फोटो 28 एमएएचपी 12 परिचय-श्रावण पूर्णिमा पर गोरखगिरि पर्वत की परिक्रमा लगाते भक्त। स्रोत: समिति
महोबा। गुरु गोरखनाथ परिक्रमा समिति के तत्वावधान में शुक्रवार को श्रावण पूर्णिमा पर भक्तों ने ऐतिहासिक गोरखगिरि पर्वत की परिक्रमा लगाई। इस दौरान परिक्रमा मार्ग पर पड़ने वाले देवी-देवताओं के दर्शन करते हुए प्राकृतिक आपदाओं से राहत की कामना की। शिवतांडव मंदिर परिसर से शुरू हुई परिक्रमा यात्रा रामजानकी मंदिर, पठवा के बाल हनुमान मंदिर, कबीर आश्रम, हाजी फिरोज शाह की दरगाह, संकरे सन्या, काली माता, छोटी चंद्रिका मंदिर, राम दरबार होते हुए गुजरी। इस दौरान भक्त गोरखनाथ के जयकार लगाते चलते रहे। इसके बाद भजन-कीर्तन व सत्संग का आयोजन हुआ। समिति प्रमुख डॉ. लालचंद्र अनुरागी ने कहा कि त्रेता युग में भगवान राम, माता सीता और भाई लक्ष्मण इस गोरखगिरि पर्वत पर आए थे। सीता रसोई व रामकुंड इसके जीवंत प्रमाण हैं। चित्रकूट के कामदगिरि की तरह गोरखगिरि पर्वत चारों फल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्रदान करने वाला है। पं. हरीशंकर नायक ने कहा कि परिक्रमा के पुण्य से सभी मनोरथों की पूर्ति होती है। इस दौरान राकेश चौरसिया, पवन, चंद्रभान श्रीवास, विनोद, परशुराम, मुन्नालाल अनुरागी मौजूद रहे। संवाद