{"_id":"5ad790474f1c1b3b0b8b5507","slug":"seven-years-in-rape-case","type":"story","status":"publish","title_hn":" बलात्कार के मामले में सात साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बलात्कार के मामले में सात साल की सजा
mahoba
Updated Thu, 19 Apr 2018 12:06 AM IST
विज्ञापन
महोबा। अपर सत्र न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने किशोरी को अगवाकर बलात्कार किए जाने के मामले में आरोपी को 7 साल की सजा सुनाई। साथ ही चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।
कस्बा राठ के बारह खंभा लुधियातपुरा निवासी दीपू ढीमर पुत्र गोविंद दास का कस्बा चरखारी निवासी अपने नाना के घर आना जाना था। इसी दौरान चरखारी निवासी एक 14 वर्षीय किशोरी को वह 3 अक्तूबर 2015 को अगवा करके राठ ले गया। इसकेे बाद झांसी और मथुरा में कुछ दिन तक रहा। बाद में वह किशोरी को गुजरात ले गया। जहां पर कमरा लेकर डेढ़ माह तक उसके साथ बलात्कार करता रहा। कोतवाली चरखारी में पीड़िता के परिजनों ने दीपू के खिलाफ अगवा किए जाने का मुकदमा दर्ज करा दिया था। डेढ़ माह बाद पुलिस ने सर्विलांस के जरिए दीपू ढीमर और किशोरी को गुजरात से बरामद कर न्यायालय में पेश किया। जहां किशोरी ने बयान दर्ज कराए।
बुधवार को विद्वान न्यायाधीश ने दोनो पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद दीपू ढीमर को बलात्कार, अगवा करने और पास्को एक्ट का आरोपी ठहराते हुए बलात्कार के मामले में 7 साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना ठोंका, पास्को एक्ट में 7 साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना, अगवा करने के मामले में 4 साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना एवं शादी का बहाना करके बहला फुसलाकर ले जाने के मामले के लिए 5 साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया है। शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने सरकार पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए बताया कि सभी सजाएं साथ साथ चलेगी। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कस्बा राठ के बारह खंभा लुधियातपुरा निवासी दीपू ढीमर पुत्र गोविंद दास का कस्बा चरखारी निवासी अपने नाना के घर आना जाना था। इसी दौरान चरखारी निवासी एक 14 वर्षीय किशोरी को वह 3 अक्तूबर 2015 को अगवा करके राठ ले गया। इसकेे बाद झांसी और मथुरा में कुछ दिन तक रहा। बाद में वह किशोरी को गुजरात ले गया। जहां पर कमरा लेकर डेढ़ माह तक उसके साथ बलात्कार करता रहा। कोतवाली चरखारी में पीड़िता के परिजनों ने दीपू के खिलाफ अगवा किए जाने का मुकदमा दर्ज करा दिया था। डेढ़ माह बाद पुलिस ने सर्विलांस के जरिए दीपू ढीमर और किशोरी को गुजरात से बरामद कर न्यायालय में पेश किया। जहां किशोरी ने बयान दर्ज कराए।
विज्ञापन
बुधवार को विद्वान न्यायाधीश ने दोनो पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद दीपू ढीमर को बलात्कार, अगवा करने और पास्को एक्ट का आरोपी ठहराते हुए बलात्कार के मामले में 7 साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना ठोंका, पास्को एक्ट में 7 साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना, अगवा करने के मामले में 4 साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना एवं शादी का बहाना करके बहला फुसलाकर ले जाने के मामले के लिए 5 साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया है। शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने सरकार पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए बताया कि सभी सजाएं साथ साथ चलेगी। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी पड़ेगी।
विज्ञापन