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कोतवाली कुलपहाड़ के तेलीपहाड़ी गांव निवासी संतराम की पत्नी रानी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में दस दिसंबर को भर्ती कराया गया था। जहां महिला ने नवजात शिशु को जन्म दिया था। जन्म के एक दिन बाद ही नवजात की हालत बिगड़ने पर उसे डॉक्टरों ने एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया था। संतराम का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती के दौरान नवजात को समुचित इलाज और निगरानी नहीं की गई। डॉक्टरों ने जल्दबाजी में बच्चे को वार्ड से डिस्चार्ज कर उन्हें सौंप दिया। बच्चे को गोद में लेते ही उसकी हालत गंभीर हो गई और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
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नवजात की मौत के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। रोते-बिलखते संतराम ने डॉक्टरों को पूरे मामले में जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की। कहा कि यदि बेटे को बेहतर इलाज दिया जाता तो उसकी जान बच जाती। सीएमओ का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जांच सीएमएस डॉ. रमाकांत चौरिहा को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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