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Mahoba News: शहर की डेढ़ लाख की आबादी को हो रही गंदे पानी की आपूर्ति
Thu, 10 Jul 2025 11:40 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Thu, 10 Jul 2025 11:40 PM IST
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महोबा। उर्मिल बांध से शहर को होने वाली पेयजल आपूर्ति में एक सप्ताह से गंदा व मटमैला पानी आ रहा है। इससे शहर की डेढ़ लाख की आबादी परेशान है। गंदा पानी आने के चलते लोग इसे पेयजल के रूप में इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों ने मामले की शिकायत डीएम गजल भारद्वाज से करते हुए समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
महोबा पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत उर्मिल बांध से पानी लाकर शहर के विभिन्न वार्डाें में सप्लाई दी जाती है। उर्मिल बांध से पेयजल आपूर्ति का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपा गया है। प्रतिदिन उर्मिल बांध से 17 एमएलडी पानी आता है।
पानी को शोधित करने के लिए कस्बा श्रीनगर में फिल्टर प्लांट बनाया गया है। जिसमें 15 एमएलडी पानी को पेयजल के रूप में दिया जाता है। अधिकांश वार्डों में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति दी जा रही है। ऐसे में लोग पहले से ही कम पानी की आपूर्ति मिलने से परेशान थे।
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अब पेयजल आपूर्ति में मिलने वाला पानी बेहद गंदा आ रहा है। इसे पेयजल के रूप में इस्तेमाल करने पर बीमारी फैलने की आशंका है। उधर, उर्मिल पेयजल योजना के प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेष सिंह का कहना है कि बांध में बारिश का पानी भरने से पूरा पानी मटमैला हो रहा है। फिल्टर के बाद भी पानी साफ नहीं हो रहा है। बांध का पानी स्थिर होते ही पेयजल आपूर्ति दुरुस्त हो जाएगी।
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महोबा पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत उर्मिल बांध से पानी लाकर शहर के विभिन्न वार्डाें में सप्लाई दी जाती है। उर्मिल बांध से पेयजल आपूर्ति का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपा गया है। प्रतिदिन उर्मिल बांध से 17 एमएलडी पानी आता है।
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पानी को शोधित करने के लिए कस्बा श्रीनगर में फिल्टर प्लांट बनाया गया है। जिसमें 15 एमएलडी पानी को पेयजल के रूप में दिया जाता है। अधिकांश वार्डों में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति दी जा रही है। ऐसे में लोग पहले से ही कम पानी की आपूर्ति मिलने से परेशान थे।
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अब पेयजल आपूर्ति में मिलने वाला पानी बेहद गंदा आ रहा है। इसे पेयजल के रूप में इस्तेमाल करने पर बीमारी फैलने की आशंका है। उधर, उर्मिल पेयजल योजना के प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेष सिंह का कहना है कि बांध में बारिश का पानी भरने से पूरा पानी मटमैला हो रहा है। फिल्टर के बाद भी पानी साफ नहीं हो रहा है। बांध का पानी स्थिर होते ही पेयजल आपूर्ति दुरुस्त हो जाएगी।