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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Farmer dies due to debt by debt

कर्ज से परेशान किसान की सदमे से मौत

Sat, 16 Dec 2017 11:14 PM IST
mahoba
mahoba Updated Sat, 16 Dec 2017 11:14 PM IST
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भरवारा (महोबा)। ग्राम भरवारा में सूखे के चलते फसल की पैदावार न होने व साहूकार और बैंक के कर्ज से परेशान किसान की शनिवार को सदमे से मौत हो गई। किसान के ऊपर साहूकारों का डेढ़ लाख और बैंक का 65 हजार रुपये कर्ज था।

ग्राम भरवारा निवासी रामकिशुन (55) पुत्र बहादुर के पास पांच बीघा जमीन थी। इस जमीन को किसान बैंक में गिरवी रखकर दो साल पहले एक लाख 65 हजार रुपये कर्ज लिया था। वहीं डेढ़ लाख रुपये साहूकारों का भी कर्ज था
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। सरकार ने ऋण मोचन योजना के तहत एक लाख रुपये किसान का कर्ज माफ कर दिया था। जिससे बैंक का सिर्फ 65 हजार रुपये शेष रह गया था। किसान को रबी की फसल आने पर शेष कर्ज की अदायगी हो जाने की उम्मीद थी। लेकिन सूखे के कारण वह तीन बीघा में ही बुवाई कर सका। जमीन परती पड़ी है।
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बारिश न होने से बोई गई फसल भी ठीक से नहीं उग सकी इससे किसान कर्ज की अदायगी को लेकर खासा परेशान था।
मृतक की पत्नी केसर ने बताया कि दो दिन से वह कर्ज को लेकर परेशान थे। शनिवार सुबह वह सोकर उठे और फिर अचानक गिर गए। जिससे उनकी मौत हो गई। किसान की मौत से परिजनों का बुरा हाल है।

ठंड की चपेट में आने से ग्रामीण की मौत
- बर्फीली हवाओं और ठंड ने आम आदमी को झकझोरा
अमर उजाला ब्यूरो
महोबा।
  जिले में शीत लहर और कड़ाके की ठंड के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त है। ठंड की चपेट में आकर एक ग्रामीण की मौत हो गई। ठंड बढ़ जाने के बाद भी पालिका प्रशासन ने अलाव जलाने के कोई इंतजाम नहीं है। स्थानीय लोगों ने ठंड से बचाव के लिए अलाव जलवाए जाने की मांग की है।।
ग्राम भरवारा निवासी इंद्रपाल अहिरवार (32) पुत्र भुल्लु अहिरवार शनिवार को सुबह शौच को गया था जहां उसे ठंड लग गई। परिजनों ने उसका घरेलू इलाज भी किया लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। कड़ाके  की ठंड और बर्फीली हवाओं ने गरीब वर्ग के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है।

इंसेट
कंबल वितरण का इंतजाम नहीं
सर्दी बढ़ने के बाद भी अभी तक प्रशासन ने कंबल वितरण का काम शुरू नहीं किया है। कंबल की आस में प्रतिदिन सैकड़ों महिलाएं तहसील महोबा चरखारी और कुलपहाड़ में चक्कर काट रही है। लेखपाल गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं की सूची तैयार करने में जुट गए है।
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