महोबा। बुंदेलखंड के महान क्रांतिकारी पं. परमानंद की 133वीं जयंती सोमवार को धूमधाम से मनाई गई। बुंदेली समाज ने परमानंद चौक पहुंच उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। आजादी की जंग में उनके योगदान को याद करते हुए बुंदेलखंड में पं. परमानंद आयुर्वेद विश्वविद्यालय खोलने की मांग उठाई।
बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने कहा कि हमीरपुर जिले की राठ तहसील के सिकरौधा गांव में सन 1889 में जन्मे पं. परमानंद ने स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में बुंदेलखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर किया। बुंदेलखंड में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का भंडार है। उनका समुचित लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार को पं. परमानंद के नाम पर केंद्रीय विश्वविद्यालय खोलना चाहिए, उनको यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस मौके पर पूर्व सैनिक कल्याण संघ के अध्यक्ष रविंद्र सिंह, देवेंद्र तिवारी, अमरचंद विश्वकर्मा, गया प्रसाद, बृजेश वर्मा व गोपाल गुप्ता मौजूद रहे।