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हत्या के मामले में पिता-पुत्र को पांच-पांच साल की सजा
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महोबा। जनपद न्यायाधीश महताब अहमद ने हत्या के मामले में पिता-पुत्र को 5-5 साल की सजा सुनाई। साथ ही दो-दो हजार रुपया का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर 3-3 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है।
17 जुलाई 2014 को कोतवाली कुलपहाड़ के ग्राम लाड़पुर निवासी नारायणदास के घर का बारिश का पानी पड़ोसी धर्मदास पुत्र लक्ष्मन ने बंद कर दिया, जिससे उसके घर में पानी भरने लगा। नारायणदास ने पड़ोसी से पानी खोलने के लिए कहा। जिस पर पड़ोसी धर्मदास और उसका बेटा सतीश ने नारायण पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए नारायण के पिता काशीप्रसाद, मां दंती और बहन सरोज को भी डंडों से पिटाई कर घायल कर दिया। नारायण दास के सिर पर गंभीर चोटें आने के कारण 17 जुलाई की रात में ही उसकी अस्पताल में मौत हो गई। 18 जुलाई 2014 मृतक के पिता काशी प्रसाद ने सतीश और उसके पिता धर्मदास के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
जनपद न्यायाधीश ने मंगलवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद सतीश और उसके पिता धर्मदास को हत्या का दोषी ठहराते हुए दोनों को 5-5 साल की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रमोद पालीवाल ने बताया कि अदालत ने दफा 323 में 3-3 माह की भी सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी और दोषियों को जेल भेज दिया गया है।
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हत्या में पिता-पुत्र को पांच-पांच साल की सजा
अदालत ने दोषियों को पुलिस हिरासत में जेल भेजा
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17 जुलाई 2014 को कोतवाली कुलपहाड़ के ग्राम लाड़पुर निवासी नारायणदास के घर का बारिश का पानी पड़ोसी धर्मदास पुत्र लक्ष्मन ने बंद कर दिया, जिससे उसके घर में पानी भरने लगा। नारायणदास ने पड़ोसी से पानी खोलने के लिए कहा। जिस पर पड़ोसी धर्मदास और उसका बेटा सतीश ने नारायण पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए नारायण के पिता काशीप्रसाद, मां दंती और बहन सरोज को भी डंडों से पिटाई कर घायल कर दिया। नारायण दास के सिर पर गंभीर चोटें आने के कारण 17 जुलाई की रात में ही उसकी अस्पताल में मौत हो गई। 18 जुलाई 2014 मृतक के पिता काशी प्रसाद ने सतीश और उसके पिता धर्मदास के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
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जनपद न्यायाधीश ने मंगलवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद सतीश और उसके पिता धर्मदास को हत्या का दोषी ठहराते हुए दोनों को 5-5 साल की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रमोद पालीवाल ने बताया कि अदालत ने दफा 323 में 3-3 माह की भी सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी और दोषियों को जेल भेज दिया गया है।
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हत्या में पिता-पुत्र को पांच-पांच साल की सजा
अदालत ने दोषियों को पुलिस हिरासत में जेल भेजा