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बुंदेलों ने केक काटकर मनायाआल्हा जन्मोत्सव
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आल्हा गायन की प्रस्तुति देतीं छात्राएं।
- फोटो : MAHOBA
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महोबा। बुंदेलों की आन-बान-शान के प्रतीक वीर आल्हा का 882वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान बुंदेलों ने आल्हा चौक पर केक काटकर खुशियां मनाईं। जन्मोत्सव के मौके पर बुंदेली समाज ने 27वीं बार प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को खून से खत लिखकर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की। कहा कि डॉक्टरों की कमी के चलते करोड़ों की जांच मशीनें धूल फांक रहीं हैं।
बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि महोबा से 10 किमी दूर दिसरापुर गांव में वीर आल्हा-ऊदल का जन्म सन 1140 में हुआ। आल्हा की वीरता के किस्से जगजाहिर हैं। आल्हा-ऊदल ने 52 लड़ाइयां जीती। जिनका वर्णन आल्हाखंड में मिलता है लेकिन अब आल्हा की सभी निशानियां विलुप्त होती जा रही हैं। उनको बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं। उन्होंने दिसरापुर को आदर्श ग्राम घोषित किए जाने और आल्हा म्यूजियम बनवाए जाने की मांग की। इस मौके पर बुंदेली समाज के संयोजक, अजय बरसैंया, सुधीर दुबे, डॉ. देवेंद्र पुरवार, डॉ. प्रभुदयाल, मुन्ना जैन, गया प्रसाद, सुरेश, सुरेंद्र शुक्ला, हरिओम निषाद, रामकिशन व प्रेम चौरसिया ने खून से खत लिखे। इसी तरह आल्हा मंच के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ ने रामजीगुप्ता समेत तमाम लोगों के साथ आल्हा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
मुकुंद फाउंडेशन के तत्वावधान में वीर आल्हा की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें वीणापाणि संगीत महाविद्यालय की छात्रा अमृता, प्रज्ञा, कीर्तिका, प्रियंका, सोनम, अलका, स्नेहा आदि ने आल्हा गायन पेश किया। फाउंडेशन के राजीव तिवारी ने आल्हा सम्राट वंशगोपाल यादव को शॉल व श्रीफल देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मनोज नारायण, राजू पांडेय, विनोद मिश्रा, धनीराम वर्मा, अबोध सोनी मौजूद रहे।
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बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि महोबा से 10 किमी दूर दिसरापुर गांव में वीर आल्हा-ऊदल का जन्म सन 1140 में हुआ। आल्हा की वीरता के किस्से जगजाहिर हैं। आल्हा-ऊदल ने 52 लड़ाइयां जीती। जिनका वर्णन आल्हाखंड में मिलता है लेकिन अब आल्हा की सभी निशानियां विलुप्त होती जा रही हैं। उनको बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं। उन्होंने दिसरापुर को आदर्श ग्राम घोषित किए जाने और आल्हा म्यूजियम बनवाए जाने की मांग की। इस मौके पर बुंदेली समाज के संयोजक, अजय बरसैंया, सुधीर दुबे, डॉ. देवेंद्र पुरवार, डॉ. प्रभुदयाल, मुन्ना जैन, गया प्रसाद, सुरेश, सुरेंद्र शुक्ला, हरिओम निषाद, रामकिशन व प्रेम चौरसिया ने खून से खत लिखे। इसी तरह आल्हा मंच के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ ने रामजीगुप्ता समेत तमाम लोगों के साथ आल्हा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
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मुकुंद फाउंडेशन के तत्वावधान में वीर आल्हा की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें वीणापाणि संगीत महाविद्यालय की छात्रा अमृता, प्रज्ञा, कीर्तिका, प्रियंका, सोनम, अलका, स्नेहा आदि ने आल्हा गायन पेश किया। फाउंडेशन के राजीव तिवारी ने आल्हा सम्राट वंशगोपाल यादव को शॉल व श्रीफल देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मनोज नारायण, राजू पांडेय, विनोद मिश्रा, धनीराम वर्मा, अबोध सोनी मौजूद रहे।

केक काटकर आल्हा जन्मोत्सव मनाते बुंदेली समाज के लोग।- फोटो : MAHOBA
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