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ओलावृष्टि से फसल बर्बाद देख किसान को सदमा लगा
mahoba
Updated Tue, 13 Feb 2018 11:37 PM IST
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श्रीनगर के मोहल्ला भैरवगंज में भारी ओलावृष्टि से बर्बाद फसल देखकर घर लौटे किसान को अचानक सदमा लग गया। जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक पर बैंक के अलावा साहूकारोंका भी कर्ज था। सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है।
कस्बा श्रीनगर के मोहल्ला भैरवगंज निवासी हजारीलाल (55) पुत्र अंबिका के पास सात बीघा भूमि थी। जिसमें खेती करके वह किसी तरह परिवार का भरण पोषण कर रहा था। हजारीलाल ने चार वर्ष पहले इलाहाबाद बैंक से एक लाख 20 हजार रुपये कर्ज लिया था जो बढ़कर एक लाख 65 हजार हो गया था। कर्ज माफी योजना के तहत किसान का एक लाख रुपया का कर्ज माफ हो गया था। बैंक का 65 हजार और करीब 50 हजार रुपये साहूकारों के कर्ज की अदायगी की चिंता किसान को सता रही थी।
सोमवार शाम बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई। साल भर की मेहनत और उम्मीदों में पानी फिर जाने से किसान मायूम होकर घर लौट आया तभी अचानक सदमा लगने से वह जमीन पर गिर गया। आनन फानन में परिजन उसे इलाज को जिला अस्पताल लाए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पुत्र धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पिता को बड़ी पुत्री रेखा की शादी और कर्ज की अदायगी की चिंता सता रही थी। उधर तहसीलदार महोबा राजेंद्र कुमार का कहना है कि घटना की जानकारी नहीं है। लेखपाल को भेजकर जांच कराई जाएगी।
कस्बा श्रीनगर के मोहल्ला भैरवगंज निवासी हजारीलाल (55) पुत्र अंबिका के पास सात बीघा भूमि थी। जिसमें खेती करके वह किसी तरह परिवार का भरण पोषण कर रहा था। हजारीलाल ने चार वर्ष पहले इलाहाबाद बैंक से एक लाख 20 हजार रुपये कर्ज लिया था जो बढ़कर एक लाख 65 हजार हो गया था। कर्ज माफी योजना के तहत किसान का एक लाख रुपया का कर्ज माफ हो गया था। बैंक का 65 हजार और करीब 50 हजार रुपये साहूकारों के कर्ज की अदायगी की चिंता किसान को सता रही थी।
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सोमवार शाम बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई। साल भर की मेहनत और उम्मीदों में पानी फिर जाने से किसान मायूम होकर घर लौट आया तभी अचानक सदमा लगने से वह जमीन पर गिर गया। आनन फानन में परिजन उसे इलाज को जिला अस्पताल लाए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पुत्र धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पिता को बड़ी पुत्री रेखा की शादी और कर्ज की अदायगी की चिंता सता रही थी। उधर तहसीलदार महोबा राजेंद्र कुमार का कहना है कि घटना की जानकारी नहीं है। लेखपाल को भेजकर जांच कराई जाएगी।
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