{"_id":"5c8160bfbdec221427739fe3","slug":"life-imprisonment-for-teacher-in-killing-absa","type":"story","status":"publish","title_hn":"एबीएसए की हत्या के मामले में शिक्षक को आजीवन कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एबीएसए की हत्या के मामले में शिक्षक को आजीवन कारावास
Thu, 07 Mar 2019 11:49 PM IST
gaurav gaurav
mahoba
mahoba
Published by: gaurav gaurav
Updated Thu, 07 Mar 2019 11:49 PM IST
सार
शराब में जहर मिलाकर पिलाने से हुई थी मौत
विज्ञापन
court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महोबा। एबीएसए जैतपुर को रंजिश के चलते शराब में जहर मिलाकर पिलाने से हुई मौत के मामले में अदालत ने अध्यापक रामफल श्रीवास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने दोषी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।
कालीचरन श्रीवास विकास खंड जैतपुर में सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात थे। वह जैतपुर में ही अपने सजातीय टीचर रामफल श्रीवास पुत्र ठाकुरदास श्रीवास के यहां अक्सर ठहरते थे और वहीं खानपान करते थे। रामफल ने अपनी नातिन की शादी का रिश्ता एबीएसए कालीचरन श्रीवास के बेटे अनिल श्रीवास के साथ करने की बात कही थी लेकिन लेकिन एबीएसए ने रिश्ता करने से मना कर दिया था। जिससे अध्यापक रामफल एबीएसए से रंजिश मान बैठा।
दो दिसंबर 2009 को रामफल ने एबीएसए को शराब में जहर मिलाकर पिला दिया। जिससे तीन दिसंबर को सुबह उसकी अध्यापक के घर पर ही मौत हो गई। कालीचरण की पत्नी लीलावती ने रंजिश के कारण जहर देकर पति की हत्या किए जाने की तहरीर तीन दिसंबर 2009 को दी थी लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। लीलावती ने मानव अधिकार आयोग लखनऊ में शिकायत की थी। मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर करीब तीन साल बाद 27 अक्तूबर 2012 को रामफल के खिलाफ हत्या का मुकदमा कोतवाली कुलपहाड़ में दर्ज हुआ। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र पेश कर दिया।
विज्ञापन
गुरुवार को जनपद न्यायाधीश महताब अहमद ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद अध्यापक रामफल श्रीवास को हत्या का दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सरकार पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता केशव सिंह राजपूत, सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि अदालत ने दोषी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
विज्ञापन
कालीचरन श्रीवास विकास खंड जैतपुर में सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात थे। वह जैतपुर में ही अपने सजातीय टीचर रामफल श्रीवास पुत्र ठाकुरदास श्रीवास के यहां अक्सर ठहरते थे और वहीं खानपान करते थे। रामफल ने अपनी नातिन की शादी का रिश्ता एबीएसए कालीचरन श्रीवास के बेटे अनिल श्रीवास के साथ करने की बात कही थी लेकिन लेकिन एबीएसए ने रिश्ता करने से मना कर दिया था। जिससे अध्यापक रामफल एबीएसए से रंजिश मान बैठा।
विज्ञापन
दो दिसंबर 2009 को रामफल ने एबीएसए को शराब में जहर मिलाकर पिला दिया। जिससे तीन दिसंबर को सुबह उसकी अध्यापक के घर पर ही मौत हो गई। कालीचरण की पत्नी लीलावती ने रंजिश के कारण जहर देकर पति की हत्या किए जाने की तहरीर तीन दिसंबर 2009 को दी थी लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। लीलावती ने मानव अधिकार आयोग लखनऊ में शिकायत की थी। मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर करीब तीन साल बाद 27 अक्तूबर 2012 को रामफल के खिलाफ हत्या का मुकदमा कोतवाली कुलपहाड़ में दर्ज हुआ। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र पेश कर दिया।
विज्ञापन
गुरुवार को जनपद न्यायाधीश महताब अहमद ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद अध्यापक रामफल श्रीवास को हत्या का दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सरकार पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता केशव सिंह राजपूत, सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि अदालत ने दोषी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
शराब में जहर मिलाकर पिलाने से हुई थी मौत