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बेटी और दामाद की हत्या में पिता को उम्रकैद
mahoba
Updated Wed, 04 Apr 2018 11:08 PM IST
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महोबा।
अदालत ने बेेटी और दामाद की कुल्हाड़ी से हत्या करने के मामले में पिता को दोहरे हत्याकांड का दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना श्रीनगर के ग्राम बिलरही निवासी रामेश्वर राजपूत के बेटे चंद्रभान राजपूत की शादी 30 अप्रैल 2015 को मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर के थाना लौड़ी क्षेत्र के मुढ़ारी निवासी उत्तम राजपूत की बेटी काजल के साथ हुई थी। काजल का पिता इस शादी से नाखुश था। शादी के 28 दिन बाद 28 मई 2015 को उत्तम अपनी बेटी काजल को लेने उसकी ससुराल ग्राम बिलरही गया था। गर्मी के दिन होने के कारण चंद्रभान अपनी पत्नी के साथ घर के बगल में खुले में लेट गया। जहां उसने अपने ससुर उत्तम राजपूत का भी पलंग बिछा दिया। रात में तीनों लोग सो गए। उत्तम राजपूत ने रात में कुल्हाड़ी से बेटी काजल और दामाद चंद्रभान पर ताबड़तोड़ वार किए। जिससे चीख पुकार मच गई। तभी घर के लोग दौड़े लेकिन उत्तम राजपूत भाग गया। घटना के कुछ समय बाद दोनों की मौत हो गई। मृतक के भाई लाल दीवान ने अगले दिन सुबह उत्तम राजपूत के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
न्यायाधीश अल्ला रक्खे खां ने बुधवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद उत्तम राजपूत को दोहरे हत्याकांड का दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 20 हजार रुपये का जुुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि आरोपी पूर्व से ही जेल में बंद है।
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अदालत ने बेेटी और दामाद की कुल्हाड़ी से हत्या करने के मामले में पिता को दोहरे हत्याकांड का दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना श्रीनगर के ग्राम बिलरही निवासी रामेश्वर राजपूत के बेटे चंद्रभान राजपूत की शादी 30 अप्रैल 2015 को मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर के थाना लौड़ी क्षेत्र के मुढ़ारी निवासी उत्तम राजपूत की बेटी काजल के साथ हुई थी। काजल का पिता इस शादी से नाखुश था। शादी के 28 दिन बाद 28 मई 2015 को उत्तम अपनी बेटी काजल को लेने उसकी ससुराल ग्राम बिलरही गया था। गर्मी के दिन होने के कारण चंद्रभान अपनी पत्नी के साथ घर के बगल में खुले में लेट गया। जहां उसने अपने ससुर उत्तम राजपूत का भी पलंग बिछा दिया। रात में तीनों लोग सो गए। उत्तम राजपूत ने रात में कुल्हाड़ी से बेटी काजल और दामाद चंद्रभान पर ताबड़तोड़ वार किए। जिससे चीख पुकार मच गई। तभी घर के लोग दौड़े लेकिन उत्तम राजपूत भाग गया। घटना के कुछ समय बाद दोनों की मौत हो गई। मृतक के भाई लाल दीवान ने अगले दिन सुबह उत्तम राजपूत के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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न्यायाधीश अल्ला रक्खे खां ने बुधवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद उत्तम राजपूत को दोहरे हत्याकांड का दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 20 हजार रुपये का जुुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि आरोपी पूर्व से ही जेल में बंद है।
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