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Mahoba News: इमरजेंसी में मरीज को लगाया खाली ऑक्सीजन सिलिंडर, इसीजी मशीन भी खराब
Sat, 09 May 2026 12:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 09 May 2026 12:14 AM IST
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फोटो 08 एमएएचपी 18 परिचय-जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती महिला मरीज उमादेवी। संवाद
महोबा। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में शुक्रवार की सुबह पांच बजे एक महिला मरीज को बेचैनी होने पर लाया गया। डॉक्टर के निर्देश पर जैसे ही स्टाफ ने महिला के मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगाया तो बेचैनी और बढ़ गई। बाद में पता चला कि ऑक्सीजन सिलिंडर तो खाली था। ईसीजी मशीन का प्रयोग करने का नंबर आया तो वह भी खराब मिली। ऐसे में डाॅक्टर ने उन्हें बाहर जाने को कहा। बातचीत करने व दबाव डालने पर डाॅक्टर ने महिला को आईसीयू वार्ड में भर्ती किया।
शहर के ढलैतनपुरा निवासी उमा देवी (75) की शुक्रवार की सुबह अचानक हालत बिगड़ी और उन्हें बेचैनी होने लगी। तब परिजन उसे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे। सांस लेने में दिक्कत होने पर डाॅक्टर ने ऑक्सीजन लगाने को कहा। मास्क लगाने के चंद मिनट के बाद उमा देवी बार-बार मास्क को हटाने का प्रयास करने लगी। परिजनों को लगा कि उनकी बेचैनी बढ़ रही थी लेकिन हकीकत पता चली तो परिजन दंग रह गए।
उमा देवी के भतीजे तारा पाटकर का आरोप है कि हकीकत यह थी कि ऑक्सीजन सिलिंडर खाली ही लगा दिया गया था। जिस कारण उनकी चाची उमा बार-बार उसे हटाने का प्रयास कर रही थी। डाॅक्टर के निर्देश पर तुरंत इलाज शुरू हुआ और एक स्टाफ इसीजी के लिए मशीन लेकर आया तो पता चला कि मशीन ही खराब है और कोई परिणाम नहीं दे पा रही है। यह देख डाॅक्टर ने मरीज को बाहर ले जाने को कहा। दबाव बनाने पर डॉक्टर ने महिला को आईसीयू में भर्ती किया। तब उपचार शुरू हुआ।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि अस्पताल में भरपूर ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। मामले की जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शहर के ढलैतनपुरा निवासी उमा देवी (75) की शुक्रवार की सुबह अचानक हालत बिगड़ी और उन्हें बेचैनी होने लगी। तब परिजन उसे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे। सांस लेने में दिक्कत होने पर डाॅक्टर ने ऑक्सीजन लगाने को कहा। मास्क लगाने के चंद मिनट के बाद उमा देवी बार-बार मास्क को हटाने का प्रयास करने लगी। परिजनों को लगा कि उनकी बेचैनी बढ़ रही थी लेकिन हकीकत पता चली तो परिजन दंग रह गए।
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उमा देवी के भतीजे तारा पाटकर का आरोप है कि हकीकत यह थी कि ऑक्सीजन सिलिंडर खाली ही लगा दिया गया था। जिस कारण उनकी चाची उमा बार-बार उसे हटाने का प्रयास कर रही थी। डाॅक्टर के निर्देश पर तुरंत इलाज शुरू हुआ और एक स्टाफ इसीजी के लिए मशीन लेकर आया तो पता चला कि मशीन ही खराब है और कोई परिणाम नहीं दे पा रही है। यह देख डाॅक्टर ने मरीज को बाहर ले जाने को कहा। दबाव बनाने पर डॉक्टर ने महिला को आईसीयू में भर्ती किया। तब उपचार शुरू हुआ।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि अस्पताल में भरपूर ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। मामले की जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।