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गांव में कमजोर, सोशल मीडिया पर जोर पकड़े है चुनाव प्रचार
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महोबा। कोरोना संक्रमण व चुनाव आयोग की गाइड लाइन से पंचायत चुनाव में प्रचार अभियान गांव-गांव जरूर कमजोर दिख रहा, लेकिन सोशल मीडिया पर जोर पकड़े है। प्रत्याशी चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। फेसबुक व व्हाट्सएप पर सुबह से देर रात तक चुनावी पोस्ट डाली जा रही हैं। पोस्ट व पंफ्लेट अपलोड कर मतदान की अपील की जा रही है।
पहले गाजे-बाजे के साथ बुंदेली गीतों की तर्ज पर चुनावी गीत हर गली कूचे में सुनाई देते थे। लाउड स्पीकरों की तेज आवाज से चुनावी माहौल बनता था। लेकिन इस मर्तबा कोरोना संक्रमण और प्रशासन की गाइड लाइन के चलते प्रत्याशी के साथ तीन से चार लोगों के चलने की ही अनुमति है। इसके चलते प्रत्याशी इक्का-दुक्का समर्थकों के साथ मतदाताओं के घर पहुंच रहे हैं।
जिले में प्रथम चरण का मतदान 15 अप्रैल को है यानी चुनाव के कुल छह दिन बचे हैं। ऐसे में प्रत्याशी फेसबुक व व्हाट्सएप के जरिए प्रचार पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। हालांकि इस हाईटेक प्रचार में स्थानीय मुद्दे नदारद हैं, सिर्फ मतदान की अपील की जा रही है। चुनाव के चलते मैसेज व पोस्ट की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। मतदाताओं के बीच अपनी स्वच्छ छवि बताने में भी प्रत्याशी सबसे आगे नजर आ रहे हैं।
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पहले गाजे-बाजे के साथ बुंदेली गीतों की तर्ज पर चुनावी गीत हर गली कूचे में सुनाई देते थे। लाउड स्पीकरों की तेज आवाज से चुनावी माहौल बनता था। लेकिन इस मर्तबा कोरोना संक्रमण और प्रशासन की गाइड लाइन के चलते प्रत्याशी के साथ तीन से चार लोगों के चलने की ही अनुमति है। इसके चलते प्रत्याशी इक्का-दुक्का समर्थकों के साथ मतदाताओं के घर पहुंच रहे हैं।
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जिले में प्रथम चरण का मतदान 15 अप्रैल को है यानी चुनाव के कुल छह दिन बचे हैं। ऐसे में प्रत्याशी फेसबुक व व्हाट्सएप के जरिए प्रचार पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। हालांकि इस हाईटेक प्रचार में स्थानीय मुद्दे नदारद हैं, सिर्फ मतदान की अपील की जा रही है। चुनाव के चलते मैसेज व पोस्ट की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। मतदाताओं के बीच अपनी स्वच्छ छवि बताने में भी प्रत्याशी सबसे आगे नजर आ रहे हैं।
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