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खनिज निदेशक से मिले पत्थर व्यवसाई,नियमो मैं शिथिलता की उठाई मांग

Fri, 03 Jul 2020 12:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2020 12:15 AM IST
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Demand raised for laxity in stone business, met by Director of Minerals
कबरई, महोबा। खनिज निदेशक रोशन जैकब ने जिले के क्रशर व खनन उद्योग को बचाने के लिए प्रदेश के पत्थर उद्यमियों की लखनऊ में बैठक बुलाई। बैठक में जिले के प्रतिनिधि मंडल के खनिज व्यापारियों ने अपनी बात रखी।
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प्रतिनिधि मंडल ने खनिज नीति 2017 को सरल और संशोधित करने की मांग की। पिछले तीन सालों से पत्थर उद्योग में आ रहीं नीतिगत समस्याओं पर चर्चा की। मंडल में रामकिशोर सिंह ने पहाड़ खण्डों की निविदा सह-नीलामी प्रणाली में स्टोन क्रशर स्थापित करने की अनिवार्यता की बात कही। कहा कि पट्टा प्राप्त होने के बाद स्टाम्प रजिस्ट्रेशन फीस को टैक्स की तरह 1 प्रतिशत की बजाय पूर्व की भांति अधिकतम 20 हजार रुपये करने का सुझाव दिया।
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देवेंद्र मिश्र ने रायल्टी की दर 10 प्रतिशत प्रति वर्ष बढ़ाये जाने से रॉयल्टी की कीमत कई गुना बढ़ने व स्टाम्प शुल्क भी लाखों में पहुंचने का हवाला देकर वृद्धि न करने की मांग की। बालकिशोर द्विवेदी ने पर्यावरण अनापत्ति प्राप्त होने में देरी को पट्टों के निष्पादन में बड़ी रुकावट बताया। मुकेश गुरुदेव ने अधिक संख्या में एकसाथ रिक्त खनन क्षेत्रों की विज्ञप्ति निकालने की बात कही। कोरोना के कारण दो वर्ष तक पर्यावरण अनापत्ति जिले स्तर से देने का सुझाव रखा। बैठक में झांसी, सोनभद्र, चित्रकूट, इलाहाबाद के खनिज व्यापारियों ने भी सुझाव दिए। निदेशक जैकब ने पत्थर उद्यमियों के सुझावों को गम्भीरता से लेते हुए शीघ्र ही शासन स्तर पर समाधान कराने का आश्वासन दिया। बैठक में मुख्य खनन अधिकारी अनिल शर्मा, ऐस के सिंह, सोमेश भरद्वाज एवं विभाग के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
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