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रंगों संग उड़ा अबीर-गुलाल, जमकर थिरके युवा

Sat, 19 Mar 2022 10:15 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Mar 2022 10:15 PM IST
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मोहल्ला बड़ीहाट में होली पर्व पर डीजे की धुन पर थिरकते युवा। - फोटो : MAHOBA
महोबा। रंग, उमंग और उल्लास का पर्व होली जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। होली गीतों और डीजे की धुन पर युवाओं ने जमकर अबीर-गुलाल उड़ाया। दिनभर युवा रंगों से सराबोर दिखे। कई स्थानों पर मटकी तोड़ने की परंपरा हुई। लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की मुबारकबाद दी। साथ ही गुझिया व अन्य पकवानों का आनंद उठाया।
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जिले में होली का पर्व शुक्रवार और शनिवार को मनाया गया। सुबह से ही रंगों से सराबोर युवाओं की टोलियां मोहल्लों में भ्रमण करने लगी। सड़क से निकले लोगों पर बच्चों ने पिचकारी से रंग डालकर खुशी मनाई। महिलाएं भी होली खेलने में पीछे नहीं रहीं। महिलाओं की टोलियों ने अपने-अपने मोहल्लों के घरों में पहुंचकर अबीर-गुलाल लगाया। बाइकों में सवार युवा पूरे दिन शहर को भ्रमण कर एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाते रहे। जगह-जगह डीजे की धुन पर हुरियारे जमकर थिरके।
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शहर के मोहल्ला हवेली दरवाजा में 20 फीट ऊंचाई पर टांगी गई मटकी तोड़ने के लिए युवाओं की टोलियां दमखम दिखाती रही। बच्चों में गजब का उत्साह दिखाई दिया। लोगों ने एक-दूसरे के घर पहुंच गले मिलकर पुराने गिले-शिकवे भूलकर मिल-जुलकर रहने का फैसला लिया। सुरक्षा की दृष्टि से चौराहों पर पुलिस फोर्स तैनात रहा।
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बुंदेलखंड में होली पर्व पर फाग गायन का अलग ही महत्व है। फाग गायकों की टोलियां मोहल्लों-मोहल्लों में भ्रमण करतीं रहीं। बुंदेली भाषा में ढोलक-मंजीरा की धुन पर ईसुरी की फाग सुनकर लोग झूम उठे। फाग गायकों की टोलियों ने सभी का दिल जीत लिया। शहर के नारूपुरा, बड़ीहाट, कठकुलवापुरा के अलावा चरखारी, कुलपहाड़, पनवाड़ी, कबरई, खरेला, बेलाताल में भी होली पर्व पर फाग गायन के आयोजन किए गए।

ब्लॉक पनवाड़ी के नकरा गांव में लट्ठमार होली खेलने की परंपरा आज भी कायम है। होली के दूसरे दिन महिलाओं की लट्ठमार होली खेली गई। इस परंपरा में भाभी और देवर के बीच होली खेली जाती है। देवर अपनी भाभियों कों रंग लगाने जाते हैं। इस दौरान भाभी रंग नहीं लगाने देतीं और लट्ठ लेकर खदेड़ देतीं है। शनिवार को महिलाओं ने लट्ठमार होली खेली। जिसे देखने के लिए आसपास के कई गांवों के लोगों की भीड़ जुटी रही।
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