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मांगों के लिए किसानों ने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Wed, 26 Aug 2015 12:17 AM IST
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बुंदेलखंड किसान यूनियन ने मंगलवार को बुंदेलखंड के किसानों का कर्ज माफ कराने, मुआवजा दिलवाए जाने सहित तमाम मांगों को लेकर सदर तहसील में धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपकर किसानाें की मांगे पूरी करने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने कहा कि बुंदेलखंड का किसान दैवीय आपदा से बर्बाद हो गया है। बारिश न होने से अब खरीफ की फसल भी बर्बाद हो गई है, लेकिन किसानों को अभी तक रबी का मुआवजा नहीं मिला है। बैंकों को खाता नंबर देने के बाद भी किसानों का पैसा खातों में नहीं पहुंच रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि दैवीय आपदा से किसान बर्बाद हो गया है वहीं लेखपाल मालामाल हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपाल पैसे देने वालों की मनमाफिक चेक बना रहे है। जबकि गरीब किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। धरने को जिलाध्यक्ष रामस्वरूप यादव, मकुंदीलाल यादव, गजबदन शुक्ला ने भी संबोधित किया। एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में बुंदेलखंड के किसानों को 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर भूमि का मुआवजा दिए जाने, किसानों का कृषि ऋण माफ दिए जाने, मुफ्त पानी और बिजली की व्यवस्था किए जाने, किसानों को कृषि लागत कम करने के लिए तीन किलो वाट का सोलर पैनल मुफ्त दिया जाए, किसान आयोग का गठन किया जाए, धान, गेहूं, तिलहनी एवं दलहनी फसलों का मूल्य कृषि लागत के हिसाब से तय किया जाए और कृषि उत्पादकों को मूल्य प्रणाली से जोड़ा जाए।
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धरने को संबोधित करते हुए बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने कहा कि बुंदेलखंड का किसान दैवीय आपदा से बर्बाद हो गया है। बारिश न होने से अब खरीफ की फसल भी बर्बाद हो गई है, लेकिन किसानों को अभी तक रबी का मुआवजा नहीं मिला है। बैंकों को खाता नंबर देने के बाद भी किसानों का पैसा खातों में नहीं पहुंच रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि दैवीय आपदा से किसान बर्बाद हो गया है वहीं लेखपाल मालामाल हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपाल पैसे देने वालों की मनमाफिक चेक बना रहे है। जबकि गरीब किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। धरने को जिलाध्यक्ष रामस्वरूप यादव, मकुंदीलाल यादव, गजबदन शुक्ला ने भी संबोधित किया। एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में बुंदेलखंड के किसानों को 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर भूमि का मुआवजा दिए जाने, किसानों का कृषि ऋण माफ दिए जाने, मुफ्त पानी और बिजली की व्यवस्था किए जाने, किसानों को कृषि लागत कम करने के लिए तीन किलो वाट का सोलर पैनल मुफ्त दिया जाए, किसान आयोग का गठन किया जाए, धान, गेहूं, तिलहनी एवं दलहनी फसलों का मूल्य कृषि लागत के हिसाब से तय किया जाए और कृषि उत्पादकों को मूल्य प्रणाली से जोड़ा जाए।
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